जीनत अमान ने अपने करियर में एक से बढ़कर एक गाने इस फिल्म जगत को दिए है। उनकी फिल्में और उनके गानें आज भी कई लोगों के सबसे पसंदीदा गानों में शामिल होते हैं। पुराने गानों का अंदाज ही यही होता था, जब दिल की बात गानों में पिरो दी जाती थी और सुरीली आवाजें उन्हें सदाबहार बना देती थीं। 70 के दशक का 4 मिनट 39 सेकेंड का ये गाना इस बात का गवाह है।
‘चुरा लिया है तुमने जो दिल को’ एक ऐसा गीत है, जो प्रेम की उस खूबसूरत भावना को सामने लाता है, जिसमें शिकायत कम और अपनापन ज्यादा होता है। इस गीत में प्रेम किसी बड़े वादे या भारी शब्दों का नाम नहीं, बल्कि उस एहसास का नाम है जब कोई इंसान धीरे-धीरे हमारे दिल की दुनिया का सबसे जरूरी हिस्सा बन जाता है।
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फिल्म यादों की बारात का सदाबहार गीत
यह गीत साल 1973 में आई फिल्म ‘यादों की बारात’ से जुड़ा है और आशा भोसले तथा मोहम्मद रफी की आवाज इसे एक खास भावनात्मक गहराई देती है। गाने के बोल मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे थे और इसे संगीत दिया आर. डी बर्मन ने।
इसकी धुन में एक ऐसी मिठास है, जो समय बीतने के बाद भी पुरानी नहीं लगती। समय के साथ इस गाने के कई मोडर्न वर्जन भी रिलीज किए गए लेकिन आशा भोसले की आवाज में इसका ओरिजनल गीत आज भी सीधा दिल पर जाकर लगता है।
प्रेम में छिपी मासूम शरारत
गीत की सबसे खूबसूरत बात यह है कि इसमें प्रेम को गंभीर बोझ की तरह नहीं, बल्कि एक प्यारी-सी शरारत की तरह पेश किया गया है। इस गाने के बोल उस प्यार के इजहार को दिखाते हैं जो कोई भी प्रेमी अपने पार्टनर से कहना चाहता होता है।
इसमें प्रेमी-प्रेमिका के बीच की नोकझोंक भी है और एक-दूसरे के लिए गहरा आकर्षण भी। यही बैलेंस इस गीत को सहज बनाता है। इसे सुनते हुए लगता है कि प्यार शायद वास्तव में उतना ही सरल है। किसी की मौजूदगी से मन का खुश हो जाना।
प्यार के साथ धोखे का डर समझाता है
प्यार के इजहार के साथ-साथ इसमें एक डर भी मौजूद है जो शायद दो प्रेमियों के मन में रहत है, जैसे इस गाने के बोल हैं- बदलके मेरी तुम जिंदगानी, कहीं बदल ना जाना सनम। कई बार लोग हमारी लाइफ में आते हैं, उसे खास बनाते हैं, हर वो खुशी देते हैं जिसकी उम्मीद शायद हर कोई करता है लेकिन फिर अचानक वो एक दिन छोड़कर चले भी जाते हैं। तो प्यार के साथ उसी डर को भी बयां करता है ये गाना।
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क्यों आज भी दिल को छूता है यह गीत
समय बदल गया, संगीत की तौर-तरीके बदल गए और रिश्तों को जाहिर करने के तरीके भी बदल गए, लेकिन सच्ची भावनाओं की जरूरत आज भी वही है। यही कारण है कि यह गीत नई पीढ़ी को भी अपना-सा लगता है।
इसकी धुन में सुकून है, बोलों में अपनापन है और आवाज़ों में ऐसी गर्माहट है जो सीधे दिल तक पहुंचती है। शायद इसीलिए यह गीत सिर्फ पुराने दौर की याद नहीं, बल्कि प्रेम की उस भावना का प्रतीक है जो हर दौर में जीवित रहती है।
‘चुरा लिया है तुमने जो दिल को’ हमें याद दिलाता है कि कुछ रिश्ते शब्दों से नहीं, बल्कि एहसास से समझे जाते हैं और सच्चा प्रेम अक्सर वहीं सबसे ज्यादा खूबसूरत होता है, जहां उसे साबित करने की जरूरत नहीं पड़ती।
