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बॉलीवुड में हरियाणा के इन कलाकारों की धाक, फिर भी पिछड़ा हुआ है हरियाणवी सिनेमा

बॉलीवुड में हरियाणवी पृष्ठभूमि पर लगातार फिल्म निर्माण हो रहा है। लंबे समय से बॉलीवुड सिनेमा में हरियाणवी कलाकारों की धाक रही है। चाहे दिवंगत सुनील दत्त का दौर हो या फिर रणदीप हुड्डा।

Author December 1, 2017 3:05 AM

बॉलीवुड में हरियाणवी पृष्ठभूमि पर लगातार फिल्म निर्माण हो रहा है। लंबे समय से बॉलीवुड सिनेमा में हरियाणवी कलाकारों की धाक रही है। चाहे दिवंगत सुनील दत्त का दौर हो या फिर रणदीप हुड्डा। इसके बावजूद 51 सालों में हरियाणवी सिनेमा अपने पांव पर खड़ा नहीं हो सका है। इस अवधि के दौरान एक आध कलाकार को छोड़कर किसी ने भी हरियाणवी सिनेमा की मजबूती के लिए कोई कदम नहीं उठाया। देश के फिल्म उद्योग में करीब दो दर्जन कलाकार ऐसे हैं, जो हरियाणा की सरजमीं से ताल्लुक रखते हैं। इनमें शास्त्रीय संगीत के पुरोधा पंडित जसराज से लेकर फिल्म अभिनेता रणदीप हुड्डा, राजकुमार राव, यशपाल शर्मा और फिल्म अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा तक शामिल हैं। हरियाणा में अब तक सत्ता में रही कोई भी सरकार इन कलाकारों का इस क्षेत्र में बखूबी इस्तेमाल नहीं कर पाई है। हरियाणवी सिनेमा की अगर बात करें तो 51 साल में सिर्फ 43 फिल्में सामने आ पाई हैं। इनमें सिर्फ आधा दर्जन फिल्में ऐसी हैं, जो दर्शकों के दिल-ओ-दिमाग पर अपनी अमिट छाप छोड़ पाई हैं। उचित फिल्म नीति के अभाव और हरियाणा मूल के कलाकारों की उदासीनता का ही नतीजा है कि आज हरियाणवी सिनेमा पहचान के लिए छटपटा रहा है।

एक नवंबर 1966 को अस्तित्व में आने के बाद पहली हरियाणवी फिल्म ‘धरती’ 1968 में मिली। उसके 24 साल बाद तीसरी फिल्म ‘बहुरानी’ आई। यानी 22 साल तक हरियाणवी फिल्मों का सूखा पड़ा रहा। 1984 में ‘चंद्रावल’ ऐसी फिल्म बनी, जिसने पूरे देश में हरियाणवी सिनेमा को बुलंदियों पर पहुंचा दिया। 16 साल के लंबे अंतराल के बाद 2000 में ह्यलाडोह्ण फिल्म आई तो 2014 में ‘पगड़ी द आॅनर’ ने हरियाणा को नई पहचान दी। दिलचस्प बात यह है कि हरियाणा से बॉलीवुड में जाकर ख्याति हासिल करने वाले इन कलाकारों ने कभी भी हरियाणवी सिनेमा के उत्थान के लिए कोई काम नहीं किया। यह सभी कलाकार सरकारों द्वारा बनाई जाने वाली फिल्म नीतियों पर ही निर्भर रहे हैं। इस कारण पंजाबी, तमिल, उड़िया, भोजपुरी आदि क्षेत्रीय सिनेमा के मुकाबले हरियाणा कहीं भी नहीं ठहरता है।

फिल्मी कलाकार एवं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में युवा सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक रहे अनूप लाठर कहते हैं कि हरियाणा के लिए कुछ करना चाहता हूं, यह कहने वाले बॉलीवुड कलाकारों व निर्माता-निर्देशकों की कमी नहीं है। सवाल यह है कि आज तक उन्होंने क्या किया? उन्हें करने से किसने रोका? सबकी निगाह यहां की जमीन पर है। यहां की प्रतिभा पर नहीं। जहां तक पुराने हरियाणा में फिल्मों व संस्कृति को लेकर काम करने वालों की बात है, क्या उन्हें अनाथालय भेज दिया जाए। सरकार को इस बारे में सोचना होगा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर के मीडिया सलाहकार अमित आर्य के अनुसार हरियाणा की फिल्म नीति बनकर तैयार है। इसके तहत तमाम राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और ल्स्थानीय कलाकारों तथा निर्माता-निर्देशकों को लाभ मिलेगा। हरियाणवी सिनेमा और कलाकारों के प्रोत्साहन का खास ख्याल रखा गया है। सभी की राय ली गई।

कलाकार हरियाणा से संबंध
सतीश कौशिक धनौंदा (महेंद्रगढ़)
प्रियंका चोपड़ा अंबाला
जूही चावला अंबाला
मल्लिका सहरावत रोहतक
सोनू निगम फरीदाबाद
ओमपुरी (दिवंगत) अंबाला
परिणीति चोपड़ा अंबाला
राजकुमार राव गुरुग्राम
रणदीप हुड्डा जसिया (रोहतक)
सृष्टि राणा फरीदाबाद
सुनील दत्त (दिवंगत) मंडौली (यमुनानगर)
यश टांक सोनीपत
यशपाल शर्मा हिसार
सुनील ग्रोवर मंडी डबवाली (सिरसा)
सुरेंद्र शर्मा करौंथा (रोहतक)
गुलाम फरीद साबरी कल्याणा (रोहतक)
पंडित जसराज हिसार
जोहरा बाई अंबालावाली (दिवंगत) अंबाला
ऋचा शर्मा फरीदाबाद
सुभाष घई रोहतक
पारुल गुलाटी रोहतक
मनीष जोशी बिस्मिल हिसार

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