दिवाली से पहले खुलेंगे महाराष्ट्र के सिनेमाघर!

देश में लगभग 40 ओटीटी प्लेटफॉर्म धड़ल्ले से चल रहे हैं मगर बॉलीवुड की जान मानो सिनेमाघरों में बसी है।

अक्षय कुमार।

देश में लगभग 40 ओटीटी प्लेटफॉर्म धड़ल्ले से चल रहे हैं मगर बॉलीवुड की जान मानो सिनेमाघरों में बसी है। सिनेमा टिकटों से होने वाली आय का आज भी इस कारोबार में कोई तोड़ नहीं मिल पाया है। यही कारण है कि महीनों से कारोबारी अनिशिचतता के शिकार मल्टीप्लेक्स मालिकों के संगठन ने सिनेमाघर खोलने की महाराष्ट्र सरकार से अपील की है। महाराष्ट्र सरकार पर एक ओर मल्टीप्लेक्स खोलने के लिए दबाव बढ़ रहा है तो दूसरी ओर राज्य में मुख्य विपक्षी दल भाजपा भी सरकार पर मंदिरों को खोलने का दबाव बढ़ा रही है। इस दबाव को देखते हुए माना जा रहा है कि सरकार दीवाली से पहले कुछ शर्तों के साथ मल्टीप्लेक्स खोल सकती है।

सितंबर के पहले सप्ताह में सिनेमासंकुलों (मल्टीप्लेक्स) के संगठन ‘मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन आॅफ इंडिया’ ने महाराष्ट्र सरकार से अपील की कि और राज्यों की तरह महाराष्ट्र में भी सिनेमाघर को खोले जाएं। राज्य में सिनेमाघर पूरी तरह से बंद हैं, जिसके कारण इस कारोबार को लगभग 400 करोड़ रुपए महीने का नुकसान उठाना पड़ रहा है। कोरोना महामारी के चलते फिल्म कारोबार को हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। हालांकि महाराष्ट्र में गणेशोत्सव में होने वाली भीड़ के मद्देनजर राज्य सरकार ने सिनेमाघरों को खोलने से परहेज किया है। फिल्म संगठन सरकार पर सिनेमाघर खोलने का लगातार दबाव बना रहे हैं।

उम्मीद की जा सकती है सरकार सिनेमा कारोबारियों की परेशानी और राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति पर पुनर्विचार करते हुए दीवाली से पहले कुछ प्रतिबंधों के साथ सिनेमाघर खोल सकती है। अगर ऐसा होता है तो इसका सीधा फायदा अक्षय कुमार की दीवाली, पांच नवंबर, पर रिलीज होने वाली ‘पृथ्वीराज’ को मिलेगा। कोरोना काल में अक्षय की लक्ष्मी और बेल बॉटम जैसी फिल्मों को असफलता का मुंह देखना पड़ा है। सिर्फ अक्षय ही नहीं बॉलीवुड ने पूरे देश में आधी क्षमता से चल रहे सिनेमाघरों में अपनी फिल्में रिलीज करके देख लीं। अमिताभ बच्चन की ‘चेहरे’, अक्षय कुमार की ‘बेल बॉटम’ और कंगना रनौत की ‘थलैवी’ ने बॉक्स आॅफिस पर निराशाजनक प्रदर्शन किया। सलमान खान की ‘राधे’ के ओटीटी पर सारे राइट्स 230 करोड़ में बिक गए थे। मगर फिर से डील के बाद 40 करोड़ कम करने पड़े। ‘थलैवी’ के कारोबारी आंकड़े तो इतने कमजोर थे कि बताना तक जरूरी नहीं समझा गया।

दीवाली का सीजन बॉलीवुड के लिए कारोबारी तौर पर फायदेमंद रहता है। यह इतना महत्वपूर्ण समय होता है कि लोकप्रिय सितारों वाली फिल्मों का निर्माता साल भर पहले ही अपनी फिल्म के दीवाली पर रिलीज की घोषणा कर देता है ताकि दूसरी बड़ी फिल्मों से टकराव न हो। इस साल दीवाली पर अक्षय कुमार की ‘पृथ्वीराज’ के सामने शाहिद कपूर की फिल्म ‘जर्सी’ रिलीज की घोषणा की गई है।

सिनेमासंकुल के मालिकों का हर महीना चार सौ करोड़ का नुकसान हो रहा है। बीते कई महीनों से सिनेमाघरों के बंद रहने से इस कारोबार से जुड़े लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है। कई राज्य इस बात को समझ रहे हैं इसलिए जैसे ही उनके प्रदेश में स्थिति नियंत्रण में आ रही है वे एक के बाद एक सिनेमाघर खोलते जा रहे हैं। हाल ही में राजस्थान सरकार ने अपने प्रदेश में 50 फीसद क्षमता के साथ सिनेमाघर खोलने की घोषणा की है। महाराष्ट्र के सिनेमाघर इस व्यसाय में 30 फीसद का सहयोग देते हैं। कोरोना काल में एक बात साफ हो गई है। वह यह कि भारी भरकम बजट की फिल्मों की लागत सिनेमाघर ही निकाल सकते हैं। इसलिए लोगों को घर में बंद कर ओटीटी पर सिनेमा दिखाने के बजाय लोगों को घरों से बाहर निकाल कर सिनेमाघरों तक लाने में से ही यह उद्योग चलेगा।

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