हर रोज हजारों-लाखों लोग स्टार बनने का सपना लेकर मुंबई आते हैं, जिनमें से कुछ अपनी पहचान बना पाते हैं, तो कुछ भीड़ में कहीं गुम हो जाते हैं। 1990 का दौर भी कुछ ऐसा ही था, जब बॉलीवुड में नए कलाकार सिर्फ अपने पैर जमाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन तब एक लड़की सबसे अलग थीं, जिसका नाम था  निकी अनेजा।

उनका चेहरा इतना आकर्षक था कि लोग उनकी तुलना माधुरी दीक्षित से करने लगे थे। उनके अभिनय और एक्सप्रेशन इतने प्रभावशाली थे कि मशहूर फिल्ममेकर मुकुल आनंद ने उनसे कहा था कि तुम बहुत एक्सप्रेसिव हो, तुम्हें प्रोडक्ट नहीं, किरदार बेचने चाहिए।

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हालांकि, निकी ने वो किया, जो उस समय तो क्या आज भी बहुत कम लोग करने की हिम्मत करते हैं। उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी, जिससे विवाद खड़े हुए और फिर उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली। सिर्फ 19 साल की उम्र में लिए गए उनके फैसलों ने उनकी पूरी जिंदगी और करियर की दिशा तय कर दी। इसके बाद उन्होंने छोटे पर्दे पर काम किया और अपनी एक अलग पहचान बनाई।

जब निकी की होने लगी माधुरी से तुलना

निकी अनेजा का शोबिज में आना एक तरह से बगावत था। शुरुआत में उनका परिवार इसके खिलाफ था। ऐसे में उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए चुपचाप एक पोर्टफोलियो शूट करवाया। यह शूट उन्होंने अपने कजिन परमीत सेठी के घर पर किया और इसके लिए उन्होंने अर्चना पूरन सिंह के कपड़े पहने थे। फिर यहीं से उनके करियर की शुरुआत हुई।

शूटिंग के दौरान सेलिब्रिटी मेकअप आर्टिस्ट मिकी कॉन्ट्रैक्टर ने उन्हें देखा और कहा कि वह माधुरी दीक्षित जैसी दिखती हैं। इसके बाद निकी ने सिद्धार्थ कानन को दिए इंटरव्यू में बताया, “पहले शॉट की शुरुआत से ही माधुरी दीक्षित का लेबल था।” यह एक ऐसा लेबल था जो सालों तक उनके साथ रहा, जिसे उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में अपनाया, न तो इसे मना किया और न ही इस पर निर्भर रहीं।

अनिल कपूर के साथ किया डेब्यू

इसके कुछ समय बाद एक ज्वेलरी ब्रांड ने निकी को अपना ब्रांड फेस बना लिया। उस समय वह कॉलेज में ही पढ़ रही थीं। फिर इसी दौरान उन्हें मीठीबाई कॉलेज की तरफ से एक अंतरराष्ट्रीय स्टूडेंट ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा लेने के लिए चुना गया, जो सियोल में आयोजित हुई थी। इस प्रतियोगिता में निकी ने शानदार प्रदर्शन किया। वह रनर-अप रहीं और उन्हें पीस एंबेसडर शांति दूत का खिताब भी दिया गया।

निकी अनेजा जब सियोल से वापस लौटीं, तो कुछ ही समय बाद उन्हें फिल्म निर्माता पहलाज निहलानी का फोन आया। उन्होंने निकी को फिल्म के लिए मीटिंग के लिए बुलाया। लेकिन निकी के पिता ने फिर मना कर दिया। उन्होंने साफ कहा, “ये इंडस्ट्री तुम्हारे लिए नहीं है।”

लेकिन वही मीटिंग आगे चलकर उनके करियर की शुरुआत बन गई। इसी के जरिए निकी को 1994 की फिल्म ‘मिस्टर आजाद’ मिली, जिसमें वह अनिल कपूर के साथ नजर आईं। निकी ने बाद में बताया कि जैसे ही उन्होंने (मेकर्स) कहा कि मेरे हीरो अनिल कपूर होंगे, मैंने तुरंत कहा ठीक है।

‘मिस्टर आजाद’ के सेट पर हुआ असहज अनुभव

फिल्म ‘मिस्टर आजाद’ की शूटिंग के दौरान निकी को काफी असहज अनुभव हुआ। उन्हें लगा कि सेट पर उनके साथ ठीक व्यवहार नहीं हो रहा था और उनसे ऐसी चीजें करने को कहा जा रहा था, जिनका अभिनय से कोई लेना-देना नहीं था। निकी ने बताया, “मुझे ऐसा लगा जैसे मुझे दबाव में रखा जा रहा है। मुझसे कहा गया कि मुझे रात 11 बजे डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ डिनर पर जाना होगा।”

वह इस बात को लेकर सीधे निर्माता पहलाज के पास गईं और पूछा कि उन्हें इन डिनर पर क्यों ले जाया जा रहा है और क्यों बुलाया जाता है। निकी के अनुसार, उन्होंने जवाब दिया कि क्या तुम फिल्म को बेचना नहीं चाहती? इसके बाद निकी ने सवाल किया कि अगर आपने अनिल कपूर जैसे बड़े स्टार को साइन किया और फिर भी फिल्म नहीं बिक रही, तो फिर इसका क्या मतलब है?

इस मुद्दे के बाद निकी ने जब खुलकर विरोध किया, तो उनकी छवि खराब कर दी गई। उन्हें ‘मुश्किल’ या ‘डिफिकल्ट’ कहकर बुलाया जाने लगा और सेट पर उन्हें सही तरह से निर्देश भी मिलने बंद हो गए। सिर्फ 19 साल की उम्र में उन्होंने एक और बड़ा कदम उठाया। वह एक फिल्म मैगजीन के कवर पर नजर आईं, जिसकी हेडलाइन थी- Pehlaji: Not a maker, but a saboteur, जो सीधे तौर पर निर्माता पहलाज पर निशाना था।

इस फैसले से उनके फिल्मी करियर को फायदा नहीं मिला। हालांकि, एक्ट्रेस के लिए यह बात करियर से ज्यादा आत्म सम्मान की थी। निकी ने बताया, “मैं हर सुबह उठकर आईने में खुद को सम्मान के साथ देखना चाहती थी। इससे पहले कि इंडस्ट्री मुझे बाहर निकालती, मैंने खुद ही अपनी इज्जत के साथ वहां से निकलने का फैसला कर लिया।”

निकी ने ठुकराई शाहरुख खान की फिल्म

बता दें कि निकी अनेजा को शाहरुख खान स्टारर ‘यस बॉस’ में लीड रोल के लिए पहले ही साइन कर लिया था। हालांकि, उनके बाहर होने के बाद यह किरदार जूही चावला ने निभाया था। दरअसल, उस समय निकी के पिता गुजर गए और वह अपने पीछे कर्ज का पहाड़ छोड़ गए, जिसके बारे में परिवार को कुछ पता नहीं था।

फिर ‘यस बॉस’ के लिए पांच दिन की शूटिंग करने के बाद उन्होंने फिल्मों से पूरी तरह दूर रहने का फैसला किया और 1.5 लाख रुपये का एडवांस लौटा दिया। इसके बारे में निकी ने बताया, “मैं मेंटली और फिजिकली थक चुकी थी। मैंने रतन जी से कहा कि मैं उस हालत में काम नहीं कर सकती।”

जब टेलीविजन की तरफ किया रुख

कर्ज़ चुकाने और परिवार को सपोर्ट करने के लिए निकी अनेजा ने टेलीविजन की तरफ रुख किया। अभिनेत्री ने कहा कि मैंने तय किया कि फिल्मों के समंदर में छोटी मछली बनने के बजाय, मैं टेलीविजन के तालाब में बड़ी मछली बनूंगी। निकी का यह फैसला काम कर गया।

कुछ ही सालों में उनके हाथ कई शो लगे, जिसमें ‘दास्तान’, ‘अंदाज’, ‘बात बन जाए’ और ‘सेहर’ समेत कई नाम शामिल थे। यह शो करने के बाद वह छा गईं। सिर्फ इतना ही नहीं, उन्होंने अनुभव सिन्हा जैसे डायरेक्टर्स के साथ भी काम किया और खुद को टीवी के सबसे सबसे भरोसेमंद चेहरों में से एक के तौर पर स्थापित किया। टीवी शो करने के बाद एक्ट्रेस ने सारे कर्ज चुका दिए थे। साथ ही अपनी बहन की शादी भी कर दी।

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