ताज़ा खबर
 

TMKOC: शो के प्रोड्यूसर डिजाईन करते थे थियेटर लाइट्स, नाटकों को करते थे ट्रांसलेट; असित मोदी ने बताई अपने संघर्ष की कहानी

तारक मेहता.. के प्रोड्यूसर असित मोदी ने बताया कि उन्हें शुरुआत में बहुत मुश्किलें झेलनी पड़ीं थीं और उस वक़्त ज्यादा सैटेलाइट चैनल्स भी नहीं थे। उन्होंने सबसे पहले एक गुजराती सीरियल बनाई थी।

तारक मेहता .. के निर्माता असित कुमार मोदी

टेलीविजन जगत में ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ एक मील का पत्थर साबित हुआ है। इस धारावाहिक ने सफलता के नए परचम लहराए हैं और दर्शकों के बीच अपनी अमिट छाप छोड़ी है। इसका एक – एक कलाकार अपने अभिनय से लोगों के दिलों में बसा हुआ है। शो को देखकर इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसके पीछे कितनी मेहनत होती होगी। इस शो को असित कुमार मोदी प्रोड्यूस करते हैं और अपने टैलेंट के बल पर उन्होंने 12 सालों बाद भी इस शो को सबका पसंदीदा बनाए रखा है।

असित कुमार मोदी ने अपने शुरुआती करियर में बहुत मुश्किलें झेली थीं। उन्होंने शुरू में कई छोटे- छोटे काम किए और फिर जाकर वो एक प्रोड्यूसर बने। एबीपी के शो ‘सास बहू और साज़िश’ को दिए एक पुराने इंटरव्यू में असित मोदी ने बताया कि वो शुरू में थियेटर्स में लाइट लगाने का काम करते थे। और अब उन्हें अपने संघर्ष के दिन याद कर बहुत अच्छा भी लगता है।

उन्होंने बताया, ‘शुरुआत काफी संघर्षमय रही। जब पुराने दिन याद करता हूं तो लगता है कि उस वक़्त काम में बहुत मज़ा भी आता था। मैं असिस्टेंट डायरेक्टर था, थियेटर में लाइट डिजाईन करता था। कलरफुल लाइट्स और जो मूड लाइट्स होती हैं मैं उन्हें डिजाईन करता था। थोड़ा बहुत लिखता भी था, एक्टिंग भी करता था। जब मैं कॉलेज में था तभी से मैं ड्रामा में पार्ट लेता था। नाटक डायरेक्ट करता था। नाटकों को ट्रांसलेट करने का काम भी मैंने किया।’

उन्होंने आगे बताया, ‘हमारे यहां मुंबई में कई कॉम्पटीशन में मुझे बेस्ट एक्टर, बेस्ट डायरेक्टर के बहुत सारे अवॉर्ड मिले। फिर कोशिश किया कि चलो इसी क्रिएटिव फील्ड में ही तकदीर आजमाएंगे। उस वक़्त स्ट्रगल भी ज़्यादा था क्योंकि सैटेलाइट चैनल्स उतने थे नहीं। ज्यादातर मैं गुजराती थियेटर पर निर्भर था। मैंने शुरु में गुजराती में सीरियल बनाई, अहमदाबाद दूरदर्शन के लिए।’

वे आगे बोलें, ‘अहमदाबाद दूरदर्शन के लिए मैंने बहुत सारा काम किया। फिर धीरे- धीरे मैंने अपना प्रोडक्शन हाउस खोला- नीला टेलीफिल्म्स। उसके अंडर मैंने ‘हम सब’ नाम से सीरियल बनाई। मुझे डायरेक्शन करने का मन ज्यादा था लेकिन अपनी कंपनी खोल दी तो प्रोड्यूस करना ही सही समझा। मैं इससे ज़्यादा कन्सन्ट्रेशन से काम कर पाता हूं।’

असित मोदी ने बताया कि वो बिज़नेस के लिए इस फील्ड में नहीं आए हैं बल्कि कुछ अच्छे टीवी सीरियल्स बनाने के मकसद से आए हैं। उन्होंने कहा कि एक प्रोड्यूसर की ज़िन्दगी बहुत मुश्किल होती है। वे बोले, ‘एक टेलीविजन प्रोड्यूसर की ज़िन्दगी बहुत ख़तरनाक होती है। शो आना ही है, चाहे 15 अगस्त हो, 26 जनवरी हो या 1 मई हो। हर रोज़ की कॉमेडी स्क्रिप्ट बनानी है। हर रोज़ लोगों को हंसाना है। रोज़ हंसाना थोड़ा मुश्किल है लेकिन ईश्वर की कृपा से हो जाता है।’

Next Stories
1 Bhabhi Ji Ghar Par Hain: पिता चाहते थे डॉक्टर बने ‘विभूति जी’, थियेटर करने लगे तो छोड़ दिया था एकलौते बेटे का साथ; आसिफ़ शेख़ ने बताई कहानी
2 Kapil Sharma Show: शो पर पहुंचीं नेहा कक्कड़ की कपिल शर्मा ने ऐसे खींची टांग, कहा- बचपन में आपको टीके लगे थे या हारमोनियम, तबला
3 TMKOC: जब कैमरामैन के पीछे टप्पू सेना ने लिखकर चिपका दिया, ‘स्लैप मी’, राज अनादकट ने सुनाया सेट पर मस्ती का किस्सा
ये  पढ़ा क्या?
X