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तारक मेहता से पहले डेढ़ साल खाली बैठे थे जेठालाल, सलमान खान संग दो हिट फिल्म देने के बावजूद नहीं मिल रहा था काम

एफआईआर जैसे सीरियल में दिलीप जोशी कैरेक्टर रोल करने लगे थे। उनको बराबर काम मिलना बंंद हो गया था। साल 2006 में जब तारक मेहता का उल्टा चश्मा के लिए उन्हें एप्रोच किया गया उस वक्त उनके पास कोई काम नहीं था।

Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah, Dilip joshi aka jethalal,हीरो का सपना लिए मुंबई आए जेठालाल को सलमान खान की फिल्म से एक्टिंग में डेब्यू करने का मौका मिला।

टीवी शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा (Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah) के जेठालाल यानी दिलीप जोशी को बचपन से ही एक्टिंग का शौक था। वह पढ़ाई के दौरान भी एक्स्ट्रा एक्टिविटी में हिस्सा लेते थे। स्कूल के हर कार्यक्रम का वे प्रतिनिधित्व करते थे। यही वजह रहा कि वे एक बार फेल भी हो गए थे। जेठालाल को लगा कि अब पिता से डांट तो पड़ेगी लेकिन पिता ने एक भी शब्द नहीं बोला। जिसपर जेठालाल को काफी हैरानी हुई। दरअसल पिता को इस बात का एहसास हो गया था कि दिलीप जोशी को एक्टिंग में ही दिलचस्पी है।

जेठालाल मुंबई आए और पृथ्वी थिएटर से जुड़ गए। कई नाटकों में हिस्सा लिया। हीरो का सपना लिए मुंबई आए जेठालाल को सलमान खान की फिल्म से एक्टिंग में डेब्यू करने का मौका मिला। फिल्म थी- मैंने प्यार किया। यह फिल्म साल 1989 में आई थी। जिसमें उन्होंने रामू का किरदार निभाया था। फिल्म सफल रही लेकिन सारा श्रेय हीरो यानी सलमान और प्रोड्यूसर के हिस्से चला गया। क्योंकि फिल्म में रामू का किरदार काफी छोटा था।

इस फिल्म के बाद जेठालाल को सलमान खान संग दोबारा काम करने का मौका मिला। सूरज बड़जात्या सलमान खान को लेकर पारिवारिक फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’ बना रहे थे। इस फिल्म के सारे कास्ट भी मैंने प्यार किया के ही थे, सिवाय लीड एक्ट्रेस के। सूरज बड़जात्या ने दिलीप जोशी को भी एक रोल ऑफर किया। जिसका नाम था भोला भैया। यह फिल्म साल 1994 में रिलीज हुई और पिछली सारी फिल्मों का रिकॉर्ड तोड़ दिया लेकिन स्थिति फिर वही थी कि दिलीप जोशी इस बार भी अननोटिस ही रह गए।

दिलीप जोशी इस दौरान छोटे-मोटे रोल करते रहे। लेकिन वह पहचान नहीं मिल पा रही थी जिसकी उन्हें दरकार थी। लिहाजा उन्होंने टीवी की तरफ रुख करने का मन बना लिया। साल 1995 में टीवी शो मिला- कभी ये कभी वो। इसके बाद उन्होंने ‘क्या बात है’ में रंगास्वामी का रोल किया। यह एक मद्रासी किरदार था। जिसे काफी सराहा गया। इसके बाद 1999 में शो किया, ये दुनिया है रंगीन। तो वहीं शुभ मंगल सावधान का भी हिस्सा बनें। इस दौरान वे सिनेमा भी करते रहे। लेकिन उनकी पहचान अभी भी गुमनाम थी।

एफआईआर जैसे सीरियल में दिलीप जोशी कैरेक्टर रोल करने लगे थे। उनको बराबर काम मिलना बंंद हो गया था। साल 2006 में जब तारक मेहता का उल्टा चश्मा के लिए उन्हें एप्रोच किया गया उस वक्त उनके पास कोई काम नहीं था। इस शो से पहले जेठालाल यानी दिलीप जोशी करीब डेढ़ साल तक बिना काम के घर बैठे रहे। मजेदार बात है कि दिलीप जोशी को पहले चंपक लाल के रोल के लिए चुना गया लेकिन उन्होंने इसे करने से मना कर दिया। उन्होंने जेठालाल का किरदार चुना और चंपकलाल के लिए अपने थिएटर के साथी अमित भट्ट का नाम सुझाया।

तारक मेहता शो बन कर साल 2008 में ऑनएयर हुआ और धीरे-धीरे टीवी के ये पॉपुलर शो बन गया। इसके किरदारों की पहचान घर घर में होने लगी। जिसमें दिलीप जोशी यानी जेठालाल भी थे। दिलीप जोशी को इस शो ने वो सब दिया जिसे उन्हें कई सुपरस्टार संग काम करने के बाद भी नसीब नहीं हुई थी। यह शो 3 हजार से ज्यादा एपिसोड प्रसारित कर चुका है। वहीं जेठालाल साल 2009 से लगातार टीवी के बेस्ट कॉमेडियन का अवॉर्ड जीत रहे हैं। तारक मेहता टीवी का लॉन्गेस्ट रनिंग शो बन चुका है। और दिलीप जोशी हाईएस्ट पेड एक्टर।

 

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