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Uttar Ramayan: 14 वर्षों से प्रायश्चित की ज्वाला में जल रही मंथरा ने राम से दंड पाने की लगाई गुहार

Uttar Ramayan: 19 अप्रैल से दूरदर्शन पर 'रामायण' की जगह 'उत्तर रामायण' टेलीकास्ट किया जा रहा है। लॉकडाउन के बीच जनता की मांग पर शुरू हुए 'रामायण' की सफलता को देखते हुए दूरदर्शन ने ये फैसला किया है।

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Uttar Ramayan : अयोध्यावासी राम को राजा के रूप में अपनाते हुए उनका स्वागत करते हैं। इस दौरान राम कहते हैं जो देश के लिए सबकुछ त्याग नहीं कर सकता वह राजा बनने के योग्य नहीं। यदि जीवन की अनमोल चीजें भी इसके लिए त्यागनी पड़े तो तनिक भी देर नहीं करेंगे। राम के राजा बनने के बाद कही ये बातें लोगों के दिलों में उतर जाती है। सभी उनके जय का उद्घोष करते हैं।

राजा बनने के बाद राम अपने भाइयों और सीता के साथ माताओं से मिलने जाते हैं। कैकयी कक्ष में जाते वक्त भरत बाहर ही रूक जाते हैं। भरत कैकयी कक्ष में आने का वर्षों से त्याग किया है। लेकिन राम को जब ये बात पता चलती है तो वह भरत को कक्ष में लाते हैं और कैकयी के सामने कहते हैं कि माता का अनादर करना सबसे बड़ा पाप है। जो मां नव महीने गर्भ में रख पोषण करती है जैसी भी हो वह वंदनीय है और पूजनीय है। भरत से कहते हैं देख अब तो पिता ने भी मां को दिया श्रॉप वापस ले लिया है। राम दशरथ से मांगे वर का जिक्र करते हैं। लक्ष्मण भी रोते हुए कैकयी से कहते हैं- हां मां पिता ने दिया श्रॉप वापस ले लिया है। कैकयी ये बात सुन रो पड़ती हैं और कहती हैं आप धन्य हैं महाराज..। भरत और कैकयी एक दूसरे को गले लगा रो पड़ते हैं।

वहीं राजा बनने के बाद राम अपने महल के सेवकों को भेंट देते हैं। वहीं जब राम मंथरा के बारे में पूछते हैं तो कौशल्या बताती हैं कि वह 14 वर्ष से प्रायश्चित की ज्वाला में जल रही है। राम उसके बाद लक्ष्मण और सीता के साथ मंथरा के कक्ष में जाते हैं। वह मंथरा को माई कह जगाते हैं जिसके बाद हैरान होती है और राजा राम कहते दौड़ उनके पास जाती है। मंथरा कहती है महाराज मुझे दंड दीजिए। मैं 14 साल से दंड का इंतजार कर रही हूं..। वह बार बार दंड पाने की गुहार लगाती है। वहीं राम लक्ष्मण को मंथरा को प्रणाम कहने को कहते हैं। सीता को भी राम मंथरा का पैर छुने को कहते हैं। जानकी से कहते हैं मंथरा तुम्हारी सास की तरह है।

लव-कुश प्रसंग की शुरुआत

रामायण में राम के राजतिलक के बाद का प्रसंग अब लव-कुश (Luv Kush) के रूप में दिखाया जाएगा। दर्शकों को आज से लव-कुश के प्रसंग से रू-ब-रू कराया जाएगा। बता दें 19 अप्रैल से दूरदर्शन पर ‘रामायण’ की जगह ‘उत्तर रामायण’ टेलीकास्ट किया जा रहा है। लॉकडाउन के बीच जनता की मांग पर शुरू हुए ‘रामायण’ की सफलता को देखते हुए दूरदर्शन ने ये फैसला किया है। आज से इसे सिर्फ रात 9 बजे के स्लॉट में टेलीकास्ट दिखाया जाएगा, जबकि सुबह 9 बजे के स्लॉट में रात वाले एपिसोड का ही रिपीट टेलीकास्ट होगा। दूरदर्शन ने इस बात के संकेत भी दिए हैं कि आने वाले समय में 90 के दशक के पॉपुलर शो ‘श्रीकृष्णा’ का पुनः प्रसारण भी किया जा सकता है।

 

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Highlights

    21:55 (IST)19 Apr 2020
    14 वर्ष से प्रायश्चित की ज्वाला में जल रही है मंथरा

    राजा बनने के बाद राम अपने महल के सेवकों को भेंट देते हैं। वहीं जब राम मंथरा के बारे में पूछते हैं तो कौशल्या बताती हैं कि वह 14 वर्ष से प्रायश्चित की ज्वाला में जल रही है। राम उसके बाद लक्ष्मण और सीता के साथ मंथरा के कक्ष में जाते हैं। वह मंथरा को माई कह जगाते हैं जिसके बाद हैरान होती है और राजा राम कहते दौड़ उनके पास जाती है। मंथरा कहती है महाराज मुझे दंड दीजिए। मैं 14 साल से दंड का इंतजार कर रही हूं..।

    21:49 (IST)19 Apr 2020
    भरत ने मां कैकयी को लगाया गले, उमड़ा बेटे पर प्यार

    जैसा कि भरत ने माता कैकयी कक्ष में आने का वर्षों से त्याग किया था। लेकिन राम भरत को कक्ष में लाते हैं और कैकयी के सामने कहते हैं कि माता का अनादर करना सबसे बड़ा पाप है। राम के समझाने के बाद भरत माता को गले लगा लेते हैं। बेटे को वर्षों बाद गले लगाए जाने पर कैकयी का प्यार उमड़ पड़ता है। दोनों गले लग खूब रोते हैं...

    21:39 (IST)19 Apr 2020
    भरत ने वर्षों से किया था कैकयी के कक्ष में जाने का त्याग, राम ने कही ये बात

    भरत कैकयी कक्ष में आने का वर्षों से त्याग किया था। लेकिन राम को जब ये बात पता चलती है तो वह भरत को कक्ष में लाते हैं और कैकयी के सामने कहते हैं कि माता का अनादर करना सबसे बड़ा पाप है। जो मां नव महीने गर्भ में रख पोषण करती है जैसी भी हो वह वंदनीय है और पूजनीय है। भरत से कहते हैं देख अब तो पिता ने भी मां को दिया श्रॉप वापस ले लिया है। राम दशरथ से मांगे वर का जिक्र करते हैं। लक्ष्मण भी रोते हुए कैकयी से कहते हैं- हां मां पिता ने दिया श्रॉप वापस ले लिया है। कैकयी ये बात सुन रो पड़ती हैं और कहती हैं आप धन्य हैं महाराज..। 

    21:29 (IST)19 Apr 2020
    सीता राम दरस रस बरसे जैसे सावन की झड़ी...

    राजतिलक के बाद राम अपने सेवकों, नागरिकों से मिलने रथ पर सीता, लक्ष्मण और हनुमान के साथ निकलते हैं। पूरी अयोध्या की प्रजा राम के स्वागत में गाती है- सीता राम दरस रस बरसे जैसे...

    21:25 (IST)19 Apr 2020
    राजा बनना उतना ही कठिन है जितना सेवक बनना..

    राजा बनना उतना ही कठिन है जितना सेवक बनना है। अयोध्यावासी ने राम को राजा के रूप में स्वीकार करते हैं और स्वागत करते हैं। जो देश के लिए सबकुछ त्याग नहीं कर सकता वह राजा बनने के योग्य नहीं। यदि जीवन की अमोल चीजें भी त्यागनी पड़े तो तनिक भी देर नहीं करेंगे। राम के राजा बनने के बाद कही ये बातें लोगों के दिलों में उतर जाती है। सभी उनके जय का उद्घोष करते हैं।

    21:14 (IST)19 Apr 2020
    वाल्मीकि ने लव-कुश प्रसंग को उत्तर कांड का नाम दिया है

    एपिसोड के शुरुआत में रामानंद सागर ने बताया कि वाल्मीकि ने लव-कुश प्रसंग को उत्तर कांड का नाम दिया है जिसे हमने उत्तर रामायण के नाम से प्रसारित किया है। हम ये दिखाना नहीं चाहते थे लेकिन दर्शकों की मांग और संसद में भी इसके दिखाने की बात पर हमने इसे दिखाने की योजना बनाई..

    21:09 (IST)19 Apr 2020
    शुरू हुआ उत्तर रामायण

    रामानंद सागर बताते हैं- सीता वनवास और लव कुश का प्रसंग पहले ही लिख दिया था। रामानंद सागर बताते हैं कि वाल्मीकि ने जो करूणा भरे प्रसंग थे उसका भी वर्णन किया है। इसलिए यह तुलसी से अलग हो जाता है

    11:36 (IST)19 Apr 2020
    विधिवत तरीके से हुआ प्रभु श्री राम का राज तिलक

    भगवान के अयोध्या पहुंचने के बाद दीपावली मनाई गयी है। जिसके बाद भगवान को अयोध्या का राज सौंप दिया गया और प्रभु का विधिवत तरीके से राज तिलक किया गया। तीनो लोक में प्रभु के यश की कीर्ती गायी जा रही है। सभी जय श्री राम और सिया वर राम चन्द्र की जय जय कार रहे हैं।

    11:30 (IST)19 Apr 2020
    भगवान श्री राम का हो रहा राज तिलक

    प्रभु श्री राम का अयोध्या पहुंचने पर सबसे भेंट होने के उपरांत राज तिलक हो रहा है। इस दौरान हनुमान जी, किशकिंदा नरेश सुग्रीव और लंका नरेश सुग्रीव भी मौजूद हैं। 

    11:19 (IST)19 Apr 2020
    अति दर्शनीय दृश्य रामायण में चल रहा भरत राम मिलाप

    रामायण के आखिरी में राम अयोध्या लौट आए हैं जिसके बाद वो सभी से निल रहे हैं। जिसके बाद भरत से मिलने पर भरत और प्रभु श्री राम दोनों ही भाव विभोर हो गए हैं। ये मार्मिक दृश्य रामायण में काफी प्रसिद्ध है।

    11:06 (IST)19 Apr 2020
    भगवान के रावण का अंत करने के बाद अयोध्या लौटने पर मनी दीपावली

    भगवान श्री राम, रावण का वध करने के बाद अपने चौदह वर्ष का वनवास पूरा करने के बाद अयोध्या लौटे हैं। जिस वजह से पूरी अयोध्या नें दीप जलाए जा रहे हैं और उत्सव का माहौल है। इस दौरान प्रभु की मां कौशल्या, भरत, और लक्ष्मण जी की पत्नि उर्मिला काफी भावुक नजर आ रहे हैं।

    11:03 (IST)19 Apr 2020
    अयोध्या में उत्सव का माहौल

    अपने प्राणों को त्यागने को बैठे भरत को हनुमान जब राम के रावण वध और अयोध्या लौटने की बात बताते हैं तो पूरे अयोध्या में उत्सव मनाया जाने लगता है। पूरी अयोध्यावासी ढोल-नगाड़े बजा अपनी खुशी जाहिर करते हैं।

    10:57 (IST)19 Apr 2020
    प्रभु के आगमन की सूचना ना मिलने पर प्राण त्यागने बैठे भरत

    भगवान के 14 वर्ष के वनवास के बाद भरत जी ने कहा था कि अगर 14 वर्ष बाद एक भी दिन श्री राम को आने में देरी हुई तो मैं अपने प्राण त्याग दूंगा। श्री राम के वनवास के 14 वर्ष के अंतिम दिन भी कोई संदेश ना आने पर प्राण त्यागने बैठे भरत जी को हनुमान जी ने भगवान के आने की सूचना दी। जिसके बाद खुशी से भरत ने पूरे नगर में ढोल-नगाड़े बजवा दिए।

    10:53 (IST)19 Apr 2020
    निशाद राज से मिलने पहुंचे प्रभु, जानकी माता करेंगी गंगा की पूजा

    भगवान अपना दिया हुआ वचन सदैव निभाते हैं। इसलिए जाते वक्त निशाद राज से किया वचन निभाया और उनसे मिलने पहुंचे। इस दौरान जानकी मां गंगा की पूजा करेंगी।

    10:50 (IST)19 Apr 2020
    भरद्वाज मुनि के दर्शन के लिए पहुंचे प्रभु श्री राम, हनुमान जी को भेजा अयोध्या

    राम पुष्पक विमान से लंका से अयोध्या रवाना होते हैं। बीच में राम पुष्पक विमान रोकते हैं और महर्षि भारद्वाज से मिलने की इच्छा जताते हैं। वहीं वह हनुमान को तुरंत अयोध्या जाने और भरत को मेरे आने की सूचना देने के लिए कहते हैं। हनुमान तुरंत अयोध्या लौट जाते हैं और भरत से मिल वह राम के बारे में बताते हैं..

    10:47 (IST)19 Apr 2020
    अयोध्या लौटने से पहले भगवान ने किया वानर सेना का भावुक मन से धन्यवाद

    अयोध्या के राजा राम ने रावण से युद्ध में साथ देने के लिए वानर सेना का धन्यवाद किया है। इस दौरान वो भावुक अवस्था में नजर आ रहे हैं। प्रभु ने सभी वानर वीरों का धन्यवाद करते हुए उन्हें प्रणाम किया।

    10:39 (IST)19 Apr 2020
    पुष्पक विमान की सहायता से अयोध्या लौटेंगे भगवान

    राम भरत की बातों को याद करते हैं और कहते हैं पुष्य नक्षत्र की पंचमी तिथी हो गई और अयोध्या काफी दूर है। अगर हम समय पर नहीं गए तो भरत जलती चिता में कूद जाएगा। राम की इस चिंता पर विभीषण ने कहा कि कुबेर के पुष्पक विमान हमारे पास है जिसे रावण ने छिन लिया था। इससे हम लोग अयोध्या जाएंगे।

    10:33 (IST)19 Apr 2020
    ब्रह्मा ने राम को उनके अवतार के कार्य को सिद्ध करने के लिए आशीर्वाद दिया

    ब्रह्मा राम को उनके नरावतार को याद दिलाते हुए धर्म और कार्य को सिद्ध करने की बात कही। वहीं दशरथ भी अपने पुत्र राम की सच्चाई जान अपने को भाग्यवान बताते हैं। दशरथ राम को वर मांगने को कहते हैं जिसपर राम अपनी माता कैकेयी का श्रॉपमुक्त करने को कहा। वह दशरथ से कहते हैं कि आप माता को अंतिम पलों में त्याग का दिेए हुए श्रॉप को वापस ले लीजिए। दशरथ अपना श्रॉप वापस ले लेते हैं।

    10:26 (IST)19 Apr 2020
    श्री राम ने मां जानकी को अग्निदेव से वापस लिया

    प्रभु से मिलने से पहले मां सीता मां ने अग्निदेव से आजाद होने की आज्ञा ली है। जिसके लिए वो अग्नि से होकर गुजरी हैं। इस दौरान खुद अग्नि देव ने उन्हें प्रभु की शरण में छोड़ने आए हैं। जिसके बाद देवता ऊपर से फूल बरसाते दिखे

    10:21 (IST)19 Apr 2020
    श्री राम के सामने आईं मां जानकी

    लंका से सम्मान के साथ आने के बाद प्रभु श्री राम के सम्मुख आई मां जानकी लेकिन प्रभु से मिलने से पहले सीता जी दे रही हैं अग्नि परीक्षा

    10:19 (IST)19 Apr 2020
    भगवान ने लक्ष्मण को बताया कि रावण सीता हरण करेगा मुझे पहले से पता था

    माता सीता को रावण की लंका से छुड़ाने के बाद भगवान ने अग्नि देव से उन्हें वापस मांगने का कहा है, क्योंकि उन्हें पहले से पता था कि रावण माता सीता का हरण करने वाला है। जिस वजह से भगवान ने सीता माता को अग्नि देव की सुरक्षा में भेज दिया था और रावण ने मां सीता के प्रतिबिंब मात्र का हरण किया था। 

    10:16 (IST)19 Apr 2020
    जानकी जी के लिए श्री राम पर क्रोधित हुए लक्ष्मण

    श्री राम ने जानकी जी के आने से पहले लक्ष्मण जी से कहा कि सीता के लिए अग्नि का प्रबंध करो जिसके बाद लक्ष्मण जी ने कहा आप मेरी पवित्र मां समान भाभी पर संदेह कर रहे हैं। जिसके बाद राम जी ने उनका क्रोध शांत करने के लिए एक कथा सुनाई। इसके बाद लक्ष्मण जी ने अपने बड़े भाई से माफी मांगी।

    10:12 (IST)19 Apr 2020
    भगवान ने विभीषण को सीता जी को लंका से रिहा करने का आदेश दिया

    श्री राम और जानकी जी का मिलन अब कुछ ही देर में होने वाला है। जिसके लिए भगवान ने लंका के राजा विभीषण को आदेश दिया है कि जानकी को छुड़ाने का उचित प्रबंध कराया जाए।

    10:02 (IST)19 Apr 2020
    श्री राम के आदेश से जानकी जी के पास पहुंचे हनुमान

    लंका के नये राजा विभीषण की आज्ञा लेकर हनुमान जी। रावण के वध की सूचना लेकर मां जानकी के पास पहुंचे हैं और उन्होंने कहा कि प्रभु कुछ ही क्षणों में आपको लंका से आजाद कराने वाले हैं।

    10:00 (IST)19 Apr 2020
    राज तिलक के बाद भगवान का आर्शीवाद लेने पहुंचे विभीषण

    श्री राम के कहने से लंका के राजा बने विभीषण अपने राज तिलक के बाद भगवान से आर्शीवाद लेने पहुंचे हैं। जिसके बाद भगवान ने उनका सम्मान किया और उन्हें राज्य ज्ञान  भी दिया है।

    09:57 (IST)19 Apr 2020
    प्रभु की इच्छा अनुसार विभीषण का हुआ राज तिलक

    रावण के वध के उपरांत भगवान की आज्ञा से विभीषण का लंका में राज तिलक हुआ है। विभीषण ने नये लंकेश का पदभार संभाला है उनके इस राज तिलक कार्यक्रम में सुग्रीव, हनुमान जी और लक्ष्मण जी पहुंचे हैं।

    09:55 (IST)19 Apr 2020
    विभीषण ने श्री राम से कहा नहीं चाहिए लंका का राज

    भगवान ने विभीषण को वचन दिया था कि वो विभीषण को लंका का राजा बनाएंगे। लेकिन रावण की चिता को अग्नि देने का बाद विभीषण ने प्रभु से लंका का राज्य ना लेने की इच्छा जताई। इसके बाद भगवान ने उन्हें कर्तव्य पालन का ज्ञान दिया।

    09:48 (IST)19 Apr 2020
    लंका में राजकीय सम्मान के साथ निकली दशानंद रावण की शवयात्रा

    भगवान के हाथों मृ्त्यु को प्राप्त होने के बाद रावण की शव यात्रा लंका में पूरे राजकीय सम्मान के साथ निकली है। इस दौरान पूरी लंका में शोक की लहर दिखाई दे रही है। छोटे भाई  विभीषण रावण के नाना माल्यवान भी शवयात्रा में मौजूद। विभीषण ने किया रावण का अंतिम संस्कार

    09:45 (IST)19 Apr 2020
    भगवान ने रावण की आत्मा को सदगति प्राप्त करने का वरदान दिया

    रावण के मृत शरीर पर विलाप करते उसके नाना, पत्नी मंदोदरी और भाई विभीषण से रावण का अच्छी तरह अंतिम संस्कार करने की अनुमति देने के साथ भगवान ने रावण को सदगति प्राप्त होने का वरदान दिया।

    09:42 (IST)19 Apr 2020
    रावण के शव को देख बेसुध हुए नाना माल्यवान

    भगवान द्वारा रावण का अंत कर हो गया है। जिसके बाद रावण के नाना माल्यवान रावण के शव को देख कर बेसुध हो गए हैं। उन्होंने श्री राम से कहा लंका अब आपके आधीन है। हम सब आपके दास हैं आप लंका नरेश हैं। इस पर भगवान ने कहा कि हमें लंका राज्य नहीं चाहिए। लंका हमेशा आप लोगों की है और आपकी ही रहेगी।

    09:39 (IST)19 Apr 2020
    मंदोदरी ने लगाया विभीषण को रावण की मृत्यु का कारण

    रावण शव पर विलाप करते हुए विभीषण मंदोदरी को समझा रहा है। इस पर मंदोदरी ने कहा कि अपने भाई के मृत्यु का तुम्ही कारण हों इस लिए मुझे भाभी मत कहो।

    09:37 (IST)19 Apr 2020
    मंदोदरी सहित अन्य रानियां कर रही रावण के शव पर विलाप

    रावण के मृत शरीर पर विलाप करने के लिए लंका से उनकी रानी मंदोदरी सहित अन्य रानियां आई हैं। जिन्हें देख कर भगवान राम ने विभीषण से अपने प्रियजनों को ढांढस बंधाने को कहा है। सभी रावण की भगवान से बैर लेने की गलती को ही उसका अंत बता रही हैं।

    09:35 (IST)19 Apr 2020
    रावण के भाई विभीषण को श्री राम ने दी सांत्वना

    रावण की मृत्यु के बाद विभीषण शोक में डूब गया है। जिसके बाद विभीषण को भगवान राम ने ढांढस बंधाया और रावण के अंतिम संस्कार को विधी विधान से करने का आदेश दिया। 

    09:33 (IST)19 Apr 2020
    युद्ध भूमि पर धराशाई पड़े रावण के शव पर फूट फूट कर रोया विभीषण

    भगवान ने रावण का अंत अपने ब्रह्मास्त्र से कर दिया है। जिसके बाद उनका छोटा भाई और राम भक्त विभीषण अपने भाई रावण के शव के सामने रोता बिलखता दिखाई दे रहा है।

    09:28 (IST)19 Apr 2020
    रावण का हुआ अंत

    प्रभु श्री राम के ब्रह्मास्त्र से रावण का अंत हो गया है। जिसके बाद देव लोक से लेकर वानर सेना में उत्साह की लहर दौड़ गई है और अधर्म पर धर्म की विजय हुई है। तीनों लोकों में हर कोई भगवान का यश गा रहा है।

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