एक शख्स कैसी चुनौतियों के साथ पैदा होगा, ये बात उसके नियंत्रण में नहीं होती. लेकिन वह आगे चलकर उनका क्या करता है, यह उसके हाथ में है। एक्टर के के गोस्वामी का सफर इसी बात का सबूत रहा है। बौनेपन के साथ जन्मे गोस्वामी ने हीरो बनने का सपना देखा था। एक ऐसा सपना जिस पर उनके आसपास के कई लोग हंसते थे। कई बार इस मजाक ने उन्हें निराश भी किया। लेकिन उन्होंने हार मानने से इनकार कर दिया। यहां तक कि उन्होंने एक बार सलमान खान से कहा था कि वह एक दिन उनके जितने ही फेमस बनेंगे।

सालों के संघर्ष और लगन के बाद के के गोस्वामी ने ‘विकराल और गबराल’, ‘शक्तिमान’, ‘शाका लाका बूम बूम’, ‘गुटर गू’ और ‘सीआईडी’ जैसे कई यादगार शोज में काम किया। लेकिन एक्टर बनने का उनका सफर टेलीविजन इंडस्ट्री में आने से बहुत पहले शुरू हो गया था।

हीरो बनना चाहते थे गोस्वामी

कॉलेज के दोस्त के के गोस्वामी को अक्सर परेशान किया करते थे। बाद में गोस्वामी ने देखा कि वही लोग उनकी इज्जत तब करने लगे जब उन्होंने कॉलेज के बाहर शूटिंग कर रहे एक एक्टर से बात की। इसी अनुभव ने उनमें एक्टिंग के प्रति दिलचस्पी जगाई।

वे रामलीला में हिंदू देवी-देवताओं की भूमिका निभाते थे, जिनकी दर्शक नाटक शुरू होने से पहले पूजा करते थे। इन परफॉरमेंस के दौरान मिले ध्यान ने उन्हें एक्टिंग की ओर और भी ज्यादा खींचा। लेकिन बड़े होना आसान नहीं था। गोस्वामी ने कहा कि उन्हें छठी क्लास तक पहुंचने तक यह एहसास भी नहीं हुआ था कि वह अपने क्लासमेट्स से अलग हैं।

पढ़ाई का जुनून हुआ खत्म

द पॉडकास्टिंग काउच के साथ एक इंटरव्यू में एक्टर के के गोस्वामी ने याद किया, ‘तब तक आप सभी की हाइट एक जैसी होती है, इसलिए आपको एहसास नहीं होता। मेरी दुनिया तब बदली जब मैं हाई स्कूल गया। बदमाशी शुरू हो गई।’

लोग उनके साथ अलग तरह से पेश आने लगे, कभी-कभी उन्हें चलने और खाने जैसी आम चीजें करते हुए भी ऐसे देखते जैसे वह कोई अजूबा हों। कॉलेज पहुंचने पर बदमाशी और भी बढ़ गई। उन्होंने कहा, ‘वे मुझे अपने कंधों पर बिठाकर भागते थे। मेरे कान मरोड़ते थे। अजीब-अजीब सवाल पूछते थे। अक्सर मेरे साथ मजाक करते थे। खुशकिस्मती से मेरे प्रिंसिपल ने यह देखा और सभी छात्रों को मेरे साथ बदतमीजी करने पर कड़ी सजा की चेतावनी देते हुए एक नोटिस जारी किया।’

लगातार होने वाली बदमाशी ने आखिरकार पढ़ाई में उनकी रुचि को प्रभावित किया, जिसके कारण गोस्वामी ने पढ़ाई छोड़ दी और इसके बजाय फोटोग्राफी में हाथ आजमाया।

‘भीख मांगोगे एक दिन’

के के गोस्वामी के साथ होने वाली बदतमीजी सिर्फ स्कूल-कॉलेज तक सीमित नहीं थी। उन्हें मुजफ्फरपुर, बिहार में अपने पड़ोस के लोगों से भी भेदभाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने याद करते हुए कहा, ‘हमारे पड़ोसी अक्सर मेरी हाइट का मजाक उड़ाते थे और मेरे माता-पिता के साथ बुरा व्यवहार करते थे। वे कहते थे कि इस हाइट के साथ इसे जीने के लिए भीख मांगनी पड़ेगी।’

हालांकि एक्टर के माता-पिता ने उन कमेंट्स को कभी भी उनके आत्मविश्वास पर असर नहीं डालने दिया। गोस्वामी ने कहा, ‘मेरी मां ने मुझे जन्म देने से पहले अपने दो बच्चों को खो दिया था। उन्होंने भगवान से प्रार्थना की थी, ‘मुझे एक ऐसा बच्चा दो जिसे नजर न लगे,’ और मेरा जन्म हुआ। वह अक्सर कहती थीं कि एक दिन मैं बहुत फेमस बनूंगा। मेरे माता-पिता मुझ पर बहुत विश्वास करते थे।’

उसी आत्मविश्वास के साथ के के गोस्वामी 1992 में हीरो बनने का सपना लेकर मुंबई आ गए। उन्होंने याद किया, ‘जब मैं लोगों को बताता था कि मैं हीरो बनने आया हूं, तो वे मुझ पर हंसते थे। वे दूसरे लोगों को लाते और मुझसे इसे दोहराने के लिए कहते। उन्होंने आगे कहा, ‘बॉलीवुड में हमारे लिए अजीबो-गरीब रोल होते हैं।’

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बप्पी लहरी देते थे पैसे

मुंबई में गोस्वामी के पहले तीन साल बेहद मुश्किल थे। 1995 में फिल्ममेकर विवेक अग्निहोत्री ने उन्हें उनका पहला टेलीविजन शो, WOW – विनर ऑफ द वीक ऑफर किया। एक्टर ने कहा, ‘मैं कई दिनों तक भूखा रहा। एक बार उस शो पर मेरा काम खत्म हो गया, तो बप्पी लाहिरी ने मुझे अपने बंगले पर बुलाया।’

लाहिरी ने आखिरकार गोस्वामी को अपने साथ टूर पर ले जाना शुरू कर दिया, जहां वह कुछ शोज में 500 रुपये और कुछ में 2,000 रुपये कमाते थे। गोस्वामी ने कहा, ‘ये रकम आज के 25,000-50,000 रुपये के बराबर है। वह मुझे मिनी बॉन्ड कहते थे।’

उनका बड़ा ब्रेक 2001 में आया जब उन्हें ‘जूनियर जी’ शो में काम मिला। वह आखिरकार शो के विलेन बन गए। इस सफलता के बाद ‘शक्तिमान’, ‘शाका लाका बूम बूम’, ‘सोन परी’ और ‘स्श्श्श… फिर कोई है’ जैसे लोकप्रिय शोज में उनकी मौजूदगी रही। हालांकि गोस्वामी को अक्सर बहुत कम डायलॉग मिलते थे। आखिरकार उन्होंने खुद के लिए आवाज उठाने का फैसला किया।

उन्होंने याद किया, ‘शक्तिमान में मेरा सिर्फ एक डायलॉग था, ‘अंधेरा कायम रहे।’ मैं तंग आ गया था। मैं डायरेक्टर के पास गया और कहा, ‘प्लीज मुझे डायलॉग दीजिए।’ डायरेक्टर ने कहा, ‘मुकेश जी, सुनिए ये क्या कह रहा है।’ मैंने कहा, ‘अगर आप चाहें तो मैं मिनी शक्तिमान बन सकता हूं।’ वे हंसे और बोले, ‘मुकेश जी ये आपका रोल खा जाएगा’। लेकिन कम से कम इससे शो में मेरे डायलॉग बढ़ गए।’

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केके आखिरकार बने लीड स्टार

हीरो बनने का उनका सपना आखिरकार तब सच हुआ जब उन्हें 2003 के टेलीविजन शो ‘विकराल और गबराल’ में सेकंड लीड का रोल मिला। जहां टेलीविजन ने उन्हें काफी प्रसिद्धि दिलाई, वहीं गोस्वामी ने कहा कि वह बॉलीवुड में बौने एक्टर्स के लिए उपलब्ध अवसरों से निराश हैं।

उन्होंने कहा, ‘हॉलीवुड में मेरी जैसी स्थिति वाले लोग आज सुपरस्टार हैं। उन्हें ऐसे दमदार रोल मिलते हैं, कई काम करते हैं, लेकिन यहां ज्यादा विकल्प नहीं मिलते। हमारे लिए रोल नहीं बनाए जाते। हमें नौकरी देने के बजाय, जब जरूरत होती है तो वे लोगों के पैर बांध कर उन्हें छोटा दिखाते हैं। देखिए शाहरुख खान ने क्या किया। उन्होंने हम जैसे किसी व्यक्ति से रोल छीन लिया। शाहरुख खान कोई दूसरा रोल कर सकते थे।’

हालांकि उन्होंने सलमान खान की तारीफ की, जिन्होंने उन्हें कई रोल ऑफर किए। गोस्वामी ने कहा, ‘मैं उनसे मिला जब वह एक फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। उन्होंने मुझसे पूछा कि मैं मुंबई में क्या कर रहा हूं। मैंने कहा, ‘मैं आपके जैसा बनने आया हूं।’ उन्होंने मुझे अपनी फिल्मों में कई रोल ऑफर किए, लेकिन दुर्भाग्य से हर बार जब उन्होंने संपर्क किया तो मैं शहर में नहीं था।’

अपनी सफलता के बावजूद के के गोस्वामी ने कहा कि उन्हें ऐसे लोगों का सामना करना पड़ता रहा जो उनकी हाइट की वजह से उनके साथ अलग तरह से पेश आते थे। उन्होंने याद किया, ‘कई बार जब मैं सड़क पर चल रहा होता हूं, तो माता-पिता मेरी ओर इशारा करते हैं और अपने बच्चों को दिखाते हैं जैसे मैं कोई कार्टून कैरेक्टर हूं। वे अपने बच्चों को मेरे बगल में खड़ा करके तस्वीरें लेते हैं, एक एक्टर के तौर पर नहीं बल्कि मेरी हाइट के लिए। वे मेरे कान भी खींचते हैं। मेरे लुक का मजाक उड़ाते हैं।’

मजाक का परिवार पर पड़ा असर

लगातार होने वाली ऐसी घटनाएं इतनी असहज हो गईं कि के के गोस्वामी ऐसी मुलाकातों से बचने के लिए लंबे रास्ते लेने लगे। इस मजाक ने उनके परिवार को भी प्रभावित किया। गोस्वामी ने कहा कि उनके बच्चों को स्कूल में उनके पिता की हाइट के बारे में सवालों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा, ‘पहले मैं बहुत शौक से अपने बच्चों को उनके स्कूल छोड़ने जाता था। लेकिन उनके दोस्तों ने मेरे बच्चों से मेरी हाइट के बारे में सवाल पूछना शुरू कर दिया। उस घटना के बाद मैंने उनके स्कूल के अंदर जाना बंद कर दिया। कई बार मैं शर्मिंदगी से बचने के लिए उनके स्कूल के प्रोग्राम में नहीं जाता या चुपचाप पीछे बैठकर उन्हें परफॉर्म करते हुए देखता हूं।’

आज जब गोस्वामी से उनके शौक के बारे में पूछा जाता है, तो वह कहते हैं कि उन्हें लंबी ड्राइव पर जाना पसंद है। एक्टर ने कहा, ‘मुझे बहुत अच्छा लगता है जब लोग मुझे कार चलाते हुए देखकर चौंक जाते हैं।’ हालांकि यह खुशी अतीत में उनके झेले मजाक में निहित है। उन्होंने याद किया, ‘पहले जब मैं ड्राइविंग सीट पर बैठने जाता था, तो लोग मेरा पीछा करते थे, कहते थे कि तुम यह नहीं कर पाओगे। इसी ने मुझे अपनी खुद की कार खरीदने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया कि मैं खुद इसे चलाऊं।’

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दो बार कैंसिल की शादी

के के गोस्वामी की हाइट से जुड़ी चुनौतियों ने उनकी पर्सनल लाइफ को भी प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि एक समय उन्हें लगता था कि उनकी कभी शादी नहीं होगी। एक्टर ने बताया, ‘मेरे संघर्ष के दिनों में मेरी एक गर्लफ्रेंड थी जो मेरे साथ बहुत समय बिताती थी। मैं अक्सर उसे काम दिलाने में मदद करता था। हम साथ-साथ ऑडिशन देने जाते थे। इस प्रक्रिया में मुझे उससे प्यार हो गया। जब मैंने अपनी भावनाएं उसके सामने जाहिर कीं, तो उसने न सिर्फ मुझे रिजेक्ट किया बल्कि मेरी बेइज्जती भी की। इतनी ज्यादा कि मुझे लगा कि मैं कभी शादी नहीं करूंगा। ‘क्या तुम पागल हो? खुद को देखा है? तुम्हारी हाइट?”

इस घटना ने उन्हें रिजेक्शन के गहरे डर से भर दिया। गोस्वामी ने बाद में दो बार अपनी शादी कैंसिल की थी। उन्होंने बताया, ‘मेरे पिता ने मेरी शादी तय की और मुझे हमारे गांव बुलाया। इसी दौरान मैं काम में व्यस्त था। मैं सफर करने का खर्च नहीं उठा सकता था, इसलिए मैंने उनसे शादी कैंसिल करने के लिए कहा। दो साल बाद उन्होंने फिर से मेरी शादी तय की, तैयारियां शुरू हो गईं, और मुझे कुछ दिन पहले ही बुलाया। लेकिन मुझे फिर से काम का ऑफर मिला और मैंने कैंसिल कर दिया। फिर उस महिला की शादी मेरे भाई से हो गई थी।’

कुछ साल बाद उनके माता-पिता ने मामले को अपने हाथों में लेने का फैसला किया और उनसे कहा कि उनकी मां की तबीयत ठीक नहीं है। गोस्वामी ने याद किया, ‘जब मैं अपने गांव पहुंचा, तो मैंने महिलाओं को गाते हुए देखा। उन्होंने कहा कि चार दिन में मेरी शादी हो रही है। मैं फिर से रिजेक्शन से बहुत डरा हुआ था। मैंने अपने पिता से कहा, ‘क्या आप प्लीज उन्हें मेरी एक तस्वीर दिखा सकते हैं?’ उन्होंने कहा, ‘उन्होंने तुम्हारा शो देखा है।’ फिर भी मैंने जोर दिया कि हम मंदिर में एक सादी शादी करें। कम लोग मतलब कम दर्दनाक रिजेक्शन।’

हालांकि उनके फेम के चलते गोस्वामी की प्राइवेट शादी ने भी लोगों का ध्यान खींचा। मंदिर में बड़ी भीड़ जमा हो गई, जिसके कारण पुलिस को बुलाना पड़ा, क्योंकि उन्हें शक था कि महिला को जबरन शादी के लिए मजबूर किया जा रहा है। एक्टर ने कहा, ‘मेरी हाइट ने उन्हें दुल्हन को एक तरफ ले जाकर पूछने पर मजबूर कर दिया कि क्या उसे इसके लिए मजबूर किया जा रहा है। उसने साफ किया कि वह मुझे पसंद करती है और आखिरकार हमारी शादी हो गई।’

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संघर्ष से खुशहाल जिंदगी तक

आज गोस्वामी के दो बेटे हैं, दोनों की हाइट सामान्य है। उन्होंने कहा, ‘मेरा बड़ा बेटा IAS अफसर बनना चाहता है। छोटा बेटा एपीजे अब्दुल कलाम से प्रेरित है। वह वैज्ञानिक बनना चाहता है।’

अपने संघर्ष के सालों के दौरान गोस्वामी ने आर्थिक मदद के लिए अपनी पत्नी पर भी भरोसा किया। गोस्वामी ने द मनी पॉडकास्ट से बात करते हुए मजाक में कहा, ‘उसे मुंह दिखाई के लिए पैसे मिले थे। तीन महीनों में उसने मेरी लगभग 5,000 रुपये की मदद की। अब वह मुझसे लाखों में वापस लेती है।’

के के गोस्वामी अब ‘तुम्बाड़’ के मेकर्स की एक नई सीरीज के लिए तैयारी कर रहे हैं। एक्टर के अनुसार, शो में पंकज त्रिपाठी और कुणाल खेमू भी हैं।