ताज़ा खबर
 

एकता कपूर ने घर के गैराज से शुरू की थी प्रोडक्शन कंपनी, जाने और भी कई रोचक फैक्ट्स कैसे भारत में आई प्राइवेट चैनल्स की बाढ़

टेलीविजन इंडस्ट्री ने बना लिया है करोड़ों का बाजार, लाखों प्रोडक्शन कम्पनियां आ गई हैं बाजार में जाने किस तरह टेलीविजन ने बनाया अपने आपको लोगों की जिंदगी का जरूरी हिस्सा...

90 के दशक के बाद भारत में आई प्राइवेट चैनल्स की बाढ़

मुंबई, बॉलीवुड और टेलीविजन इंडस्ट्री लोगों के सपनों का घर है, कलाकारों के बढ़ने के साथ ही टेलीविजन इंडस्ट्री ने बढ़ोतरी करी है। 1990 में जहां सिर्फ दो सरकारी चैनल थे, आज करीब 600 से अधिक चैनल हैं जिनकी संख्या रोजाना बढती जा रही है। आज करीब 2 करोड़ से अधिक लोगों तक टेलीविजन की पहुंच है। कई वर्षों तक टेलिविजन का मतलब सिर्फ दूरदर्शन था। सरकार के इस चैनल की पहुंच 70 लाख घरों तक थी। दूरदर्शन की शुरूआत 80 के दशक में हुई तब कुछ गिने-चुने प्रोग्राम दिखाए जाते थे। इसके बाद खाड़ी युद्ध के बाद सीएनएन को भारत में प्रसारण की अनुमति दी गई थी। 1990 में जब प्राइवेट चैनलों का आगमन भारत में हुआ तब जी नेटवर्क ने सबसे पहले लोगों में अपनी पहुंच बनाई और ये एक साल में 60 लाख लोगों तक पहुंच गया और उसके बाद टेलीविजन की तस्वीर बदल गई। इसके बाद जब बहुत सी प्राइवेट प्रोडक्शन हाउस खुल गए तब उनमें से एक युवा लड़की जिसने अपने घर के गैराज से बालाजी टेलीफिल्म्स की शुरुआत की और आज ये करोड़ों डॉलर की कंपनी बन चुकी है। ये निर्माता जो बिलकुल दूरदर्शन के निर्माताओं से बिलकुल अलग थे।

कई एक्टर्स और निर्माताओं के कारण आज टेलीविजन बॉलीवुड का छोटा भाई यानि सिर्फ स्माल स्क्रीन नहीं बन कर रह गया है। इसने एक अपना पूरा बाजार बना लिया है जिसके अपने मानदंड हैं। आज ये सितारे बॉलीवुड के सितारों को बड़ी टक्कर दे रहे हैं चाहे वो टैलेंट हो, पैसा हो या फेम की रेस ही क्यों ना हो। कई सितारों ने राजनीति ने भी हाथ अजमाया और कामयाब हुए।इसके बाद एक ऐसा दौर आया जब महिलाओं के मुद्दों और उन्हें टीवी पर प्रमुखता दी जाना लगी और उन्हें सिर्फ ऑन स्क्रीन नहीं स्क्रीन के पीछे प्रोडक्शन में भी थी। भारतीय टेलीविजन ने महिलाओं और पुरषों के बीच की खाई को अलग दिशायें दी हैं। भारतीय टेलीविजन ने भारत की अर्थव्यवस्था को बढाने में बहुत मदद की है। एक समय था जब एक्टर्स के पास मंच नहीं था जहां वो अपने टैलेंट का प्रदर्शन कर पाए, पर आज म्यूजिक, रियलिटी कई ऐसे शो हैं जिनमे एक एक्टर को एक प्रदर्शन करने का मौका मिलता है।

टेलीविजन ने जो सोसाइटी की सच्चाई है उसे दिखाना शुरू किया, इससे लोगों में साईकलॉजिकली बदलाव आए। वो समाज की कुरीतियों को भी खत्म करने में मदद करे और लोगों को एक्टर्स के फैशन को कॉपी किया गया और लोगों में अपने पहनावे को बदलने की चाह बढ़ने लगी। इस बात को सबसे ज्यादा बढ़ावा दिया करोड़ों के विज्ञापन जगत ने, इन्होने ऐसे तरीके अपनाए जिससे लोगों में ये इच्छा जागे कि उन्हें सच में बदलव की जरूरत है। बॉलीवुड के सितारे आज टेलीविजन के जरिए लोगों तक पहुंच कर अपनी जगह बना रहे हैं। आज सभी एक्टर्स अपनी फिल्मों का प्रमोशन करने टेलीविजन शो पर आ रहे हैं। इन्टरनेट ने जिस तरह टीवी को लोगों के हाथो तक पहुंचा दिया है इससे ये इंडस्ट्री चौगुनी रफ्तार से बढ़ने लगी है।

आज टेलीविजन पर म्यूजिक, लाइव स्पोर्ट्स, कार्टून, लाइफ स्टाइल, फैशन, फिल्मों, अन्तराष्ट्रीय चैनल आदि सभी लोगों के इच्छाओं की पूर्ति के लिए नई और क्रिएटिव चीजें लेकर सामने आने लगा है। ऐसा नहीं है की सिर्फ मनोरंजन के लिए ही टेलीविजन को जाना गया जहां मनोरंजन ने मुंबई को अपना घर बनाया वहीं न्यूज चैनलों ने दिल्ली को अपना अड्डा बनाया। जो खबरों का क्षेत्र सरकार के पास होता था कभी वो आज हिंदी और अंग्रेजी और रीजनल के हजारों चैनलों के पास आ गया है। क्षेत्रीय भाषाओं ने क्षेत्रियों चैनलों को भी टेलीविजन पर फलने-फूलने का मौका दिया। आज करीब 100 क्षेत्रीय चैनल हैं।

   

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App