टेलीविजन की दुनिया में आज जहां बड़े बजट, हाई-टेक वीएफएक्स और चमक-दमक का बोलबाला है, वहीं एक ऐसा दौर भी था जब सिर्फ मजबूत कहानी, दमदार अभिनय और सशक्त निर्देशन ही किसी शो को अमर बना देते थे। उस समय न तो तकनीक इतनी उन्नत थी और न ही करोड़ों का खर्च, लेकिन फिर भी कुछ धारावाहिक ऐसे बने जिन्होंने दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी। पुराने दौर के ज्यादातर सीरियल सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि सोच को एक नई दिशा भी देते थे।
उनकी कहानियों में काफी गहराई होती थी और डायलॉग दिल को छू जाते थे। वहीं, उन शो में किरदार निभाने वाले सितारे लंबे समय तक लोगों के जेहन में अपनी जगह बना लेते थे। अब आपको एक ऐसे ही ऐतिहासिक और बेहद लोकप्रिय शो के बारे में बताते हैं, जो करीब 35 साल पहले दूरदर्शन पर प्रसारित होता था और उस शो का नाम ‘चाणक्य’ था।
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बिना किसी आधुनिक वीएफएक्स और बड़े बजट के बावजूद इस शो ने अपनी कहानी, संवाद और प्रस्तुति के दम पर इतिहास रच दिया। यही वजह है कि आज भी इसे आईएमडीबी पर 9.3 की शानदार रेटिंग मिली हुई है, जो इसकी लोकप्रियता और गुणवत्ता का प्रमाण है।
1991 में टेलीकास्ट हुआ था ‘चाणक्य’
टीवी शो ‘चाणक्य’ साल 1991 में दूरदर्शन पर टेलीकास्ट हुआ था, जिसे डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने लिखा और डायरेक्ट किया था। बहुत कम लोग इस बात से वाकिफ होंगे कि चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने ही इस शो में ‘चाणक्य’ का किरदार निभाया था। 90 के दौर में आए इस शो के कुल 47 एपिसोड आए थे। जिनमें से हर एक एपिसोड करीब 45 से 50 मिनट का होता था। उस दौर में इस शो ने टीआरपी में भी कई रिकॉर्ड तोड़ दिए थे।
क्या थी ‘चाणक्य’ की कहानी
इस शो की कहानी प्राचीन भारत के महान रणनीतिकार विष्णुगुप्त और मौर्य साम्राज्य की स्थापना पर थी। इसमें चंद्रगुप्त मौर्य का संघर्ष, नंद वंश का पतन और सिकंदर के आक्रमण के बाद की स्थिति को विस्तार से दिखाया गया था। ‘चाणक्य’ शो में दिनेश शाकुल, इरफान खान, संजय मिश्रा और सुरेंद्र पाल जैसे कलाकार भी नजर आए थे। बता दें कि अगर अब आप यह शो देखना चाहते हैं, तो यह आपको यूट्यूब पर देखने को मिल जाएगा।
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