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‘शौक है पूरा कर लो, कुछ दिन में ही…’, टीकाराम के एक्टर बनने की इच्छा पर मां ने यूं किया था रिएक्ट, परिवार से बगावत कर चले आए थे मुंबई

Bhabiji Ghar Par Hain: मां-बाप के ना चाहते हुए भी वैभव की जिद उन्हें मुंबई ले आया और काफी स्ट्रगल करने के बाद छोटे-छोटे ऐड मिलने लगे। उनको अमिताभ बच्चन के साथ पहली ऐड फिल्म करने को मिला।

वैभव माथुर को अमिताभ बच्चन के साथ पहली ऐड फिल्म करने को मिला।

टीवी के सबसे चर्चित शोज में से एक ‘भाबीजी घर पर हैं’ (Bhabiji Ghar Par Hain) को दर्शकों का खूब प्यार मिल रहा है। शो को लोकप्रिय बनाने में छोटे किरदारों का बड़ा हाथ रहा है। इन्हीं में से एक किरदार है टीकाराम का। जिसे वैभव माथुर निभाते हैं। वैभव माथुर राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखते हैं। उनमें एक्टर बनने के गुण बचपन से ही थे। स्कूल टाइम में वे टीचर्स की मिमिक्री किया करते थे तो दोस्त उनको इसी में करियर बनाने की सलाह दिया करते।

वैभव माथुर ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि टीका जैसी कुछ हरकते उनमें स्कूल टाइम से ही मौजूद थीं। वह स्कूल के समय टीचर्स की मिमिक्री किया करते थे। वैभव के लिए एक्टिंग की राह फिर भी आसान नहीं थी। मां और पिता जी नहीं चाहते थे कि वे एक्टिंग करें या एक्टिंग में करियर बनाएं। लेकिन टीका के दिलो दिमाग में दोस्तों की कही बातें घर कर गई थीं कि वे यहां नहीं (जयपुर) बल्कि किसी और जगह के लिए बने हैं।

वैभव ने एक इंटरव्यू में इस बात का जिक्र किया था कि बारहवीं करने के बाद इस बात का पता चल गया था कि उनके अंदर एक्टिंग का कीड़ा है। लेकिन परिवार के लोगों को इसके लिए मनाना मुश्किल था। वैभव ने जब पिता से अपनी इच्छा जाहिर की, कि वह एक्टर बनना चाहते हैं तो पिता ने कुछ जवाब ही नहीं दिया। इस बात को वह मजाक में ही लिए।

वक्त गुजरता रहा लेकिन इस दौरान वे थिएटर करते रहे। और एक दिन जयपुर ईप्टा से जुड़ने के लिए घर पर फॉर्म ले आए। फॉर्म पर सिग्नेचर के लिए मां के पास गए तो मां ने यही पूछा कि-‘ये क्या ले आया उठा कर।’ वैभव ने अपनी इच्छा जाहिर की। वैभव ने बताया था कि उस वक्त मां ने रिएक्ट करते हुए कहा था-‘तुम्हारा पागलपन यहां तक पहुंच गया है। शौक है पूरा कर लो कुछ दिन में ही सिर से भूत उतर जाएगा।’

मां-बाप के ना चाहते हुए भी वैभव की जिद उन्हें मुंबई ले आया और काफी स्ट्रगल करने के बाद छोटे-छोटे ऐड मिलने लगे। उनको अमिताभ बच्चन के साथ पहली ऐड फिल्म करने को मिला। वैभव के मुताबिक उनका अमिताभ बच्चन के साथ काम करने का सपना पहले ही ऐड से पूरा हो गया और शूजित सरकार के निर्देशन में बने उस ऐड ने वैभव माथुर को मुंबई में एक नई पहचान दी। ऐड था-कैडबरी का। जिसमें वैभव माथुर को बड़ी सी कार को ड्राइव करना था।

कई सारे ऐड करने के बाद पहली धारावाहिक उर्मिला मिली जो दूरदर्शन पर प्रसारित होती थी। इसके बाद सिलसिला चलता रहा और आज वैभव माथुर टीकाराम के नाम से ज्यादा जाने पहचाने जाने लगें हैं। शो में मनमोहन तिवारी, विभूति नारायण के फ्लर्ट और टीका-मलखान की बदमाशियां लोगों को हंसने के लिए मजबूर कर देती हैं।

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