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CM योगी का नाम लेकर सपा नेता ने बताई जिला पंचायत चुनाव में BJP की जीत की ‘गणित’

समाजवादी पार्टी का कहना है कि योगी सरकार ने सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल कर ज़िला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जीता है। सपा नेता आईपी सिंह ने भी इस मामले पर अपनी राय दी है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश ज़िला पंचायत अध्यक्ष के चुनावों में समाजवादी पार्टी ने बड़ी धांधली का आरोप लगाया है। बीजेपी ने ज़िला अध्यक्ष के 75 सीटों में से 67 पर जीत हासिल की है वहीं समाजवादी पार्टी सिर्फ 6 सीटों पर ही सिमटकर रह गई है। कुछ समय पहले हुए ज़िला पंचायत सदस्यों के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की थी और बीजेपी को ज्यादा सीटें नहीं मिली थी। इसी बात को लेकर समाजवादी पार्टी चुनाव में बड़ी धांधली का आरोप लगा रही है। पार्टी का यह भी कहना है कि योगी सरकार ने सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल कर चुनाव जीता है। सपा नेता आईपी सिंह ने भी इस मामले पर अपनी राय दी है।

समाजवादी पार्टी नेता का कहना है कि इस चुनाव में भाजपा ने खुद के पैसे से मेडल खरीद कर खुद को विजेता घोषित कर दिया है। आईपी सिंह ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया, ‘जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को ऐसे समझिए- जैसे रेस में हारा हुआ कोई खिलाड़ी बाजार से जाकर मेडल ख़रीद के अपने आप को विजेता घोषित कर दे। यही हाल योगी जी का है।’

आपको बता दें कि ज़िला पंचायत अध्यक्षों का चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं होता है बल्कि जनता द्वारा चुने गए ज़िला पंचायत सदस्यों द्वारा होता है। बीजेपी एक तरफ जहां जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनावों में मिली जीत को अगले साल होने वाले विधान सभा चुनाव का सेमी फ़ाइनल बता रही है वहीं चुनावी विश्लेषकों का मानना है कि ऐसा सोचना गलत होगा। इस चुनाव के नतीजों से विधानसभा चुनाव परिणाम पर किसी तरह की अटकलबाजी नहीं की जा सकती क्योंकि जिला पंचायत अध्यक्षों का चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं होता।

 

 

समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव ने भी बीजेपी की जीत पर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि भाजपा जितने पंचायत अध्यक्ष बनाएगी, जनता विधानसभा में उन्हें उतनी सीट भी नहीं देगी।

बहरहाल, आईपी सिंह के ट्वीट पर आम लोगों की प्रतिक्रिया भी देखने को मिल रही है। शादाब खान नाम के एक यूजर ने सपा नेता को जवाब दिया, ‘सिंह साहब आपको मंथन की जरूरत है इस वक्त कि आखिर चूक कहां से हुई। जब पता था यह सत्ता का चुनाव होता है कई जगह से आप के प्रत्याशियों ने नाम वापस लिया, क्रॉस वोटिंग की आपसी खींचतान बहुत ज्यादा है। अखिलेश यादव वह काम नहीं कर पा रहे हैं जो मुलायम सिंह यादव कर पाते थे।’

 

आशीष यदुवंशी नाम के एक यूजर ने लिखा, ‘ये भी खूब है, गहराई से समझिएगा… BJP के पास 603 पंचायत सदस्य थे, लेकिन उसके 67 जिला पंचायत अध्यक्ष बने। समाजवादी पार्टी के 812 पंचायत सदस्य थे लेकिन सिर्फ 5 जिला पंचायत अध्यक्ष ही बने। चाहे जो भी हो सत्ता का दुरुपयोग जो न कराए।’

 

रिजवान अहमद नाम के एक यूजर ने लिखा, ‘जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव सिर्फ और सिर्फ पैसों का खेल है। जिसका पैसा उसकी जीत तय और रही बात खरीदने की तो बीजेपी से बेहतर कोई भी पार्टी खरीदारी नही कर सकती।’

वहीं एक यूजर ने आईपी सिंह पर निशाना साधते हुए लिखा, ‘इस ट्वीट को कहीं कॉपी कर लीजिए। 22 के चुनाव में “जिला पंचायत अध्यक्ष” को “विधानसभा” से रिप्लेस कर दीजिएगा।’

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