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डॉ. हाथी को श्रद्धांजलि देने गईं बबीता लोगों की ‘बेशर्मी’ से हुईं परेशान, ऐसे निकाला गुस्सा

'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' टीवी धारावाहिक के अहम किरदार 'डॉक्टर हाथी भाई' यानी कवि कुमार आजाद के अंतिम संस्कार से ठीक पहले साथी कलाकार उनके घर पहुंचे तो उन्हें कथित तौर पर लोगों के अमानवीय लगने वाले अटपटे बर्ताव का सामना करना पड़ गया।

Author July 12, 2018 9:28 PM
‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ टीवी धारावाहिक के किरदार बबीता का रोल करने वाली एक्ट्रेस मुनमुन दत्ता। (फोटो- फेसबुक)

‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ टीवी धारावाहिक के अहम किरदार ‘डॉक्टर हाथी भाई’ यानी कवि कुमार आजाद के अंतिम संस्कार से ठीक पहले साथी कलाकार उनके घर पहुंचे तो उन्हें कथित तौर पर लोगों के अमानवीय लगने वाले अटपटे बर्ताव का सामना करना पड़ गया। गमगीन माहौल में भी कुछ लोगों को सेल्फी लेने की सूझी और उन्होंने अपने मोबाइल फोन निकालकर फोटो क्लिक करना शुरू कर दिया। इस दौरान लोगों के इस बर्ताव से टीवी शो में बबीता का रोल करने वाली मशहूर अदाकारा मुनमुन दत्ता आजिज आ गईं और उन्होंने किसी तरह गुस्से पर काबू कर वहां जाना बेहतर समझा। मुनमुन दत्ता ने लोगों की इस हरकत पर गुस्सा बयां करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। मुनमुन दत्ता ने अपनी इंस्टाग्राम प्रोफाइल स्टोरी में पूरी बात बयां की। उन्होंने लिखा, ”यह बहुत निराश करने वाला है। जब हम हाथी भाई के अंतिम संस्कार से पहले उनके घर उन्हें श्रद्धांजलि देने गए तो मैं लोगों के बर्ताव से त्रस्त हो गई। वे सेलफोन हमारे चेहरों की ओर करके सेल्फी ले रहे थे, वीडियो बना रहे थे, उनमें आंटी, अंकल और छोटे बच्चे शामिल थे।

मुनमुन दत्ता के इंस्टाग्राम से लिए गए स्क्रीनशॉट्स।

यह दिखाता है कि एक सेल्फी के लिए लोग ऐसे विकट और निराशाजनक क्षण में कितना छोटा दिल रखते हैं, ताकि आप इसे अपने सोशल मीडिया और वॉट्सऐप पर सर्कुलेट कर डींगे मार सकें?ऐसी स्थिति में आम लोग थोड़ा सा सम्मान जाहिर करने के बजाय सेलिब्रिटीज को देखने, तस्वीरें लेने और मौजमस्ती के लिए आते हैं।”

मुनमुन दत्ता के इंस्टाग्राम से लिए गए स्क्रीनशॉट्स।

मुनमुन ने आगे लिखा, ”भीड़ में मेरे चेहरे पर सेलफोन दिखाने पर मैं दो लोगों पर चिल्लाई। मैंने देखा के पड़ोस वाली बिल्डिंग में लोग हमारी तस्वीरें लेने के दौरान हंस रहे थे। मुझे उनके चेहरे सम्मान शून्य लगे और इससे पहले दूसरों के लिए कोई ‘तमाशा’ बनता वह जगह छोड़ दी।” मुनमुन दत्ता ने अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिवंगत कवि कुमार आजाद के लिए भावनात्मक पोस्ट्स लिखी हैं। इन पोस्ट्स में उन्होंने डॉ. हाथी के व्यवहार और शख्तियत के बारे में लिखा है।

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