scorecardresearch

जितेंद्र नारायण त्यागी उर्फ वसीम रिजवी को मिली जमानत तो स्वरा भास्कर ने दिया ऐसा रिएक्शन, लोग करने लगे खिंचाई

बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने जितेंद्र नारायण त्यागी को मिली जमानत को लेकर न्यायपालिका पर सवाल उठाये हैं।

swara bhasker, Entertainment, Dharm sansad
बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर (फोटो क्रेडिट, इंस्टाग्राम, swara bhasker)

जितेंद्र नारायण त्यागी उर्फ सैयद वसीम रिजवी को हरिद्वार धर्म संसद से जुड़े हेट स्पीच मामले में जमानत मिल गई है। जिसे लेकर बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने न्यायपालिका पर सवाल उठाये हैं। स्वरा ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस खबर को शेयर करते हुए स्टेन स्वामी की जमानत का भी जिक्र किया। जिसके बाद यूजर्स ने उनकी खिंचाई करनी शुरू कर दी।

स्वरा ने लिखा,”हमारी न्यायपालिका कितनी प्यारी है। पर फादर स्टेन किसी तरह चिकित्सा आधार पर जमानत के लिए योग्य नहीं थे !!” एक्ट्रेस के ट्वीट पर राहुल मेनन नाम के यूजर ने लिखा,”फिल्मों में करियर तो चल नहीं रहा लेकिन घर तो चलाना है।” राहुल भाटिया ने लिखा,”कोर्ट अपने आपको सुधार रहा है, अब इसमें आपको क्या दिक्कत है। पहले आप इंसानियत का बचाव कर रही थीं या एंटीनेशनल फादर स्टेन का?

एक यूजर ने लिखा,”मोदी के बाद अब स्वरा न्यायपालिका के पीछे पड़ गई हैं। लगता है न्यायपालिका भी 2024 आते-आते अपनी सरकार बना लेगी।” जबकि एक यूजर ने तो अजीबो गरीब सवाल ही पूछ डाला। सरफाज वोहरा ने लिखा,”स्वरा क्या आपने नागिन टेलीसीरीज में काम किया है?, IMDB शो में आप सीजन 3 में कास्ट के रूप में थीं। लेकिन यूट्यूब में ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है। कृपया स्पष्ट करें।”

कौन हैं जितेंद्र उर्फ वसीम रिजवी? वसीम रिजवी पिछले साल अपना धर्म बदलकर हिंदू बन गए और अपना नाम जितेंद्र नारायण त्यागी रख लिया। हिंदू बनने के बाद उन्होंने साल 2021 में हरिद्वार में एक धर्मसंसद के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ भाषण दिया था। जिसके कारण उन्हें जेल जाना पड़ा था।

हरिद्वार के ज्वालापुर निवासी नदीम अली ने जितेंद्र उर्फ रिजवी समेत अन्य संतों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने हिंदू संतों पर मुसलमानों के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया था। जिसके बाद जितेंद्र नारायण ने अदालत का रुख किया और आखिरकार उन्हें इस मामले में जमानत मिली।

कौन थे स्टेन स्वामी? स्टेन स्वामी पर आतंकवाद फैलाने का आरोप था। जनवरी 2018 में कोरेगांव में हुई हिंसा भड़काने मामले में आतंकी घटनाओं की जांच करने वाली नेशनल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी (NIA) द्वारा उन्हें गिरफ्तार किया गया था। उनकी उम्र 84 साल थी और वो कई बीमारियों से ग्रसित थे। बीते दिनों उनका देहांत हो गया था।

पढें मनोरंजन (Entertainment News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.

अपडेट