एक्ट्रेस स्वरा भास्कर एक बार फिर संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ के चर्चित जौहर सीन को लेकर अपने पुराने विरोध की वजह पर बात करती नजर आईं। दिल्ली में इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के एक कार्यक्रम में स्वरा ने बताया कि फिल्म में दिखाए गए जौहर के सीन से वह क्यों परेशान हुई थीं। उन्होंने यह भी बताया कि महिलाओं और यौन हिंसा को लेकर फिल्म के संदेश पर सवाल उठाते हुए उन्होंने भंसाली को ओपन लेटर लिखने का फैसला क्यों किया था।

उन्होंने बताया कि फिल्म के क्लाइमेक्स में दिखाए गए जौहर के एक खास शॉट ने उन्हें इतना परेशान और नाराज कर दिया था कि उन्होंने इस पर प्रतिक्रिया देने से पहले खुद को पांच दिन का वक्त दिया था।

स्वरा ने बताया कि वह फिल्म में उन करीब 800 महिलाओं को जौहर करते हुए देख रही थीं। इसी दौरान उनके मन में यह सवाल आया कि अगर कोई महिला दुष्कर्म की शिकार हो जाए, तो क्या उसके लिए अपनी जान देना ही सम्मान और बहादुरी का पैमाना माना जाना चाहिए?

उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे समाज में, जहां महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा पहले से एक गंभीर समस्या है, क्या किसी फिल्म को दुष्कर्म पीड़िता के सामने यह संदेश रखना चाहिए कि उसकी जिंदगी तभी सम्मानजनक है, जब वह आत्महत्या कर ले?

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स्वरा ने कहा कि उन्हें यह बात परेशान करती रही कि क्या हम दुष्कर्म की पीड़िता को यह संदेश देना चाहते हैं कि वह जीने के लायक नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि क्या दुष्कर्म को महिला की जिंदगी का अंत मानना सही है।

अभिनेत्री ने फिल्म के एक खास सीन का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक गर्भवती महिला के पेट का क्लोज-अप शॉट देखकर उन्हें बहुत गुस्सा आया था। स्वरा के मुताबिक, उन्हें यह सीन ऐसा लगा जैसे फिल्म यह संकेत दे रही हो कि अगर किसी बच्ची के साथ भविष्य में दुष्कर्म होने की आशंका है, तो उसके जन्म का अधिकार भी सवालों के घेरे में है। स्वरा ने कहा कि यह शॉट उन्हें बेहद खराब लगा और उन्होंने दर्शकों के बीच बैठकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की थी।\

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गौरतलब है कि ‘पद्मावत’ की रिलीज से पहले और बाद में फिल्म को लेकर काफी विवाद हुआ था। फिल्म के जौहर सीन और रानी पद्मावती के चित्रण को लेकर अलग-अलग तरह की आपत्तियां सामने आई थीं। राजपूत संगठनों ने भी फिल्म के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था।

वहीं, स्वरा भास्कर ने फिल्म देखने के बाद निर्देशक संजय लीला भंसाली को एक खुला पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने जौहर को महिमामंडित किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा था कि महिलाओं की गरिमा और उनकी जिंदगी को इस तरह पेश करना परेशान करने वाला है।

अब एक बार फिर स्वरा ने उस दौर को याद करते हुए बताया है कि फिल्म के एक दृश्य ने उन्हें इतना विचलित किया था कि प्रतिक्रिया देने से पहले उन्होंने कई दिनों तक उस पर विचार किया। उनका सवाल आज भी वही है—क्या किसी महिला की जिंदगी और उसकी गरिमा को उसके साथ हुई यौन हिंसा के आधार पर तय किया जाना चाहिए?