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BJP की सरकार बनी तो वहां गए, अब SP की उम्मीद है इसलिए यहां जुड़ गए? सवाल पर भड़के स्वामी प्रसाद मौर्य, सुना दी खरी-खोटी

स्वामी प्रसाद मौर्य से राहुल कंवल ने सवाल किया कि क्या सपा की जीतने की उम्मीद पर ही उन्होंने पार्टी ज्वॉइन की थी?

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स्वामी प्रसाद मौर्य(फोटो सोर्स: PTI)।

उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी का साथ छोड़ते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है। स्वामी प्रसाद मौर्य के पार्टी को अलविदा कहने पर जहां कुछ लोगों ने उन्हें मौसम वैज्ञानिक कहा तो कुछ ने यह भी दावा किया कि सपा के सत्ता में वापसी की आशंका में उन्होंने समाजवादी पार्टी ज्वॉइन की है। इस सिलसिले में उनसे आजतक के पत्रकार राहुल कंवल ने भी सवाल किया, जिसे सुनकर वह बिफर पड़े और खरी-खोटी सुनाने लगे।

पत्रकार राहुल कंवल ने स्वामी प्रसाद मौर्य से सवाल किया, “जब मैं बिहार में घूमता था तो लोग वहां के कहते थे कि रामविलास पासवान मौसम वैज्ञानिक हैं। अब मैं देख रहा हूं कि कुछ लोग कह रहे हैं कि स्वामी प्रसाद मौर्य यूपी के मौसम वैज्ञानिक बनने की कोशिश कर रहे हैं। जब भाजपा की सरकार बनी तो बीजेपी में आ गए, अब इन्हें लग रहा है कि सपा की सरकार बनेगी, इस वजह से आप सपा से जुड़ रहे हैं?”

पत्रकार के सवाल पर स्वामी प्रसाद मौर्य बिफर पड़े। उन्होंने जवाब देते हुए कहा, “ऐसा है बहुत से मीडिया चैनल, प्रिंट मीडिया के, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के, बड़े-बड़े संपादक, पत्रकारों को मैंने देखा है कि वह हर साल चैनल बदलते हैं, अखबार बदलते हैं। हर साल कोई पत्रकार दूसरे संस्थान में जाता है तो क्या वह अवसरवादी होते हैं क्या। परिस्थितियों के कारण ऐसा होता है।”

स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने बयान में आगे कहा, “इसलिए ऐसी बात करने वाले लोग घिनौनी सोच के लोग हैं, जो चाहते हैं कि उनके मनमानेपन को गुलाम की तरह बर्दाश्त करें, उनके मनमानेपन का प्रतिकार न करें, उनके मनमानेपन का विरोध न करें। स्वामी प्रसाद मौर्य हमेशा सम्मान की लड़ाई लड़े हैं। जो भी स्वाभिमान से टकराएगा, वह चुप नहीं बैठेंगे और अवसर आने पर उन्हें पटखनी भी देंगे।”

केशव प्रसाद मौर्य का भी बताया हाल: बता दें कि इंटरव्यू में स्वामी प्रसाद मौर्य ने केशव प्रसाद मौर्य के हालातों का भी खुलासा किया और कहा, “वह हमारे छोटे भाई हैं। वह उप-मुख्यमंत्री जरूर हैं, लेकिन यूपी सरकार में उनकी हालत बिल्कुल बेचारे जैसी रही है। वो अपना रोना खुद कभी-कभी रोते भी रहे हैं। इसलिए जो बेचारा है, उसे मैं अपनी बात क्यों बताउंगा। जो अपने लिए कुछ नहीं कर सकता, वो यूपी के लिए क्या करेगा।”

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