सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कॉमेडियन समय रैना पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत ने कहा कि समय रैना ने कोर्ट के सामने गलत जानकारी पेश की और न्यायिक प्रक्रिया को गुमराह करने की कोशिश की।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “हमें लगता है कि समय रैना ने कोर्ट को गुमराह किया है और हमारे आदेशों का खुलेआम उल्लंघन किया है। अगर आपको अपना व्यवहार सुधारना या सोसाइटी के सदस्यों की भावनाओं का सम्मान करना नहीं आता है, तो आपको इसके नतीजे भुगतने होंगे।” कोर्ट ने कॉमेडियन को 10 लाख रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया।

कॉमेडियन के वकील ने नरमी बरतने की अपील करते हुए एक आखिरी मौका मांगा। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने जुर्माना 10 लाख रुपये से घटाकर 3 लाख रुपये कर दिया, साथ ही चेतावनी दी कि अगर अगली सुनवाई में कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ, तो 30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

यह भी पढ़ें: समय रैना के साथ AI तस्वीर वायरल होने पर भड़की कुशा कपिला, बोलीं- झूठी तस्वीर, हम दोस्त नहीं…

सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया को अदालत के पहले दिए गए आदेशों का पालन नहीं करने पर कड़ी फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा, “हमें लगता है कि कॉमेडियन समय रैना ने अदालत को हल्के में लिया है और हमारे आदेशों का खुलेआम उल्लंघन किया है।”

‘इंडियाज गॉट लैटेंट’ विवाद से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया, आशीष चंचलानी और क्योर एसएमए फाउंडेशन की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई की।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने मामले की सुनवाई की। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह ने कहा, “मुझे नहीं पता कि वह किस तरह का यूथ आइकन है… यह सोचकर ही सिहर उठती हूं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि समय रैना लगातार शो कर रहे हैं, लेकिन अदालत के आदेश के बावजूद उन्होंने एसएमए फाउंडेशन या स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) से पीड़ित लोगों से कोई संपर्क नहीं किया। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, “हमारे युवाओं के पास इससे कहीं बेहतर आइकन हैं।”

तुषार मेहता ने अदालत से कहा, “हाल ही में समय रैना ने नया शो शुरू किया। शो की शुरुआत में उन्होंने कहा कि इस बार वह कुछ ऐसा कर रहे हैं, जो पिछली सीरीज में नहीं किया था। इसके बाद उन्होंने नींबू-मिर्च लटकाई। उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन इशारा साफ था। मैं इस मुद्दे को उठाना नहीं चाहता था, लेकिन यदि समय रैना ने अब तक एसएमए फाउंडेशन या स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) से पीड़ित लोगों से संपर्क ही नहीं किया है, तो यह गंभीर बात है।”

यह भी पढ़ें: शाहरुख खान को सुप्रीम कोर्ट से राहत, ‘मन्नत’ के रेनोवेशन के खिलाफ याचिका खारिज

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा, “हमें यह मानने का कोई कारण नहीं दिखता कि समय रैना ने अदालत को गुमराह नहीं किया। उन्होंने अदालत के समक्ष दिए गए अपने बयान और आश्वासनों का खुला उल्लंघन किया है। यह भी कहा गया कि अनुपालन हलफनामा कल दाखिल कर दिया गया है, जबकि ऐसा कोई हलफनामा रिकॉर्ड पर मौजूद नहीं है।”

अदालत ने समय रैना पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए कहा कि यह राशि दो सप्ताह के भीतर जमा करनी होगी। साथ ही, 15 दिनों के भीतर अनुपालन हलफनामा दाखिल करने का अंतिम मौका दिया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय में हलफनामा दाखिल नहीं किया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले के बारे में पूरा पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…