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‘मैं जीना नहीं चाहती थी..’ सुधा चंद्रन ने सुनाई अपनी दर्दनाक कहानी, बताया एक्सिडेंट के बाद ऐसी हो गई थी जिंदगी

एक वक्त सुधा की जिंदगी में ऐसा भी आया जब वह 7 सालों तक बेरोजगार रहीं। इस दौरान उन्हें किसी फिल्म या टीवी शो में काम नहीं मिला। दरअसल, ये वो वक्त था जब सुधा चंद्रन अपनी..

Sudha Chandran, TV Actress Sudha Chandran, Sudha Chandran Tragedy, Sudha Chandran Major Accident, सुधा चंद्रनसुधा चंद्रन (फोटो सोर्स-सुधा इंस्टाग्राम)

टीवी शो ‘कहीं किसी रोज’ में रमोला सिकंद का किरदार निभाने वालीं एक्ट्रेस सुधा चंद्रन को उनके इस किरदार के लिए खूब याद किया जाता है। एक्ट्रेस की जिंदगी इस शो से चमक गई थी और फैंस के बीच उन्हें नई पहचान मिली थी। सुधा यूं तो कई फिल्मों में काम कर चुकी हैं। लेकिन एक वक्त उनकी जिंदगी में ऐसा भी आया जब वह 7 सालों तक बेरोजगार रहीं। इस दौरान उन्हें किसी फिल्म या टीवी शो में काम नहीं मिला। दरअसल, ये वो वक्त था जब सुधा चंद्रन अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही थीं।

एक्ट्रेस सुधा चंद्रन का एक्सिडेंट हो गया था जिसमें उन्होंने अपना पैर गंवा दिया था। वहीं सुधा बहुत जबरदस्त क्लासिकल डांसर हैं। एक पैर न होने के बावजूद भी सुधा अपने पैशन को अपने साथ रखती हैं औऱ दिल खोलकर डांस करती हैं। लेकिन जब उनके साथ ये हादसा हुआ था तो उनकी दुनिया ही उजड़ गई थी। सुधा को नॉर्मल होने में बहुत वक्त लगा था। वहीं उनके आसपास कुछ ऐसे लोग भी थे जिन्होंने सुधा चंद्रन को कहा कि अब वह एंटरटेनमेंट की दुनिया को छोड़ कुछ और ट्राय करें।

भरतनाट्यम एक्सपर्ट सुधा चंद्रन ने जब अपना पैर खो दिया था तब वह जिंदगी में बहुत निराश हो गई थीं। उनके मन में मर मिट जाने तक के ख्याल आते थे। ईटाइम्स के मुताबिक एक्ट्रेस ने बताया कि कई लोगों ने इस बीच उन्हें सलाह दी कि अब वह इंडस्ट्री को छोड़ दें, क्योंकि अब काम मिलना मुश्किल होगा। एक्ट्रेस ने बताया-उस वक्त मेरे पास कोई ऑप्शन नहीं था। रास्ते दो थे-या तो मैं फिर से चलना शुरू कर दूं, या फिर मैं जिंदा ही न रहूं। दरअसल, मैं उस हादसे के बाद जीना नहीं चाहती थी। लेकिन तब मुझे मेरे माता पिता का ख्याल आया।

एक्ट्रेस ने बताया-कभी ऐसा होता है तो हम भूल जाते हैं कि हमारे पीछे और भी लोग हैं जो हमारे जाने के बाद बहुत दुखी हो जाएंगे। मेरे माता पिता ने मुझे हमेशा आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा दी है। मेरे पास जीने की और कोई वजह नहीं थी उस वक्त। तब मुझे मेरे माता पिता का ख्याल आया। मेरे माता पिता के सपोर्ट की वजह से मैं अपने गोल को अचीव कर पाई। एक्सिडेंट के बाद कई बार मेरे मन में ख्याल आता था कि आखिर मैं जिंदा क्यों हूं? लेकिन मेरे माता पिता ने मुझे मोटिवेट किया।

बताते चलें, साढ़े तीन साल की उम्र से ही सुधा चंद्रन क्लासिकल डांस सीख रही थीं। रोज स्कूल के बाद वह अपनी डांस क्लास में जाया करती थीं और एंजॉय करती थीं। एक बार वह अपने परिवार के साथ बस में सफर कर रही थीं तभी बस का एक्सिडेंट हो गया था जिसमें उनका पैर फ्रैक्चर हो गया। लेकिन वो चोट खराब होने की वजह से सुधा का पैर काटना पड़ा। इसके बाद एक्ट्रेस ने फिल्म मयूरी में काम किया जो कि सुधा चंद्रन की जिंदगी पर ही आधारित थी। इस फिल्म को काफी पसंद किया गया था।

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