बॉलीवुड के हीरो नंबर 1 गोविंदा पिछले कई महीनों से अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में हैं। अब एक्ट्रेस सुधा चंद्रन ने उनके समर्थन में खुलकर बात की है। दोनों ने साल 1992 में आई फिल्म ‘शोला और शबनम’ में साथ काम किया था। उनकी ये फिल्म सुपरहिट थी। उस दौर को याद करते हुए सुधा ने कहा कि यह फिल्म उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट साबित हुई। उन्होंने बताया कि फिल्म में उनका किरदार बेहद दमदार था और दर्शकों ने उसे खूब सराहा था। इसके साथ ही जो लोग अब गोविंदा को काम न मिलने को लेकर बात कर रहे हैं, उनके बारे में भी सुधा ने बात की है।
गोविंदा को बताया समय का पाबंद
सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में गोविंदा के लेट आने की छवि पर सुधा ने साफ तौर पर असहमति जताई। उन्होंने कहा कि डेविड धवन के सेट पर गोविंदा कभी देर से नहीं पहुंचे। वह समय के बेहद पाबंद थे। सुधा का मानना है कि उस समय गोविंदा 24 घंटे में कई फिल्मों की शूटिंग कर रहे थे, ऐसे में थोड़ी-बहुत देरी होना स्वाभाविक था। निर्माता-निर्देशक उन्हें साइन करने के लिए लाइन में लगे रहते थे, इसलिए उन पर काम का भारी दबाव रहता था।
क्यों करियर को हुआ नुकसान?
सुधा चंद्रन का यह भी कहा कि गोविंदा की दरियादिली कहीं न कहीं उनके खिलाफ चली गई। उन्होंने कई फिल्में सिर्फ दूसरों को खुश रखने के लिए साइन कीं, लेकिन बाद में उन्हीं लोगों ने अफवाहें फैलाईं, जिससे उनके करियर को नुकसान पहुंचा। सुधा के मुताबिक, गोविंदा ने यह गलतफहमी तोड़ी कि बिना गॉडफादर के कोई बाहरी व्यक्ति सुपरस्टार नहीं बन सकता। वह भारतीय सिनेमा के बेहतरीन कलाकारों में से एक हैं, जिनकी परफॉर्मेंस में गजब की एनर्जी होती है।
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इंटरव्यू में सुधा ने गोविंदा और उनकी दिवंगत मां के रिश्ते का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि शो और टूर के दौरान दोनों घंटों बातें करते थे। गोविंदा अपनी मां से बेहद प्यार करते थे और उनके निधन के बाद भी सेट पर उनकी आवाज महसूस करने की बात कहते थे।
गोविंदा का होना चाहिए कमबैक
गोविंदा की वापसी की इच्छा जताते हुए सुधा ने कहा कि अब समय आ गया है कि ‘चीची भैया’ फिर से फिल्मों में कमबैक करें। वह किसी से मान्यता नहीं मांगते और न ही किसी बयान का जवाब देते हैं। सुधा ने यह उम्मीद भी जताई कि गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता के बीच सब ठीक हो जाए। उनका मानना है कि यह जोड़ी साथ रहनी चाहिए।
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अंत में सुधा ने कहा कि लोगों ने गोविंदा को लेकर कई गलत धारणाएं बना ली हैं। हालांकि हर इंसान से गलतियां होती हैं। अगर वह वापसी करना चाहते हैं तो समय के साथ खुद को ढालना होगा। इस संदर्भ में उन्होंने अमिताभ बच्चन का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने समय के साथ खुद को बखूबी बदला है। हर कलाकार को समय-समय पर खुद को नए सिरे से तलाशना पड़ता है।
