इस वक्त पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर कई फिल्मी सितारे उनके समर्थन में आगे आ रहे हैं। नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी, जीनत अमान, सोनी राजदान, ओमी वैद्य समेत कई सितारों ने वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता जताई है। वहीं कुछ ने सरकार से संवाद कर उनकी हड़ताल को खत्म करवाने की अपील भी की।
तमाम ऐसे सितारे हैं जो सामाजिक या राजनीतिक मुद्दों पर बोलते आए हैं। वहीं कुछ ऐसे भी हैं तो ऐसे मौकों पर चुप रहना पसंद करते हैं। हाल ही में सोनाली बेंद्रे ने कहा था कि जिस विषय के बारे में पूरी जानकारी ना हो, उसपर बोलना नहीं चाहिए। ऐसा उनका सोचना है और ये कहीं ना कहीं सही भी है। मगर नसीरुद्दीन शाह, कंगना रनौत और स्वरा भास्कर समेत कुछ सितारें ऐसे हैं जिन्हें सामाजिक मुद्दों पर बोलने के बदले काफी परेशाना झेलनी पड़ी है।
आज हम ऐसे ही कुछ सितारों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें कुछ मु्द्दों पर बोलने की भारी कीमत चुकानी पड़ी। उनके बयान लंबे समय तक सुर्खियों में रहे, इतना ही नहीं कुछ के खिलाफ तो शिकायतें तक दर्ज हुईं।
आमिर खान
इनमें सबसे पहला नाम आमिर खान का आता है, वह अपने बयानों को लेकर कई बार विवादों में रह चुके है। सबसे ज्यादा उनके असहिष्णुता पर बयान वायरल हुआ था, जिसके लिए उन्हें देशद्रोही तक करार दिया गया था।
क्या है मामला?
साल 2015 में एक कार्यक्रम के दौरान आमिर खान ने कहा था कि उनकी पत्नी किरण राव ने एक बार देश में बढ़ती असहिष्णुता को लेकर चिंता जताई थी> आमिर ने कहा था,”जब मैं घर पर किरण से बात करता हूं तो वह कहती हैं कि क्या हमें भारत छोड़ देना चाहिए? उन्हें अपने बच्चे की सुरक्षा को लेकर डर लगता है।”
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नसीरुद्दीन शाह
दूसरे नंबर पर हैं नसीरुद्दीन शाह, जिन्होंने सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर भी अपना पक्ष रखा है। वो अपने बेबाक बयानों को लेकर ही चर्चा में रहते हैं। वह कई बार सामाजिक और सांप्रदायिक मुद्दों पर राय रखते चुके हैं। मगर सबसे ज्यादा जो उनका बयान वायरल हुआ वो था मॉब लिंचिंग और डर को लेकर दिया बयान।
क्या था उनका बयान?
2018 में उन्होंने कहा था,”आज मुझे अपने बच्चों की चिंता होती है क्योंकि उनका कोई धर्म नहीं है। अगर भीड़ ने उन्हें घेर लिया तो वे कौन-सा धर्म बताएंगे?” उन्होंने यह भी कहा था कि कई जगहों पर इंसान की जान से ज्यादा गाय की जान की कीमत समझी जा रही है। इस बयान के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर काफी आलोचना झेलनी पड़ी। कई लोगों ने उन्हें देश विरोधी तक कहा, जबकि कई कलाकार उनके समर्थन में भी सामने आए।
शाह रुख खान
शाहरुख खान ने भी 2015 में असहिष्णुता पर टिप्पणी करते हुए कहा था, “देश में असहिष्णुता बढ़ रही है और धार्मिक असहिष्णुता सबसे बड़ा अपराध है।”
उनके बयान के बाद भी सोशल मीडिया पर विरोध हुआ और उन्हें पाकिस्तान जाने जैसी टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया।
स्वरा भास्कर
स्वरा भास्कर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर सबसे मुखर अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। जिनके कई बयान को लेकर विवाद होता रहा है। उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (CAA), किसानों के आंदोलन और महिलाओं के अधिकारों जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। कई मौकों पर उन्होंने सरकार की नीतियों की आलोचना की।
साल 2021 अगस्तमें, अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के दौरान स्वरा भास्कर के एक ट्वीट के कारण उनके खिलाफ शिकायत हो गई थी। अपने ट्वीट में स्वरा ने लिखा था, “हम हिंदुत्व के आतंक के साथ ठीक नहीं हो सकते और तालिबान के आतंक से हैरान और तबाह हो गए हैं। हमारे मानवीय और नैतिक मूल्य उत्पीड़ित की पहचान पर आधारित नहीं होने चाहिए।
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी भारी आलोचना हुई और #ArrestSwaraBhasker ट्रेंड करने लगा। उत्तर प्रदेश पुलिस में उनके खिलाफ ई-एफआईआर और शिकायतें दर्ज कराई गईं।
प्रकाश राज
अपने बयानों के चलते विवादों में रहने वाले एक्टर्स में प्रकाश राज का नाम भी आता है। जो अपने बयान और एक्स पर अपने ट्वीट को लेकर आए दिन चर्चा में रहते हैं। वह बेबाक होकर देश की सरकार और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते रहते हैं।
जनवरी 2026 में केरल लिटरेचर फेस्टिवल में प्रकाश राज ने रामायण के प्रसंगों का हवाला देते हुए एक काल्पनिक और आधुनिक संवाद सुनाया था। इसमें उन्होंने भगवान राम, लक्ष्मण और रावण को लेकर कुछ ऐसी बातें कहीं, जिसे कई हिंदू संगठनों और भाजपा नेताओं ने अपमानजनक माना। जिसके बाद उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई।
उनपर अकसर हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप लगते आए हैं और अप्रैल 2026 में दिल्ली पुलिस के साइबर सेल में भी एक वकील द्वारा उनके खिलाफ शिकायत दी गई थी।
कंगना रनौत
कंगना रनौत भी सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर लगातार अपनी राय रखती रही हैं। मगर उनके बेबाक बयान उन्हें कई बार मुसीबत में डाल देते हैं। वैसे तो वो कई बार विवादों में रह चुकी हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान उनकी टिप्पणी से उनके खिलाफ कई राज्यों में शिकायत दर्ज हुई थी।
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कंगना ने किसान आंदोलन के दौरान कंगना ने ट्विटर पर एक बुजुर्ग महिला की तस्वीर शेयर करते हुए दावा किया था कि वे शाहीन बाग की तरह ही 100-500 रुपये लेकर प्रदर्शन में आई हैं। इस पर बहुत बवाल हुआ था और बुजुर्ग महिला के परिवार ने उन पर मानहानि का केस दर्ज किया था।
इसके अलावा 2021 में उन्होंने कहा था कि भारत को 1947 में जो आजादी मिली, वह भीख थी। असली आजादी 2014 में मिली। इस बयान के बाद विपक्षी दलों और कई सामाजिक संगठनों ने कड़ा विरोध किया।
दीपिका पादुकोण
2020 में दीपिका पादुकोण दिल्ली के जेएनयू परिसर पहुंची थीं, जहां छात्रों पर हुए हमले के विरोध में प्रदर्शन चल रहा था। उन्होंने मंच से कोई भाषण नहीं दिया, लेकिन उनकी मौजूदगी को राजनीतिक समर्थन के तौर पर देखा गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी फिल्म ‘छपाक’ के बहिष्कार की मांग शुरू हो गई। हालांकि बड़ी संख्या में लोगों ने उनके इस कदम का समर्थन भी किया।
अनुपम खेर
अनुपम खेर कई बार राष्ट्रवाद, कश्मीर और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर बोलते रहे हैं। उन्होंने कश्मीर से पलायन और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर अपनी राय सार्वजनिक रूप से रखी। उनके बयानों की जहां एक वर्ग ने सराहना की, वहीं दूसरे वर्ग ने उनकी आलोचना भी की और उन्हें राजनीतिक रूप से पक्षपाती बताया।
