आधे मनोरंजन बाजार पर काबिज हो जाएंगे स्टार और सोनी

जापान की बुलेट ट्रेन भारतीय जमीन पर कब दौड़ेगी, यह तो नहीं कहा जा सकता मगर जापानी कंपनी सोनी वित्तीय संकटों का सामना कर रही जी टीवी को विलय प्रस्ताव देकर भारतीय मनोरंजन बाजार में एक चौथाई से ज्यादा हिस्सेदारी पर काबिज होने के लिए तैयार है।

जी टीवी,सोनी टीवी और स्टार टीवी का मनोरंजन बाजार पर कब्‍जा।

जापान की बुलेट ट्रेन भारतीय जमीन पर कब दौड़ेगी, यह तो नहीं कहा जा सकता मगर जापानी कंपनी सोनी वित्तीय संकटों का सामना कर रही जी टीवी को विलय प्रस्ताव देकर भारतीय मनोरंजन बाजार में एक चौथाई से ज्यादा हिस्सेदारी पर काबिज होने के लिए तैयार है। जी टीवी को अपने साथ मिलाने के बाद सोनी अपने तगड़े प्रतिद्वंद्वी स्टार टीवी का मुकाबला आसानी से कर पाएगी। आने वाले दिनों में खेल और मनोरंजन क्षेत्र के प्रसारण अधिकार पाने को लेकर दोनों दिग्गज कंपनियों की टक्कर देखना दिलचस्प होगा।

जी टीवी ने 90 के दशक की शुरूआत में स्टार टीवी से हाथ मिलाकर उससे हिंदी बैंड शुरू करवाया था। उसी स्टार टीवी ने बाद में जी का बैंड बजाया और आज स्टार टीवी साढ़े 10 लाख डॉलर के भारतीय मनोरंजन बाजार में 24 फीसद की हिस्सेदारी तक पहुंच गई। स्टार टीवी से मुकाबला करने के लिए सोनी टीवी ने 22 सितंबर, 2021 को जी टीवी को विलय का प्रस्ताव दिया है।

जी के निदेशक मंडल ने इस गैर-बाध्यकारी प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। विलय के बाद बनने वाली कंपनी में जी के 47 और सोनी के 53 फीसद शेयर रहेंगे। सोनी के पास निदेशकों की नियुक्ति का अधिकार भी रहेगा। अगर पारितोषक समिति, बोर्ड और शेयरधारक प्रस्ताव को मंजूरी देते हैं तो साढ़े 10 अरब डॉलर के भारतीय मनोरंजन कारोबार में स्टार और सोनी जैसी दो विदेशी कंपनियों की हिस्सेदारी 51 फीसद (स्टार टीवी 24 और सोनी टीवी 27 फीसद) पर पहुंच जाएगी। भारतीय प्रसारण उद्योग में सोनी और स्टार टीवी के बीच कड़ी टक्कर चलती रही है। हालांकि 90 के दशक की शुरूआत में स्टार टीवी ने जी टीवी से हाथ मिलाकर उसे हिंदी बैंड शुरू करने की अनुमति दी थी। मगर स्टार टीवी की हिंदी मनोरंजन उद्योग में विस्तार की महत्वाकांक्षा ने दोनों के संबंध खत्म कर दिए।

30 सितंबर 1995 को मल्टी स्क्रीन मीडिया के नाम से सोनी टीवी ने भारत में प्रसारण कारोबार शुरू किया। श्रीअधिकारीब्रदर्स यानी सब टीवी को निगलने के बाद बीते 25 सालों में सोनी टीवी के दर्शकों की संख्या 70 करोड़ तक पहुंच गई। भारत में उसके चैनल 26 और कर्मचारी 1200 हो गए। बीते आठ महीनों से वह जी टीवी को अपने में समाहित करने की रणनीति पर काम कर रही थी। विलय से उसके हाथ जी टीवी की 42 हजार हिंदी फिल्मों की लाइब्रेरी, क्षेत्रीय इलाकों में मजबूत पहुंच के साथ ढाई लाख घंटों के कार्यक्रम लगेंगे। उसे जी टीवी के सवा अरब से ज्यादा दर्शक भी मिलेंगे। इसी के दम पर वह दो अरब डॉलर की कंपनी बन अपने प्रतिद्वंद्वी स्टार टीवी को पीछे छोड़ सकती है। स्टार और सोनी टीवी में खासतौर पर मनोरंजन और खेल अधिकारों को लेकर कड़ी टक्कर होती है।

स्टार ने 2018 में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट प्रतियोगिताओं के अधिकार 2023 तक 946.75 मिलियन डॉलर में खरीदे हैं। उसके पास 2022 तक आइपीएल प्रतियोगिताओं के विश्व अधिकार भी हैं। स्टार के ओटीटी चैनल डिज्नी प्लस हॉटस्टार और सोनी के सोनी लिव के बीच भी कड़ी स्पर्धा है। विलय प्रस्ताव को लेकर कुछेक अड़चनें भी हैं।

जी के प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर कंपनी में लगभग18 फीसद की हिस्सेदारी रखने वाली कंपनी इंवेस्को ने कंपनी के शेयरधारकों की असाधारण आमसभा बुलाने की बात कही है। वह पहले से ही जी के प्रवर्तक सुभाष चंद्रा के बेटे पुनीत गोयनका को सीइओ पद से हटाने और बोर्ड में छह स्वतंत्र निदेशक रखने की मांग करती आ रही है। विलय के बाद बनने वाली कंपनी में पांच साल तक पुनीत गोयनका को सीइओ व प्रबंध निदेशक बनाए जाने का प्रस्ताव है। इंवेस्को विलय तो नहीं पर असाधारण आमसभा बुलाने पर अड़ी है। दूसरी ओर जी इस अड़ियल रुख से निपटने के लिए कंपनी कानूनों का सहारा लेने की बात कर रही है। इस घटनाक्रम ने इस विलय प्रस्ताव को दिलचस्प मोड़ दे दिया है।

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