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देश को कुपोषण और भुखमरी से मुक्त बनाने के मिशन पर निकली हैं सोनम कपूर!

बॉडी शेमिंग का मुद्दा हो, नारीवाद का, ऑनलाइन ट्रॉल का मामला हो या LGBT (lesbian, gay, bisexual, and transgender) अधिकारों का मामला, वह तकरीबन हर मुद्दे पर खुल कर बोलती हैं।

Author नई दिल्ली | October 27, 2016 2:02 PM
बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनम कपूर अपनी एक्टिंग के अलावा अपने विचारों को खुल कर सामने रखने के लिए भी जानी जाती हैं।

बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनम कपूर अपनी एक्टिंग के अलावा अपने विचारों को खुल कर सामने रखने के लिए भी जानी जाती हैं। बॉडी शेमिंग का मुद्दा हो, नारीवाद का, ऑनलाइन ट्रॉल का मामला हो या LGBT (lesbian, gay, bisexual, and transgender) अधिकारों का मामला, वह तकरीबन हर मुद्दे पर खुल कर बोलती हैं। और अब सोनम निकल चुकी हैं एक और मिशन पर। सोनम में भुखमरी से लड़ने और भारत को इस समस्या से मुक्त देश बनाने का फैसला किया है। फाइट हंगर फाउंडेशन नाम के एक नॉन गर्वमेंट ऑर्गनाइजेशन की ब्रांड एंबेसडर बन चुकीं सोनम अब कुपोषण और भुखमरी के खिलाफ आवाज उठाएंगी।

भारत में इस समस्या के खिलाफ फाइट हंगर फाउंडेशन की जंग का हिस्सा बनीं सोनम ने कहा- इससे पहले मैं LGBT राइट्स, महिलावाद और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर कई बार बोल चुकी हूं। यह सब जेनरेशन के मुद्दे हैं, लेकिन रोटी, कपड़ा और मकान का मुद्दा एक ऐसा मामला है जिसके बारे में हम कभी सोचते ही नहीं हैं। खास तौर से तब जब हम किसी समृद्ध परिवार से हों। क्योंकि मुझे ईश्वर से बहुत कुछ मिला है, मैं इस फाउंडेशन का सपोर्ट करके इस मामले में अपना बेस्ट देने की कोशिश कर रही हूं।

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सोनम ने लोगों से उनकी आरामदायक जिंदगी से बाहर निकल कर देखने की रिक्वेस्ट करते हुए कहा- हम बहुत से विवादों में अपना बहुत सा वक्त बर्बाद करते हैं। कई बार मैं भी बहुत सी स्टुपिड चीजें कहती हूं। 6 मिलियन से भी ज्यादा बच्चे रोज भूख और कुपोषण से मर जाते हैं। यह हमारे भारत देश के बारे में है जहां हम रोज अपना बहुत सा वक्त बरबाद कर देते हैं। अब यह सब छोड़ने का वक्त है। मीडिया हमेशा से सोनम को एक फैशन डीवा के तौर पर दिखाती रही है। इस मामले पर बोलते हुए सोनम ने कहा- मेरी फिल्मों और ड्रेस के बजाय यदि आप इस मामले को ज्यादा उठाएंगे तो बेहतर होगा।

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जिस दुनिया में हम रहते हैं वह बहुत खूबसूरत, पेचीदा, रंगीन, शानदार और सम्मोहित कर लेने वाली है। लेकिन यह निर्दयी और दर्दनाक भी हो सकती है। यह कई मामलों में बहुत अलग हो सकती है। उन्होंने बताया कि कुपोषण एक ऐसी समस्या है जिसका बहुत आसानी से इलाज किया जा सकता है लेकिन यह जानलेवा बन गई है। यह हमारे देश में कई मिलियन बच्चों की जिंदगी तहस-नहस कर देता है।

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