देश-दुनिया में आए दिन मुद्दे होते रहते हैं और सोशल मीडिया पर लोग उनपर रिएक्शन देने से पीछे नहीं हटते। मगर कई बार देखा जाता है कि ज्यादातर सेलेब्स राजनीतिक मु्द्दों पर अपनी राय रखने से कतराते हैं और इसके लिए उन्हें ट्रोल भी किया जाता है। इस पर अब सोनाली बेंद्रे ने दो टुक कही है।
1978 के चर्चित ‘रांगा-बिल्ला’हत्याकांड पर आधारित क्राइम-थ्रिलर वेब सीरीज ‘राख’ इस वक्त चर्चा का विषय बनी हुई है। ये सीरीज 12 जून 2026 को अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी। ‘राख’ की स्टार कास्ट ने जोर-शोर से इसका प्रमोशन किया।
इसी का एक वीडियो इंटनेट पर वायरल हो रहा है। जिसमें कलाकारों की सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर बोलने की जिम्मेदारी को लेकर चर्चा होती दिख रही है। जब पत्रकार ने इनसे इस बारे में सवाल किया तो तीन अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आए। इस दौरान आमिर बशीर और अली फजल एक तरफ दिखे और सोनाली बेंद्रे की राय उनसे अलग रही।
अली फजल का कहना था कि कलाकारों को राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखने से पीछे नहीं हटना चाहिए। उनका मानना है कि सार्वजनिक हस्तियों की आवाज़ का प्रभाव होता है, इसलिए उन्हें बोलना चाहिए।
उन्हीं के साथ बैठे अभिनेता आमिर बशीर ने कहा कि अगर किसी मुद्दे पर अन्याय हो रहा है, तो कलाकारों को चुप नहीं रहना चाहिए। यानी गलत के खिलाफ आवाज़ उठाना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। मगर सोनाली बेंद्रे दोनों की बात से सहमत नहीं दिखीं।
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सोनाली बेंद्रे ने इस मुद्दे पर अलग राय रखी। उनका कहना था कि किसी भी संवेदनशील विषय पर तब तक टिप्पणी नहीं करनी चाहिए, जब तक उसके हर पहलू को अच्छी तरह समझ न लिया जाए।
सोनाली ने कहा, “अगर मुझे किसी विषय की पूरी जानकारी नहीं है, तो गलत टिप्पणी करने से बेहतर है कि मैं उस पर कुछ न कहूं। एक कलाकार होने के नाते मेरी जिम्मेदारी है कि मैं अपने काम के जरिए अपनी बात रखूं। अगर मैं चित्रकार हूं तो अपनी पेंटिंग से, कवि हूं तो कविता से और अभिनेता या फिल्ममेकर हूं तो ऐसी फिल्म या कहानी के जरिए अपनी बात कहूं। लेकिन जिस विषय की पूरी जानकारी न हो, उस पर सिर्फ बोलने के लिए बोलना सही नहीं है।”
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उन्होंने आगे कहा, “हर मुद्दे का एक 360 डिग्री नजरिया होता है। किसी भी विषय पर राय बनाने या टिप्पणी करने से पहले उसके सभी पहलुओं को समझना जरूरी है। बिना पूरी जानकारी के किसी मुद्दे पर बोलना सही नहीं है।”
