ताज़ा खबर
 

जानते हैं, ‘मोगैंबो खुश हुआ’ डायलॉग था किसकी उपज और कैसे बना था फिल्म का हिस्सा

शेखर कपूर फिल्म में मोगैंबो के चेलों के सीन शूट करा चुके थे। मने ऑर्डर मानने वाले थे, लेकिन...

मिस्टर इंडिया फिल्म आई थी। साल 1987 में। अनिल कपूर ने उसमें काम किया था। फिल्म हिट रही थी, लेकिन उससे भी सुपर-डूपर हिट रहा था इसका एक डायलॉग। “मोगैंबो खुश हुआ।” विलेन अमरीश पुरी की आवाज में आज भी यह डायलॉग ताजा ही लगता है। खुशी जाहिर करनी हो या टशन मारना हो, कई मौके पर लोग इसे बोलते देखे जाते हैं। मगर कम ही लोग जानते हैं कि इस किरदार और डायलॉग की उपज यूं ही इत्तेफाकन हुई थी।

‘लाइट्स कैमरा किस्से’ नाम के शो पर इस बारे में दिखाया गया। उसके मुताबिक, फिल्म की शूटिंग शुरू हो चुकी थी। लेकिन किरदार नहीं लिखा गया था। डायरेक्टर शेखर कपूर थे। वह राइटर जावेद अख्तर से इस बारे में पूछते तो वह टालमटोल करते। कह दिया करते कि एक-दो दिन में दे दूंगा। सच्चाई कुछ और ही थी। तब लाख ढूंढने पर भी विलेन नहीं मिल रहा था।

इधर, शेखर कपूर फिल्म में मोगैंबो के चेलों के सीन शूट करा चुके थे। मने ऑर्डर मानने वाले थे, लेकिन उन्हें देने वाले का पता नहीं था। बस विलेन का इंतजार किया जा रहा था। एक दिन जावेद साहब सेट पर आए। यूं ही बोले- “मोगैंबो खुश हुआ।” शेखर बोले- आगे क्या? उन्होंने अच्छे से इस किरदार को समझाया। लेकिन डायलॉग से वह खासा खुश नहीं हुए। इस पर जावेद बोले- लिख कर रख लो तीन पत्ती में जब किसी को तीन इक्के आएंगे, वो वह डायलॉग दोहराएगा। जब कपिल क्रिकेट मैदान में छक्का लगाएगा, तो मैदान खड़ा होकर चिल्लाएगा और कहेगा- “मोगैंबो खुश हुआ।”

शेखर इस पर मान गए। फिल्म रिलीज हुई, तो वाकई में यह गाना फिल्म की पहचान बन कर उभरा। एक दिन जावेद साहब की भविष्यणावी भी सच हो गई। शारजाह का मैच था। इस दौरान शेखर कपूर टीवी देख रहे थे। कपिल बैटिंग कर रहे थे। अचानक उन्होंने छक्का जड़ा। इसी बीच एक फैन बैनर लेकर उछलता है, जिस पर लिखा होता है- मोगैंबो खुश हुआ।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App