स्मिता पाटिल ने की थी सुसाइड की कोशिश, किताब में रखी चिट्ठी देख हैरान रह गई थीं मां

यह चिट्ठी डायरेक्टर अरुणा राजे की लिखी कविता पर आधारित थी, जिसका विषय था ‘मौत’।

smita patil
बॉलीवुड एक्ट्रेस स्मिता पाटिल।

स्मिता पाटिल ने अपने सशक्त अभिनय से हिंदी सिनेमा जगत में पहचान बनाई थी। स्मिता पाटिल का फिल्मी सफर भले ही 10 साल का रहा हो लेकिन आज तक उनके काम की सरहाना की जाती है। कहा जाता है कि मां विद्या ताई पाटिल ने स्मिता के जन्म के बाद उनकी मुस्कुराहट देखकर उनका नाम रखा था। स्मिता ने अपने जीवन में कई दुख झेले हैं। सिर्फ 31 साल की उम्र में उनकी अचानक मौत आज भी रहस्यमयी है। बेटे प्रतीक के जन्म के कुछ दिनों बाद 13 दिसंबर 1986 को स्मिता का निधन हो गया था। कहा जा चलिए आज हम आपको स्मिता पाटिल से जुड़ा एक रोचक किस्सा बताते हैं। जब स्मिता पाटिल की मां को उनके सुसाइड करने की कोशिश के बारे में पता चला।

दरअसल यह वाकया स्मिता पाटिल के निधन के बाद का है। एक दिन मां विद्या पाटिल को स्मिता की किताब से एक चिट्ठी मिली। यह चिट्ठी डायरेक्टर अरुणा राजे की लिखी कविता पर आधारित थी, जिसका विषय था ‘मौत’। क्योंकि चिट्ठी की स्याही फैल चुकी थी इसलिए कुछ साफ समझ नहीं आया इसलिए मां ने अरुणा राजे से इस चिट्ठी के बारे में जानना चाहा।

तब अरुणा राजे ने स्मिता पाटिल के बारे में जो बताया उसे सुनकर विद्या ताई हैरान रह गई थीं। अरुणा ने बताया कि फिल्म ठिकाना की शूटिंग के दौरान स्मिता से उनकी मुलाकात हुई थी। वह काफी परेशान और उदास थीं। स्मिता अरुणा के साथ रुकना चाहती थीं लेकिन उन्हें कलकत्ता जाना पड़ा। कलकत्ता से लौटने के बाद स्मिता ने बताया कि वह उस वक्त काफी परेशान थीं। यहां तक कि उन्होंने नींद की गोलियां हाथ में लेकर सुसाइड करने की तैयारी कर ली थी। फिर मां के बारे में सोचकर उन्होंने उस मुश्किल समय को काट लिया था।

स्मिता की यह बात सुनकर अरुणा राजे ने ‘जीवन के अंत पर’ कविता लिखी थी और स्मिता को भेजी थी। यह बात सुन मां विद्या पाटिल काफी परेशान हो गई थीं। उस विद्या को अफसोस हो रहा था कि बेटी इतनी मुश्किलों से गुजरी हैं और उन्हें कोई जानकारी तक नहीं थी।

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