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स्मिता पाटिल: जींस पर साड़ी लपेटकर टीवी पर पढ़ती थीं न्यूज, मौत के बाद शव का हुआ था मेकअप

स्मिता ने पहली बार एक टीवी समाचार वाचिका के रूप में कैमरा का सामना किया और बंबई दूरदर्शन चैनल पर मराठी में समाचार पढ़ने लगीं।

Author नई दिल्ली | October 17, 2017 3:50 PM
स्मिता ने पहली बार एक टीवी समाचार वाचिका के रूप में कैमरा का सामना किया और बंबई दूरदर्शन चैनल पर मराठी में समाचार पढ़ने लगीं।

हिंदी सिनेमा की मशहूर अदाकारा स्मिता पाटिल को आज भी बॉलीवुड की अब तक की सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्रियों में गिना जाता है। 17 अक्टूबर, 1956 को पुणे में जन्मी स्मिता के पिता शिवाजीराव पाटिल महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और मां विद्या ताई पाटिल सामाजिक कार्यकर्ता थीं। स्मिता की फिल्मों को अगर छोड़ भी दें तो उनकी हस्ती भी अपने आप में इतनी दिलचस्प थी कि इस पर एक कहानी बुनी जा सकती है। स्मिता का नाम उनकी मां ने रखा था। स्मिता का मतलब होता है मुस्कान और उनकी मां को अपनी लाडली की मुस्कान इतनी अच्छी लगती थी कि उन्होंने उसको इसी नाम से जिंदगी भर पुकारने का तय किया।

स्मिता बड़े पर्दे पर अक्सर गंभीर किरदार करती हुई नजर आती थीं लेकिन कम ही लोग यह जानते थे कि पर्दे पर गंभीर नजर आने वाली यह लड़की असल जिंदगी में बहुत ही शरारती थी। स्मिता ने पहली बार एक टीवी समाचार वाचिका के रूप में कैमरा का सामना किया और बंबई दूरदर्शन चैनल पर मराठी में समाचार पढ़ने लगीं। समाचार पढ़ने के लिए साड़ी पहनना जरूरी होता था और स्मिता को जींस पहनना ज्यादा पसंद था तो वह अक्सर जींस के ऊपर ही साड़ी लपेट कर समाचार पढ़ा करती थी। उनकी मृत्यु की वजह आज भी एक रहस्य बनी हुई है।

बहुत कम ही लोग यह बात जानते हैं कि स्मिता की एक आखिरी इच्छा थी कि मौत के बाद उनका मेकअप किया जाए। स्मिता के मेकअप आर्टिस्ट दीपक सावंत ने बीबीसी को बताया कि एक बार उन्होंने राज कुमार को एक फ़िल्म में लेटकर मेकअप कराते हुए देखा और मुझे कहने लगीं कि दीपक मेरा इसी तरह से मेक अप करो और मैंने कहा कि मैडम मुझसे ये नहीं होगा। ऐसा लगेगा जैसे किसी मुर्दे का मेकअप कर रहे हैं। ये बहुत दुखद है कि एक दिन मैंने उनका ऐसे ही मेकअप किया। शायद ही दुनिया में ऐसा कोई मेकअप आर्टिस्ट होगा जिसने इस तरह से मेकअप किया हो।

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