ये कौन सा किसान है जो गेंहू-गन्ना छोड़कर हाथ काट रहा? राकेश टिकैत का नाम लेकर बोले एंकर, किसान नेता देने लगे ऐसा तर्क

सिंघु बॉर्डर पर हुई दलित व्यक्ति की हत्या को लेकर न्यूज ऐंकर ने पुष्पेंद्र सिंह से सवाल किया कि यह कौन सा किसान है, जो गेहूं की जगह इंसानों का हाथ काट रहा है।

Rakesh Tikait, Threatened the government, Fix your mind, 26 January is not far, 4 lakh tractors are ready
किसान नेता राकेश टिकैत (फोटो सोर्स – पीटीआई)

दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन स्थल पर एक दलित युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई है। मिली जानकारी के मुताबिक उस व्यक्ति को मारकर उसके शव को बैरिकेडिंग से लटका दिया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार युवक की हत्या कथित तौर पर आंदोलन के पास निहंग सिखों द्वारा की गई थी। इस मामले को लेकर रिपब्लिक भारत के डिबेट शो में भी चर्चा की गई, जहां भाजपा प्रवक्ता शाजिया इल्मी के साथ-साथ केएसएस अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। डिबेट के बीच ही न्यूज ऐंकर ने सवाल किया कि यह कौन सा किसान है जो हाथ काट रहा है?

न्यूज ऐंकर ने पुष्पेंद्र सिंह से सवाल करते हुए कहा, “भारत का कौन सा किसान गेहूं और गन्ना छोड़कर हाथ काटने लगा है? किसानों के नाम पर अब मैं आपसे कह रहा हूं कि आप नाम खराब कर रहे हैं।” उन्होंने किसान नेता राकेश टिकैत को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “राकेश टिकैत नाम खराब कर रहे है किसानों का।”

न्यूज ऐंकर का जवाब देते हुए पुष्पेंद्र सिंह ने कहा, “यह जो घटना हुई है, इसके संबंध में जो भी सख्त कार्रवाई हो सकती है, कानून के संबंध में वह करनी चाहिए। लेकिन आप इसे कृप्या करके किसान आंदोलन से न जोड़ें। ये लोग बिल्कुल अलग बैठे थे।” उनकी बात पर न्यूज ऐंकर ने कहा, “वो लोग कहां बैठे थे, ये घटना कहां हुई? यह आपके घर के पास हुई, मेरे घर के पास हुई, नहीं?”

पुष्पेंद्र सिंह ने न्यूज ऐंकर का जवाब देते हुए कहा, “आपके पड़ोसी के घर में भी कोई घटना होगी तो उसके लिए आप जिम्मेदार नहीं होंगे।” डिबेट में न्यूज ऐंकर ने शाजिया इल्मी से भी सवाल किया और कहा, “जो गेहूं काटता है, वह अब लोगों के हाथ काटने लगे हैं और ये लोग ये सब किसानों के नाम पर कर रहे हैं।”

न्यूज ऐंकर की बात का जवाब देते हुए भाजपा प्रवक्ता शाजिया इल्मी ने कहा, “इतनी बेरहमी से, इतनी बर्बरता से, तालिबानी क्रूरता के साथ इस हत्या को अंजाम दिया गया है। यह पहली बार नहीं हुआ है। लखीमपुर में भी गाड़ी में बैठे लोगों को भी उन्होंने कूट-कूटकर मारा था, लेकिन उसपर सुनवाई नहीं हुई थी। दलितों की बात करने वाली कांग्रेस, अब न तो चेन्नी जी पहुंच रहे हैं, न प्रियंका गांधी पहुंच रही हैं और न अखिलेश जी पहुंच रहे हैं।”

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