फैसला सुना दिया, केस क्लोज्ड- राकेश टिकैत ने सिंघु बॉर्डर की घटना को कहा सरकारी साजिश तो लोग करने लगे सवाल

राकेश टिकैत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है जिसमें वे कहते नजर आ रहे हैं- ‘ये जो घटना हुई है ये एक धार्मिक घटना है, इसका किसान आंदोलन से कोई लेना देना नहीं है।

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किसान नेता राकेश टिकैत (फोटो सोर्स – पीटीआई)

पिछले दिनों सिंघु बॉर्डर पर घटी विभत्स घटना को लेकर किसान आंदोलन पर भी सवाल उठाए जाने लगे। ऐसे में अब बीकेयू नेता राकेश टिकैत ने किसान आंदोलन के पक्ष में अपनी बात रखी है। राकेश टिकैत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है जिसमें वे कहते नजर आ रहे हैं- ‘ये जो घटना हुई है ये एक धार्मिक घटना है, इसका किसान आंदोलन से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने (निहंग) फिर भी कहा है कि ये हमारा एक व्यक्तिगत मामला था, धर्मिक मामला था और भारत सरकार इसे किसानों से न जोड़े। उनसे बातचीत की है कि अभी उनकी जरूरत नहीं है, जब जरूरत होगी तो उन्हें बुलवाया जाएगा।’

राकेश टिकैत इस बीच मोदी सरकार पर आरोप लगाते दिखे। टिकैत ने कहा- ‘सरकार कभी भी माहौल खराब करवा सकती है। ये सारी साजिश सरकार की देन है। अगर ये घटनाक्रम हुआ तो हमारी इंटेलिजेंस कहा थी? जिस तरह से बैरिकेडिंग में वो काम हुआ, वहीं हमारी इंटेलिजेंस रहती है। इसका मतलब ये सबकी जानकारी में था। तो ये करवाया हुआ है एक तरह से।’

राकेश टिकैत के इस वीडियो को देखने के बाद ढेरों लोगों के रिएक्शन सामने आ रहे हैं। पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने कहा- ‘लखीमपुर खीरी की लिंचिंग और हत्याओं को क्रिया की प्रतिक्रिया बता कर जायज़ ठहराने के बाद ‘#टिकैत प्राइवेट लिमिटेड सुप्रीम कोर्ट’ ने #LakhbirSingh की तालिबानी हत्या पर अपना फैसला सुना दिया है – ये #निहंगों का धार्मिक मसला है। केस क्लोज।’ (सिंघु बॉर्डर पर हत्या कर शव लटकाने का आरोपी बोला- मुझे कोई अफसोस नहीं, जानें कौन होते हैं निहंग)

आशुतोष चौधरी ने कहा- ‘ये सब फर्जीवाड़ा है। ये बहुत ही घटिया रणनीति के तहत चल रहा है। सरकार के पास बहुत मौके आए इसको रोकने के लिए.. लेकिन कुछ भी नहीं किया गया।’ एमपी शर्मा ने कहा- ‘इस आदमी को इतनी तवज्जो क्यों दी जाती है? आप मीडिया वाले ही इन जैसों को लाइमलाइट में रखते हो।’

संजीव कुमार नाम के यूजर ने कहा- ‘देश में इसी तरह की फ़ास्ट ट्रैक अदालतों की जरूरत है।’ द एनलाइजर नाम के अकाउंट से कमेंट आया- ‘और सुप्रीम कोर्ट भी इसपर मूक दर्शक बने रहेगी।’ अभिषेक मयंक नाम के यूजर ने कहा- ‘धार्मिक या फिर राजनैतिक? ये हर तरह से गलत है। कोई भी धर्म किसी की लिंचिंग करने का सबक नहीं सिखाती। ये इस गलत हरकत पर पर्दा डालने का तरीका है। वहां मौजूद लोग इसके जिम्मेदार हैं।’

मणि अय्यर नाम के यूजर ने कहा- ये आदमी डबल गेम खेल रहा है। इस आदमी की नीयत है किसानों से उनका हक छीनना। ये एक नंबर का गलत शख्स है। किसानों आप लोग अलग अपने हक के लिए लड़ो। इस आदमी को अपने ग्रुप से हटाओ।’ युनाइटेड नाम के अकाउंट से कमेंट आया- ‘अगर उनकी जरूरत नहीं है, तो ये अब तक वहां कर क्या रहे थे? क्या ये निहंग भी किसान है या नहीं?’

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