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नीची जाति की महिलाएं चुकाती थीं ‘ब्रेस्ट टैक्स’! अब शॉर्ट फिल्म में दिखेगा नांगेली का संघर्ष

क्रूर और अमानवीय ब्रेस्ट टैक्स के खिलाफ कुर्बानी देने वाली बहादुर नांगेली के जीवन पर इस शॉर्ट फिल्म को बनाया गया है। फिल्म में नांगेली के किरदार को अनुश्री कुशवाहा ने निभाया है।

19वीं सदी की शुरुआत में केरल के त्रावणकोर साम्राज्य में निम्न जाति की महिलाओं को सार्वजनिक तौर पर अपने वक्षों को ढकने पर टैक्स चुकाना पड़ता था। इस ‘ब्रेस्ट टैक्स’ को मुलाकरम भी कहा जाता था। यहां महिलाओं के वक्षों के आकार और साइज़ के हिसाब से टैक्स निर्धारित किया जाता था। इसी दौर में चेरथाला में नांगेली नाम की एक बेहद वीर महिला हुईं। नांगेली ने निम्न जाति की महिलाओं के साथ होते इस अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाई। उन्होंने ब्रेस्ट टैक्स देने से साफ इनकार कर दिया। वे इस टैक्स के खिलाफ विरोध में वक्षों को ढक कर ही पब्लिक में निकलती थीं। और तो और, उन्होंने ब्रेस्ट टैक्स लेने आए अफसर को अपने वक्ष काट कर दे दिए थे। नांगेली के इस तीखे विरोध से लोग हैरत में पड़ गए थे। नांगेली की उसी दिन ज़्यादा खून बह जाने के चलते मौत हो गई थी। नांगेली के पति चिरूकंदन अपनी पत्नी को मृत पाकर सदमे में थे और उन्होंने पत्नी की चिता में जलकर आत्मदाह कर लिया था। चिरूकंदन पहले ऐेसे व्यक्ति माने जाते हैं, जो अपनी पत्नी के लिए सती हो गए थे। नांगेली और चिरूकंदन की शहादत के बाद कई लोग इस अमानवीय ब्रेस्ट टैक्स के खिलाफ खड़े हुए। लोगों के विरोध-प्रदर्शन के बाद आखिरकार ब्रेस्ट टैक्स को हटाया पड़ा था।

Soul2Soul पिक्चर कंपनी ने नांगेली की इस अद्भुत कहानी को एक शॉर्ट फिल्म में तब्दील किया है। इस शॉर्ट फिल्म का नाम ब्रेस्ट टैक्स है। फिल्म के लेखक और निर्देशक योगेश पागरे हैं। इस फिल्म में योगेश ने नांगेली के साहसी पति चिरूकंदन का किरदार निभाया है। फिल्म में अनुश्री कुशवाहा ने नांगेली का किरदार निभाया है। अनुश्री ने कहा कि ‘हर एक्टर अपने लिए चुनौतीपूर्ण रोल की तलाश करता है। मैं बेहद खुश हूं कि मुझे नांगेली जैसी महिला का कैरेक्टर प्ले करने का मौका मिला। नांगेली का किरदार मेरे लिए बेहद चैलेन्जिग भरा रहा है।’

फिल्म ‘ब्रेस्ट टैक्स’ की टीम के साथ कोरियोग्राफर गणेश आचार्य

वहीं निर्देशक योगेश ने कहा, ‘मैं इस कहानी को लोगों के सामने लाना चाहता था। एक ऐसा त्रासदी भरा इतिहास है, जिसके बारे में ज्यादा लोगों को मालूम नहीं है। मुझे लगता है कि जाति से जुड़ा हुआ ये मुद्दा हमारे दौर में भी प्रासंगिक है क्योंकि आज भी देश में जाति और धर्म के नाम पर नफरत जारी है। फिल्में लोगों तक पहुंचने के सबसे सशक्त माध्यम में से हैं तो इस मामले में काफी रिसर्च और तैयारियों के बाद मैंने इस मुद्दे पर एक शॉर्ट फिल्म बनाने का निर्णय किया था। जिन लोगों ने फिल्म देखी है, उनसे उत्साहजनक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। हम इस फिल्म को दुनिया भर के फिल्म फेस्टिवल्स में ले जाने की कोशिश करेंगे।’

फिल्म के लिए वरिष्ठ एक्टर मकरंद देशपांडे ने वॉइसऑवर दिया है वहीं संगीतकार शिवमनी ने बैकग्राउंड म्यूज़िक तैयार किया है। फिल्म के स्पेशल प्रीव्यू में गणेश आचार्य भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि ‘मुझे फिल्म बेहद पसंद आई। फिल्म का कंटेन्ट बेहद उम्दा है और इमोशनल कर देता है। मुझे लगता है कि इस फिल्म को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भेजना चाहिए। मुझे लगता है कि फिल्म दुनिया भर में कई अवार्ड्स जीत सकती है। मैंने इससे पहले इतनी अद्भत शॉर्ट फिल्म नहीं देखी है। ब्रेस्ट टैक्स की पूरी टीम को मेरी तरफ से बधाई।’ इस शॉर्ट फिल्म में अनुश्री कुशवाहा, योगेश पागरे, नाज़नीन पाटनीस सौम्य शिवहरे, गौतम भोज, रवि खेन्गले और शशांक प्रजापति जैसे कलाकारों ने काम किया है।

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