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शेर के दांत होंगे तो दिखाएगा ही- अशोक स्तंभ विवाद पर अनुपम खेर ने की टिप्पणी तो लोग करने लगे खिंचाई

नए संसद भवन की छत पर लगे राष्ट्रीय चिन्ह अशोक स्तंभ को लेकर विपक्ष हमलावर है, विपक्ष का कहना है कि इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई है।

शेर के दांत होंगे तो दिखाएगा ही- अशोक स्तंभ विवाद पर अनुपम खेर ने की टिप्पणी तो लोग करने लगे खिंचाई
बॉलीवुड एक्टर अनुपम खेर (फाइल फोटो)

नई दिल्ली में बन रहे नए संसद भवन की छत पर लगाए गए अशोक स्तंभ को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर है। विपक्ष का कहना है कि अशोक स्तंभ की बनावट के साथ छेड़छाड़ की गई है। विपक्षी दलों का कहना है कि अशोक स्तंभ पर मौजूद शेर अपने मूल स्वरूप की तरह, शांत-सौम्य दिखने की बजाय आक्रोशित मुद्रा में दिख रहा है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब इस मामले में बॉलीवुड एक्टर अनुपम खेर ने प्रतिक्रिया दी है।

अनुपम खेर ने अपने ट्विटर अकाउंट पर नए अशोक स्तंभ का वीडियो शेयर करते हुए लिखा,”अरे भाई, शेर के दांत होंगे तो दिखाएगा ही। आखिरकार स्वतंत्र भारत का शेर है। जरूरत पड़ी तो काट भी सकता है! जय हिंद!” जिसके बाद तमाम यूजर्स ने भी खेर के ट्वीट पर कमेंट्स किए हैं।

फरनाज ने लिखा,”संघी अंकल, क्या आप जानते हैं कि राष्ट्रीय प्रतीक अधिनियम द्वारा शासित होता है और इसका अनुचित चित्रण एक दंडनीय अपराध है।” शिवा नाम के यूजर ने लिखा,”शेर, शेर होता है , गीदड़ नहीं। उसे ये नहीं पता होता है कि उसकी जगह कहां है? उसे यही पता होता है हर जगह उसकी है।” अर्जुन कुमार ने लिखा,”अनुपम सर, शेर काटता नहीं है, शेर सामने वाले की चीर-फाड़ कर देता है। ये नए भारत का चिन्ह है, बाकी लोग समझदार ही हैं।”

विवेक अग्निहोत्री ने विपक्ष को दिया जवाब: उधर, ‘द कश्मीर फाइल्स’ के डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने भी इसपर टिप्पणी की है। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि सेंट्रल विस्ता पर नए राष्ट्रीय प्रतीक ने एक बात साबित कर दी है कि सिर्फ एंगल बदलकर अर्बन नक्सल्स को बेवकूफ बनाया जा सकता है। विशेष रूप से लो एंगल से।” विवेक के ट्वीट पर भी कई यूजर्स ने कमेंट किए हैं, कई ने उनकी खिंचाई की तो कई उनकी बात से सहमत दिखे।

गौरतलब है कि 11 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में बन रहे नए संसद भवन की छत पर राष्ट्रीय चिन्ह अशोक स्तंभ का अनावरण किया था।

जिसके बाद विपक्ष ने सवाल उठाए थे। विपक्षी दलों का आरोप है कि मोदी सरकार ने इतिहास के साथ छेड़छाड़ की है। अशोक स्तंभ के शेर को पूरी तरह बदल दिया गया है। विपक्ष का कहना है कि हमारे राष्ट्रीय चिन्ह में जो शेर हैं वो शांत है और उसका मुंह बंद है। लेकिन नया अशोक स्तंभ उससे एकदम विपरीत है।

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