बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर के फिल्म पद्मावत को लेकर दिए गए बयान पर करणी सेना वुमन विंग चीफ कीर्ति राठौड़ और बीजेपी के पूर्व प्रवक्ता शहजाद पूनावाला का गुस्सा सामने आया है।

कीर्ति राठौड़ का कहना है कि स्वरा भास्कर को अपनी भाषा में सुधार करने की जरूरत है, साथ ही एक्ट्रेस को अपना होम वर्क करने के बाद बोलने का सुझाव भी दिया। वहीं पूर्व बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि वह राहुल गांधी से भी ज्यादा नासमझ है।

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करणी सेना वुमन विंग चीफ कीर्ति राठौड़ का स्वरा भास्कर पर बयान

करणी सेना वुमन विंग चीफ कीर्ति राठौड़ ने स्वरा भास्कर पर बयान देते हुए कहा कि “सबसे पहले मैं ये बोलना चाहूंगी कि स्वरा भास्कर अपनी भाषा को सुधार ले। जिस तरह का घटियापन वो दिखा रही हैं, इस पायदान पर बैठकर उन्हें ये समझ आना चाहिए कि अगर आप हमारी हिंदू क्षत्राणियों को सनातन की क्षत्राणियों को इस तरह से बईज्जत करेंगी, उनके बलिदान और उनके शौर्य पर सवाल उठाएंगी तो आपको करणी सेना उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।”

उन्होंने आगे कहा, “आप पहले अपना होम वर्क करके बैठिए कि जिस तरह का हमारा गौरवशाली इतिहास है, राजपुताना का, क्षत्राणियों का गौरवशाली इतिहास है, वो ये बताता है कि कैसे हमारी पूजनीय रानी पद्मिनी ने 16 हजार क्षत्राणियों के साथ अपने बलिदान को आगाज दिया और दिखा दिया कि क्षत्राणियां किसी से कम नहीं है।”

जौहर शाखा का महत्व

कीर्ति राठौड़ ने कहा, “जौहर दिखाने की प्रक्रिया इसलिए की जाती थी कि ये बता दिया जाए कि मुगलों को वें कितनी ही कोशिश कर ले, आप क्षत्रियों को नहीं हरा सकते और दूसरा अगर स्वरा को बोलना है तो जाकर हलाला के बारे में बोले। जिसे खुद कुरान शरीफ ये बोलता है कि वह एक गलत प्रैक्टिस है, अनइस्लामिक प्रैक्टिस है। उसके उपर सवाल उठाइए, उसके बारे में बोलिए। हमारी क्षत्राणियों के बारे में कायर और छी वाला शब्द अपने गिरेबान में झांक कर बोलिए।”

शहजाद पूनावाला ने स्वरा भास्कर पर साधा निशाना

स्वरा भास्कर के बयान पर शहजाद पूनावाला ने आपत्ति जताते हुए कहा कि “उन्हें ऐसी टिप्पणियां करने से बचना चाहिए, क्योंकि कभी-कभी स्वरा भास्कर खुद को अपने ही नेता राहुल गांधी से भी ज्यादा नासमझ और अक्षम साबित कर देती हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि 2026 के आधुनिक भारत की तुलना 1303 में घिरे चित्तौड़ से करना ऐतिहासिक और सामाजिक संदर्भों को नजरअंदाज करने जैसा है।

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उन्होंने आगे कहा कि “आज महिलाओं के पास संविधान, न्यायपालिका, पुलिस और न्याय पाने के लिए कानूनी व्यवस्था मौजूद है। वहीं, उस दौर में चित्तौड़ की महिलाओं के सामने युद्ध में हार के बाद बंदी बनाए जाने, दासी बनाए जाने और यौन हिंसा जैसे गंभीर खतरों का सामना करने की आशंका थी।”

क्या था स्वरा भास्कर का बयान

स्वरा का कहना था कि फिल्म के क्लाइमेक्स में दिखाए गए जौहर के एक खास शॉट ने उन्हें इतना परेशान और नाराज कर दिया था कि उन्होंने इस पर प्रतिक्रिया देने से पहले खुद को पांच दिन का वक्त दिया था।

स्वरा ने बताया कि वह फिल्म में उन करीब 800 महिलाओं को जौहर करते हुए देख रही थीं। इसी दौरान उनके मन में यह सवाल आया कि अगर कोई महिला दुष्कर्म की शिकार हो जाए, तो क्या उसके लिए अपनी जान देना ही सम्मान और बहादुरी का पैमाना माना जाना चाहिए?