Shaka Laka Boom Boom: छोटे पर्दे का फेमस शो ‘शाका लाका बूम बूम’ साल 2000 में शुरू हुआ था और 2004 में यह खत्म हो गया। इन चार सालों में इस शो ने टीवी पर राज किया था। उस समय यह शो हर बच्चे की पहली पसंद था। हालांकि, अब जब भी हम ‘शाका लाका बूम बूम’ का नाम सुनते हैं, तो सबसे पहले दिमाग में संजू और करुणा का नाम ही याद आता है, जिनका किरदार किंशुक वैद्य और हंसिका मोटवानी ने निभाया था।
लेकिन इस जादुई दुनिया में एक और यादगार किरदार ऋतु का था, जो निडर और टॉमबॉय लड़की थी और बदमाशों का डटकर सामना करती थी। यह किरदार साईनी राज ने निभाया था। अब साईनी बेहद बदल गई हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, उन्होंने अभिनय छोड़ अपने लिए अब बिल्कुल अलग रास्ता चुना है। आज साईनी सिर्फ एक चाइल्ड एक्ट्रेस के तौर पर नहीं जानी जातीं। वह एक कवयित्री, लेखिका, गीतकार और एक वर्चुअल बुक क्लब की फाउंडर हैं।
साईनी राज ने लिखी शॉर्ट फिल्म की कहानी
‘ऋतु’ उर्फ साईनी राज ने ‘सब सही हो जाएगा गाने के लिए लिरिक्स लिखे, जिसे शाहरुख खान ने कोरोना लॉकडाउन के दौरान गाया था। इसके अलावा उन्होंने बादशाह के साथ भी काम किया। इतना ही नहीं साईनी ने Int. Cafe Night नाम की शॉर्ट फिल्म भी लिखी, जिसे अधिराज बोस ने डायरेक्ट किया और उसमें नसीरुद्दीन शाह ने अभिनय किया था। हालांकि, यहां तक पहुंचने के लिए साईनी ने काफी मेहनत की है।
साईनी ने सात साल की उम्र में शुरू किया अभिनय
एक बार रूबेन कडुस्कर के साथ एक पॉडकास्ट में बात करते हुए साईनी राज ने बताया था, “मैंने 7 साल की उम्र में एक्टिंग शुरू की थी।” बचपन से ही वह काफी एक्टिव और शरारती स्वभाव की थीं। वह घर पर खूब डांस करती थीं, जिससे उनके माता-पिता कभी-कभी शर्मिंदा हो जाते थे। बाद में उनकी मां ने उनकी इस ऊर्जा को सही दिशा देने का फैसला किया।
साईनी राज को पहले काम के लिए मिले 300 रुपये
साईनी राज को अपना पहला एक्टिंग का काम एक अनजान शख्स की वजह से मिला। एक शख्स ने जब साईनी से पूछा कि वह कहां रहती हैं, तो साईनी उन्हें बस अपने घर ले गईं। मां को थोड़ी हिचकिचाहट हुई, लेकिन Sainee की जिद काम आई। साईनी ने बताया था कि उन्हें अपने पहले काम के लिए 300 रुपये मिले थे।
साईनी को करना पड़ा रिजेक्शन का सामना
लेकिन आगे का रास्ता आसान नहीं था। टेलीविजन पर एक जाना-पहचाना चेहरा बनने के बाद भी साईनी को लगातार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। उन्होंने विज्ञापनों के लिए लगभग 300 बार ऑडिशन दिया, लेकिन हर बार उन्हें मना कर दिया गया। इसलिए नहीं कि उनमें टैलेंट की कमी थी, बल्कि इसलिए कि वे सुंदरता के पारंपरिक पैमानों पर खरी नहीं उतरती थीं।
इसके बारे में बात करते हुए ‘ऋतु’ ने बताया, “वे कहते थे कि हमें एक गोरा बच्चा चाहिए। मैं गोल-मटोल और सांवली थी। उस समय मुझे इसकी ज्यादा परवाह नहीं थी, लेकिन बाद में मुझे एहसास हुआ कि यह कितना बुरा था।” साईनी ने आगे बताया कि उनके माता-पिता ने फिर उन्हें ऐसा महसूस कराया जैसे मैं दुनिया की सबसे सुंदर बच्ची हूं।
साईनी ने बताया हंसिका संग काम करने का अनुभव
हंसिका मोटवानी के संग काम करने का अनुभव शेयर करते हुए साईनी ने कहा, “मैं हंसिका के साथ काम करती थी और उस समय हंसिका को सबसे खूबसूरत बच्ची माना जाता था। प्यारी, गोरी रंगत वाली, पतली-दुबली और वह शो में वह सुंदर लड़कीभी थी, जिसे हर लड़का पसंद करता था। मुझे इसकी कोई परवाह नहीं थी।
मैं एक ‘टॉमबॉय’ थी जो लड़कों को पीटती थी और मैं इस बात से बहुत खुश थी, क्योंकि मेरे परिवार ने मुझे यह महसूस कराया था कि यह बहुत ही सामान्य बात है। मुझे कभी भी जरा सी भी हीन भावना महसूस नहीं हुई।”
पढ़ाई से साईनी राज ने नहीं किया समझौता
साईनी राज ने बताया कि उन्होंने अपनी पढ़ाई या अनुशासन से कभी समझौता नहीं किया। उनके दिन बहुत थकाने वाले होते थे। सुबह स्कूल, देर रात तक शूटिंग और उसके बाद होमवर्क। हालांकि, उनके शिक्षक उनका सहयोग करते थे, फिर भी उनके स्कूली जीवन में अपनी अलग तरह की मुश्किलें थीं, जिनमें अपने साथियों से सामाजिक रूप से अलग-थलग पड़ जाना भी शामिल था। साईनी ने कहा, “स्कूल में मेरे बहुत सारे लड़के दोस्त थे। हमें ‘बाइकर्स’ कहा जाता था। लड़कियां मुझसे नफरत करती थीं।”
स्लमडॉग मिलियनेयर के लिए दिया ऑडिशन
जैसे-जैसे वह बड़ी होती गई, एक्टिंग के मौके कम होते गए। उसने स्लमडॉग मिलियनेयर के लिए ऑडिशन दिया और डायरेक्टर डैनी बॉयल के साथ रीडिंग भी की, लेकिन उसका सिलेक्शन नहीं हुआ। इसके बारे में साईनी ने कहा कि मैं न तो इतनी छोटी थी और न ही इतनी बड़ी। यह इस बात की याद दिलाता है कि टैलेंट की तरह ही सही समय भी करियर को कितना प्रभावित कर सकता है।
आखिरकार, काम का इंतजार करना उनके लिए मुश्किल हो गया। साईनी ने कहा, “हर दिन फोन का इंतजार करना डरावना होता है।” लेकिन साईनी ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने अंदर की रचनात्मकता को पहचाना और लिखना शुरू किया। महामारी के दौरान उन्होंने पढ़ने की आदत डाली और एक वर्चुअल बुक क्लब शुरू किया, जिसमें लोगों को हर महीने एक किताब पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाता है।
राइटर और पोएट हैं साईनी राज
पढ़ाई पूरी करने के बाद साईनी राज ने अपने लिए एक नया रास्ता चुना। अब वह एक एक्टिव राइटर और पोएट हैं। वह कई स्टेज परफॉर्मेंस और स्पोकन वर्ड पोएट्री करती हैं, जिनके वीडियो यूट्यूब पर देखे जा सकते हैं। इसके अलावा वह नेटफ्लिक्स की सीरीज ‘स्टोरीज बाय रबींद्रनाथ टैगोर’ में भी नजर आ चुकी हैं, जिससे उनकी एक्टिंग की प्रतिभा भी सामने आई है।
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