एक साल के लिए आया था, चार फिल्मों के बाद वापस दिल्ली जाना था- स्ट्रगल के दिनों को याद कर भावुक हो गए थे शाहरुख; देखें Video

शाहरुख खान यह सोचकर मुंबई आए थे कि मुझे एक साल यहां रहना है, चार फिल्में करनी हैं और वापस दिल्ली जाना है। लेकिन वो यहीं के होकर रह गए। शाहरुख़ फिल्म इंडस्ट्री को अपनी 'सरोगेट मदर' मानते हैं।

shahrukh khan, shahrukh khan struggle, shahrukh khan first filmशाहरुख़ खान दिल्ली से मुंबई बस एक साल के लिए गए थे (Photo-Indian Express Archive)

शाहरुख खान अपने फैंस के दिलों के बादशाह हैं। उन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। अपनी एक्टिंग और स्टाइल से शाहरुख बॉलीवुड पर राज करते हैं। लेकिन शाहरुख खान ने कभी ये नहीं सोचा था कि वो बॉलीवुड में इतने दिनों तक रहेंगे। मुंबई आने से पहले फिल्म इंडस्ट्री में वो किसी को नहीं जानते थे और न ही वहां उनका कोई गॉडफादर था। शाहरुख खान जब मुंबई आए तो उनके मन में बस एक ही बात थी कि मुझे एक साल यहां रहना है, चार फिल्में करनी हैं और वापस दिल्ली अपने घर जाना है।

शाहरुख खान ने सिमी ग्रेवाल से इंटरव्यू के दौरान अपने स्ट्रगल की कहानी बताई थी। जब सिमी ग्रेवाल ने उनसे पूछा कि बिना किसी गॉडफादर, किसी जान पहचान के उन्होंने अपना सफर कैसे शुरू किया तो शाहरुख ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री मेरी सरोगेट मदर है जिसने मेरा साथ दिया।

वो बोले, ‘फिल्म इंडस्ट्री मेरी सरोगेट मदर है जिसने हमेशा मेरा साथ दिया है। मैंने सोचा भी नहीं था कि मुझे इसका इतना ज्यादा साथ मिलेगा। मैं दिल्ली का लड़का था जिसका कोई गॉडफादर नहीं, इंडस्ट्री में कोई जानने वाला नहीं जबकि ऐसा सोचा जाता है कि फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा होने के लिए ये चीजें जरूरी हैं। मैं रीयल आउटसाइडर था लेकिन यहां के लोगों ने मुझे कभी ये महसूस नहीं होने दिया।’

 

 

शाहरुख खान ने आगे कहा, ‘लोगों ने मुझे रहने को घर दिए, हेमा मालिनी, राकेश रोशन ने भी मुझसे बहुत अच्छे से बर्ताव किया था। मैं यहां बस सालभर के लिए आया था। मैं यहां एक साल के लिए आना चाहता था, चार फिल्में करके वापस दिल्ली जाना चाहता था। लेकिन मैं अब तक नहीं गया।’

 

शाहरुख खान ने बताया कि बड़े कालकारों के साथ काम करते हुए वो अक्सर शॉट देने में हिचकते थे। वो बोले, ‘पहली बार सबके साथ काम करते हुए मुझे डर लगा था। शॉट्स देने के समय मैं बहुत नर्वस हो जाता था। इसलिए नहीं कि मैं बुरा एक्टर था बल्कि इसलिए कि मैं उन सबको देखकर बड़ा हुआ। जब मैं दिलीप कुमार और अमिताभ बच्चन से मिला तो उन्होंने मेरे गाल छुए और हाथ मिलाया।’

 

शाहरुख खान ने फिल्मों में आने से पहले थियेटर और टीवी में काम किया था। धारावाहिक फौजी में उनके काम को खूब पसंद किया गया था और इसी से उन्हें लोगों के बीच लोकप्रियता भी हासिल हुई। शाहरुख खान को हेमा मालिनी ने ही पहला ब्रेक दिया था। फिल्म ‘दिल आशना है’  शाहरुख को हेमा मालिनी की वजह से मिली और यही उनकी पहली फिल्म भी थी। लेकिन दीवाना इससे पहले ही 1992 में रिलीज हो गई थी।

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