बॉलीवुड अभिनेता शाह रुख खान इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘किंग’ को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। यह मूवी इस साल के आखिर में थिएटर पर दस्तक देगी। इसमें सुपरस्टार का एक अलग ही अंदाज देखने को मिल सकता है। बता दें कि इससे पहले वह साल 2023 में आई ‘पठान’, ‘जवान’ और ‘डंकी’ में नजर आए थे और तीनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई।

इन तीन फिल्मों की रिलीज से पहले ऐसा लग रहा है, जैसे शाहरुख का करियर मानों खत्म होने वाला है, क्योंकि साल 2018 में आई रोमांटिक फैंटेसी फिल्म ‘जीरो’ बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई थी। इसे देखते हुए ‘बादशाह’ ने भी कोई और कमिटमेंट नहीं लिया और एक साल का ब्रेक लेने का फैसला किया, लेकिन कोविड की वजह से शाहरुख का यह ब्रेक एक साल से चार साल तक चला गया।

यह भी पढ़ें: ‘लड़के बहुत थक जाएंगे’, जब वसीम अकरम के कहने पर शाहरुख खान ने मंगवा दिया था प्राइवेट प्लेन, पूर्व पाकिस्तानी कप्तान ने सुनाया था किस्सा

अब हाल ही में उन्होंने स्क्रीन से बात करते हुए बताया कि इन चार सालों में ऐसा क्या बदला, जिसकी वजह से वह इतना शानदार कमबैक कर पाए। जब कोविड-19 महामारी के दौरान दुनिया भर के लोग अपने परिवारों के साथ समय बिताने लगे, तब शाहरुख खान भी अपने परिवार के और करीब आ गए। वह हमेशा से एक जिम्मेदार और बच्चों का ख्याल रखने वाले पिता रहे हैं। वह अपने तीनों बच्चों- आर्यन खान, सुहाना खान और अबराम खान से कभी दूर नहीं रहे।

फैमिली के साथ समय बिताने के बाद शाहरुख खान को अपने परिवार और जिंदगी की अहमियत और ज्यादा समझ में आई। इसी अनुभव ने उन्हें नई ऊर्जा और जोश के साथ दोबारा काम पर लौटने की ताकत दी। इसे लेकर शाहरुख ने कहा, “मेरे बच्चे मेरे सबसे अच्छे क्रिटिक हैं। मेरा परिवार मेरा नॉर्थ स्टार है, जो मुझे जमीन से जोड़े रखता है और याद दिलाता है कि असल में क्या मायने रखता है। चाहे जिंदगी कितनी भी व्यस्त क्यों न हो जाए।”

उन्होंने आगे कहा, “लेगेसी सिर्फ प्रोफेशनल अचीवमेंट्स से तय नहीं होती, बल्कि उन वैल्यूज और यादों से तय होती है जो मैं अपने परिवार के साथ शेयर करता हूं। दोनों में बैलेंस बनाने के लिए पूरी तरह से मौजूद रहना जरूरी है। जब मैं अपने पैशन और काम को आगे बढ़ाता हूं, तो मैं पिता होने की छोटी-छोटी खुशियों को कभी नहीं भूलता।”

पहली बार मुंबई आने का बताया अनुभव

अपने करियर, परिवार के बारे में बात करने के बाद अभिनेता ने दिल्ली से पहली बार मुंबई आने के अपने अनुभव के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, “जब मैं पहली बार मुंबई आया था, तो एक पल ऐसा आया जब मैंने समुद्र के पास खड़ा होकर, बहुत कम भरोसे और उम्मीद के साथ सोचा कि मैं क्या बनना चाहता हूं। वह पल तब से मेरे साथ है।”

बता दें कि शाहरुख खान मन्नत में रहते हैं और उनका यह बंगला अरब सागर के सामने है। शाहरुख ने लास्ट में कहा, “समुद्र आपको विनम्र बनाता है। आपको एहसास होता है कि हर चीज को कंट्रोल करने की जरूरत नहीं है। इसकी विशालता आपको याद दिलाती है कि कैसे एक तरह से ऐसी बहुत सी चीजें हैं जो आपसे बड़ी हैं। बड़े सपने देखने और सब कुछ छोड़ देने के बीच का यह बैलेंस कुछ ऐसा है जिसे मैंने इतने सालों में अपने साथ रखा।”

यह भी पढ़ें: ‘मंदिर टूट सकता है, आस्था नहीं’, फिर इतिहास की झलक दिखाएंगे संजय लीला भंसाली, फिल्म ‘जय सोमनाथ’ की हुई घोषणा