बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान ने अनुपम खेर के साथ एक इंटरव्यू में कहा था- आय एम द लास्ट ऑफ द स्टार्स। यानी कि स्टार सिस्टम में वो आखिरी शख्स हैं, इसके बाद एक्टर्स तो आएंगे मगर स्टार कोई नहीं बन पाएगा।

क्या ये सच है और सच है तो ऐसा क्यों हो रहा है… क्यों बॉलीवुड से स्टार सिस्टम खत्म हो रहा चलिए डिकोड करते हैं।

Bhooth Bangla Teaser: अक्षय कुमार-प्रियदर्शन का दिखेगा जादू, टीज़र देख डरते हुए आएगी हंसी

Award Banner

90s और 2000s में बॉलीवुड में कुछ ऐसे सुपरस्टार थे जिनके नाम से ही फिल्में हिट हो जाया करती थीं। शाहरुख खान, सलमान खान, आमिर खान की जब फिल्में लगती थीं तो उसके टिकट्स धड़ल्ले से बिक जाते थे।

कंटेंट अब किंग है

मगर अब दौर बदल चुका है। आज ऑडियंस सिर्फ स्टार नहीं कहानी को प्राथमिकता देती है। तभी कहा जाता है- कंटेंट इज़ किंग। अगर फिल्म की कहानी अच्छी नहीं है तो लोग उस फिल्म को रिजेक्ट कर देते हैं भले ही वो कितने ही बड़े स्टार की क्यों ना हो।

इसके साथ ही जो स्टार्स का फैनडम हुआ करता था वो अब कम हो गया है।

अब फिल्मी सितारों को अपना भगवान नहीं मानते फैंस

लोग फिल्मी सितारों को आइडियल मानना बंद कर चुके हैं और सपनों की दुनिया से दूर रियलिस्टिक जीवन जीने लगे हैं। साउथ सिनेमा में भले ही अभी भी फैंस अपने पसंदीदा स्टार को भगवान की तरह पूजते हैं… मगर बॉलीवुड में फिल्मी सितारों के लिए अब फैंस वैसी दीवानगी नहीं रखते हैं।

कभी उर्मिला मातोंडकर की ‘मस्त’ फिल्म आई थी जहां एक महिला सुपरस्टार और आम इंसान के प्रेम की कहानी दिखाई गई थी जो कहीं ना कहीं आम लोगों की फैंटसी हुआ करती थी… वहीं बाद में शाहरुख खान की ‘फैन’ जैसी फिल्म भी आती है जहां दिखाया गया है कि स्टार इसलिए स्टार हैं क्योंकि उनके फैन हैं।

दूर से चमकते सितारे लगते हैं अच्छे

मगर अब वक्त बदल रहा है… सोशल मीडिया ने फैंस और स्टार्स के बीच की दूरियां कम कर दी हैं। पहले फिल्मी सितारे आसमान के चमकते सितारों की तरह होते थे- दूर से चमकते हुए मगर पहुंच से दूर।

मगर अब वो हमारे मोबाइल स्क्रीन में हर वक्त रहते हैं- जिम लुक या एयरपोर्ट लुक। इतना ही नहीं अब लोग सीधा अपने पसंदीदा सेलेब्स तक अपनी बात पहुंचा देते हैं, मगर इसका निगेटिव साइड ये भी है कि लोग सेलेब्स को ट्रोल करना शुरू कर चुके हैं… मतलब पहले जहां स्टार्स फैंस की दीवानगी से परेशान हो जाया करते थे आज ट्रोल्स ने उनकी नाक में दम करके रखा है।

सिंपल सा फॉर्मूला है- जब एक्सेस बढ़ जाता है तो ऑरा कम हो जाता है।

OTT भी है एक वजह

ओटीटी ने स्टार्स को ‘एक्टर’ बना दिया है और दर्शकों को चॉइस की ऐसी लत लगा दी है कि अब कोई भी सुपरस्टार उन्हें घर से थिएटर तक खींचने के लिए काफी नहीं है, जब तक कि वह फिल्म ‘लार्जर दैन लाइफ’ न हो फैंस फिल्में देखने के लिए घर से बाहर नहीं निकलते हैं।

शाहरुख खान क्यों आज भी हैं कनेक्टिंग

शाहरुख खान की खासियत ये है कि समय के साथ वो खुद को बदलते गए… उनका कल्चरल इम्पैक्ट भी बहुत बड़ा रहा है। दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, माय नेम इज खान से लेकर जवान और पठान तक किंग खान ने कई पीढ़ियों पर असर डाला है।

अपने इमोशनल इंटलिजेंस की वजह से शाहरुख खान की फीमेल फैन फॉलोइंग भी काफी बड़ी है।

इसी वजह से कहा जाता है कि शाहरुख खान शायद आखिरी सुपरस्टार हैं जिनके नाम से फिल्में चलती थीं।

इसका ये मतलब बिल्कुल भी नहीं है कि नए कलाकार टैलेंटेड नहीं हैं। रणबीर कपूर, रणवीर सिंह, कार्तिक आर्यन जैसे तमाम सितारे हैं जो अच्छा काम कर रहे हैं। मगर ये साफ है कि इनकी दीवानगी सुपरस्टार वाली नहीं है।

इसलिए जब शाहरुख खान कहते हैं कि वो लास्ट ऑफ द स्टार्स हैं तो हम इससे बिल्कुल सहमत होते हैं किंग खान।

जब सलमान खान की एक फिल्म ने हिला दिया बॉक्स ऑफिस, एक्टिंग को लेकर बदल गई थी लोगों की राय