बॉलीवुड अभिनेता श्रेयस तलपड़े आज इंडस्ट्री का बड़ा नाम हैं, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब 12 साल तक फिल्मों में काम करने के बावजूद वह अपना पहला घर नहीं खरीद पा रहे थे।

हाल ही में फिल्ममेकर फराह खान के साथ बातचीत में श्रेयस ने अपनी जिंदगी का एक ऐसा किस्सा शेयर किया, जिसमें शाहरुख खान की मदद ने उनका सबसे बड़ा सपना पूरा कर दिया।

दरअसल, फराह खान अपने कुक दिलीप के साथ श्रेयस तलपड़े के घर पहुंची थीं। बातचीत के दौरान श्रेयस ने बताया कि उनका पहला घर फिल्म ‘ओम शांति ओम’ की वजह से ही बन पाया।

श्रेयस ने कहा, “आपको पता है कि हमारे जीवन का पहला घर किसके कारण बना था? यह ओम शांति ओम के कारण बना था।” इस पर फराह खान ने जवाब दिया, “ओह! मैं उस घर में गई हूं। वो बहुत प्यारा था।”

इसके बाद श्रेयस ने बताया कि उस समय बैंक ने उनका होम लोन मंजूर करने से इनकार कर दिया था, क्योंकि वह लोन के लिए योग्य नहीं थे। बैंक अधिकारी ने उनसे पूछा कि वह और कौन-सी फिल्म कर रहे हैं। जब उन्होंने ‘ओम शांति ओम’ का नाम लिया और बताया कि फिल्म में शाहरुख खान हैं तथा निर्देशक फराह खान हैं, तब बैंक ने दोनों में से किसी एक का लेटर लाने को कहा।

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श्रेयस ने फराह खान से संपर्क किया। उन्होंने बिना देर किए शाहरुख खान से बैंक के नाम एक पत्र लिखवाया। श्रेयस ने बताया, “उस समय मैं लोन लेने के लायक नहीं था… मैंने फराह को फोन किया और दो दिनों के अंदर ही उन्होंने शाहरुख खान से बैंक को एक चिट्ठी लिखवा दी। उसी शाम मेरा लोन मंजूर हो गया और आखिरकार हम वह घर खरीद पाए।”

यह किस्सा सुनकर फराह खान भी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, “मुझे यह बिल्कुल याद नहीं है। लेकिन मैं बहुत खुश हूं। शायद हमने ‘ओम शांति ओम’ के लिए आपको उतने पैसे नहीं दिए थे।”

श्रेयस को सपोर्टिंग रोल देने में हिचक रही थीं फराह

बातचीत के दौरान फराह खान ने यह भी बताया कि उन्होंने पहली बार श्रेयस तलपड़े को पावर हाउस जिम में देखा था। उस समय श्रेयस की फिल्म ‘इकबाल’ हिट हो चुकी थी और वह बतौर लीड एक्टर पहचान बना चुके थे।

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फराह ने कहा कि उन्हें श्रेयस को सपोर्टिंग रोल ऑफर करने में झिझक हो रही थी क्योंकि ‘इकबाल’ की सफलता के बाद वह मुख्य अभिनेता बन चुके थे। हालांकि, उन्होंने माना कि ‘ओम शांति ओम’ में श्रेयस का किरदार कहानी के लिए बेहद अहम साबित हुआ।

श्रेयस तलपड़े ने बातचीत के अंत में कहा कि ‘ओम शांति ओम’ फिल्म की मार्केटिंग और पब्लिसिट की अपील से एक थी मिसाल। उन्होंने कहा, “ओम शांति ओम मार्केटिंग और पीआर में एक टेक्स्टबुक की तरह था।”

इस पर फराह खान ने भी कंस्ट्रक्ट किया और कहा कि यह पहली फिल्म थी, जिसमें प्रमोशन के लिए कलाकार टीवी शोज में गए थे। उन्होंने सुझाव दिया कि फिल्म का म्यूजिक लॉन्च भी ‘सा रे गा मा’ जैसा दिखाया गया था, जिसने फिल्म प्रमोशन के नए दौर की शुरुआत की थी।