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समलैंगिकता पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला: करण जौहर बोले- देश को वापस ऑक्सीजन मिली, जानें लोगों की राय

करण जौहर और हंसल मेहता जैसी बॉलीवुड हस्तियों ने समलैंगिक लोगों के सहमति से यौन संबंध बनाने को अपराध के दायरे से बाहर रखने वाले उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए इसे समान अधिकारों के लिए ऐतिहासिक जीत और देश के लिए गौरव का क्षण बताया।

Author September 6, 2018 4:59 PM
सोर्स : इंडियन एक्स्प्रेस

करण जौहर और हंसल मेहता जैसी बॉलीवुड हस्तियों ने समलैंगिक लोगों के सहमति से यौन संबंध बनाने को अपराध के दायरे से बाहर रखने वाले उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए इसे समान अधिकारों के लिए ऐतिहासिक जीत और देश के लिए गौरव का क्षण बताया। उच्चतम न्यायालय की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने गुरूवार को एकमत से 158 साल पुरानी भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के उस हिस्से को निरस्त कर दिया जिसके तहत परस्पर सहमति से अप्राकृतिक यौन संबंध अपराध था। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रामचंद्र सिरस के जीवन से प्रेरित होकर ‘‘अलीगढ़’’ फिल्म बनाने वाले निर्देशक हंसल मेहता ने इस फैसले को ‘‘नई शुरुआत’’ बताया। उन्हें समलैंगिक होने के कारण भेदभाव का सामना करना पड़ा था।

उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘एक नई शुरुआत। कानून ने अपना काम किया। उच्चतम न्यायालय ने वह किया जो संसद नहीं कर पाई। अब समय आ गया है कि रवैया बदला लाए। चलिए खुश हों लेकिन साथ ही दिखे भी। यह एक नई शुरुआत है। धारा 377 फैसला।’’ फिल्म निर्माता करण जौहर ने भी इस फैसले की प्रशंसा की। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘‘ऐतिहासिक फैसला। आज बहुत गौरवान्वित हूं। समलैंगिकता को अपराध के दायरे से बाहर रखना और धारा 377 रद्द करना मानवता तथा समान अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण है। देश को अपनी आॅक्सीजन वापस मिल गई।’’ अभिनेता अर्जुन कपूर ने कहा, ‘‘विवेक की एक बार फिर जीत हुई। हम विश्वास कर सकते हैं कि हमारे पास इस पीढ़ी के लिए निर्णय लेने वाले कुछ समझदार लोग और सांसद हैं।’’ अभिनेत्री सोनम कपूर ने कहा कि एलजीबीटीक्यूआई समुदाय के लिए उनकी आंखों में खुशी के आंसू हैं। उन्होंने कहा, ‘‘एक दिन कोई लेबल नहीं होगा और हम सभी आदर्श समाज में रहेंगे।’’ ‘‘अलीगढ़’’ के पटकथा लेखक अपूर्व असरानी ने कहा कि इस समुदाय को आजादी पाने के लिए 71 साल लगे लेकिन उनकी आवाज दबायी नहीं जा सकी।

अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने कहा कि यह फैसला दिखाता है कि लोकप्रिय नैतिकता संवैधानिक अधिकारों को नहीं कुचल सकती। उन्होंने कहा, ‘‘शुक्रिया माननीय उच्चतम न्यायालय। मैं उम्मीद करता हूं कि भारत के नागरिक सुन रहे हैं। बहुमतवादी विचार और लोकप्रिय नैतिकता संवैधानिक अधिकार तय नहीं कर सकते। हमें पूर्वाग्रहों को खत्म करना, सभी तरह के लोगों को गले लगाना और समान अधिकार सुनिश्चित करने होंगे।’’ अभिनेत्री निमरत कौर ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट पर लिखा, ‘‘अलविदा धारा 377। जन्मदिन मुबारक 2018। समान प्रेम। समान जिंदगियां। आज गौरवान्वित भारतीय हूं।’’ फरहान अख्तर ने कहा कि यह फैसला समय की मांग है।  अभिनेता आयुष्मान खुराना ने भी धारा 377 को खत्म करने का जश्न मनाया।अभिनेत्री कल्कि कोचलिन ने लिखा, ‘‘आज बहुत खुश हूं।’

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