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जल्लीकट्टू पर बन रही फिल्म ‘संथाना देवन’ सोशल मीडिया पर क्यों कर रही ट्रेंड? जानिए

जलीकट्टू खेल के समर्थन में एक्टर धुनष ट्विट करते हुए कहा कि जलीकट्टू तमिल संस्कृति का अहम हिस्सा रहा है।

Author नई दिल्ली | January 13, 2017 6:06 PM

जल्लीकट्टू पर बन रही फिल्म संथाना देवन सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर टॉप ट्रेंड कर रही हैं। असल में यह फिल्म दक्षिण भारत के विवादित खेल जल्लीकट्टू पर बनाई गई है। शुक्रवार को फिल्म का फर्स्ट पोस्टर रिलीज किया गया जिसके बाद यह सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा। पोस्टर में दक्षिण भारतीय फिल्मों के एक्टर आर्या फूलों से सजे सांड के साथ भिड़ने को तैयार नजर आ रहे हैं। इस पारंपरिक खेल में सांड को काबू करने की कोशिश की जाती है। इस विवादित खेल को 2 साल पहले बैन कर दिया गया था। कोर्ट द्वारा खेल पर लगाए गए बैन को चुनौती देती एक याचिकी अभी कोर्ट में पेंडिंग हैं। हाल ही में कमल हासन, धनुष और सिंबू जैसे बड़े दक्षिण भारतीय सितारों ने जल्लीकट्टू का समर्थन किया।

गौरतलब है कि हाल ही में इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में एक्टर-निर्देशक कमल हासन ने निवेदन किया था कि जल्लीकट्टू की तुलना स्पैनिश बुल फाइटिंग से नहीं की जाए। मैं उन गिने चुने कॉलीवुड अभिनेताओं में से हूं जो जल्लीकट्टू का हिस्सा रहे हैं। यह सांड से जीतने या उसे नुकसान पहुंचाने के बारे में नहीं है, बल्कि यह इस बारे में हैं कि कौन सांड के साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त तक रुक सकता है। जल्लीकट्टू पोंगल के तीसरे दिन आयोजित किया जाता है।

गौरतलब है कि हाल ही में केंद्र ने तमिलनाडु में कुछ शर्तों के साथ सांड़ों को काबू में करने के खेल जल्लीकट्टू पर चार साल से लगे प्रतिबंध को हटा लिया। इससे पशु अधिकार कार्यकर्ताओं में नाराजगी है और उन्होंने इस खेल को क्रूरतापूर्ण बताते हुए इसके खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में जाने की बात कही। पाबंदी हटाने पर मुख्यमंत्री जयललिता ने केंद्र सरकार का आभार जताया है। जलीकट्टू खेल के समर्थन में एक्टर धुनष ट्विट करते हुए कहा कि जलीकट्टू तमिल संस्कृति का अहम हिस्सा रहा है। वहीं एक्टर कमल हासन ने स्पेन में होने वाली बुल फाइटिंग के बिल्कुल अलग है।

जलीकट्टू में बैलों को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया जाता बल्कि तमिलनाडु में उन्हें भगवान की तरह पूजा जाता है। इस खेल में बैलों को काबू किया जाता है उन्हें किसी तरह शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचाया जाता, न ही उनके सिंग तोड़े जाते और न अन्य कोई अंग।