ताज़ा खबर
 

कभी नशे से बर्बाद थी संजय दत्त की जिंदगी, अब बने एंटी ड्रग कैंपेन के ब्रांड एंबेसडर

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद सिंह रावत ने शनिवार (1 सितंबर) को मीडिया को जानकारी दी कि अभिनेता संजय दत्त उत्तराखंड समेत पांच राज्यों और दो केन्द्र शासित राज्यों में ड्रग्स विरोधी कैंपेन के ब्रांड एंबेसडर होंगे।

संजय दत्त। (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद सिंह रावत ने शनिवार (1 सितंबर) को मीडिया को जानकारी दी कि अभिनेता संजय दत्त उत्तराखंड समेत पांच राज्यों और दो केन्द्र शासित राज्यों में ड्रग्स विरोधी कैंपेन के ब्रांड एंबेसडर होंगे। रावत ने कहा कि उनकी बात टेलीफोन पर बॉलीवुड अभिनेता से हुई है। उन्होंने इस अभियान के लिए अपनी सहमति भी दे दी है। मुख्यमंत्री ने बताया,” दत्त ने मुझसे कहा कि वह खुद अपनी एक्टिंग करियर के शुरुआती दौर में ड्रग्स की लत से पीड़ित थे। वह इस ड्रग्स विरोधी अभियान से जुड़कर बेहद खुशी अनुभव कर रहे हैं। संजय ने मुझे बताया कि वह इस अभियान का हिस्सा बनकर अपना योगदान देने के इच्छुक हैं।”

टीओआई की खबर के मुताबिक, हाल ही में, सीएम रावत मुंबई में थे। वहीं उनकी मुलाकात बॉलीवुड के कई निर्देशकों से हुई। इनमें मुकेश भट्ट और विशाल भारद्वाज शामिल हैं। हालांकि उनकी मुलाकात इस दौरान संजय दत्त से नहीं हो सकी। संजय उस दौरान किसी फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में बाहर गए हुए थे। इसीलिए सीएम रावत ने उनके साथ टेलीफोन पर बातचीत की थी।

ड्रग्स विरोधी अभियान का ये कदम पांच राज्यों में प्रभावी होगा। इनमें हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और राजस्थान के अलावा दो केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ और दिल्ली भी शामिल हैं। इन सभी राज्यों ने हाल ही में मिलकर एक संयुक्त रणनीति ड्रग्स के खिलाफ बनाई थी। इस रणनीति का मकसद उत्तर भारत के राज्यों में नशे के बढ़ते प्रभाव को रोकना था। सीएम रावत भी इस संबंध मं चंडीगढ़ में आयोजित क्षेत्रीय कॉन्फ्रेंस में शिरकत करने के लिए गए थे। इस कांफ्रेंस में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के उनके समकक्षों ने शिरकत की थी।

इस मामले में रणनीति के तौर पर, इन राज्यों के प्रमुखों ने संयुक्त रणनीति बनाने पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में ड्रग्स के बुरे प्रभाव से बच्चों को दूर रखने के लिए उन्हें इसके दुष्परिणाम के बारे में बताने का फैसला किया गया। बीते 20 अगस्त को हुई इस मीटिंग में चार मुख्यमंत्री सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, कैप्टन अ​मरिंदर सिंह, मनोहर लाल खट्टर और जयराम ठाकुर ने शिरकत की थी। इसके अलावा राजस्थान और दिल्ली के भी प्रतिनिधि शामिल हुए थे। इस बैठक में तय किया गया कि पंचकुला में एक केंद्रीयकृत सचिवालय होगा, जिसमें हर राज्य का नोडल अधिकारी नियुक्त होगा। ये नोडल अधिकारी जानकारियां साझा करेंगे और रणनीति बनाएंगे। मुख्यमं​त्रियों ने यह भी तय किया कि वह हर छह महीने में इस अभियान पर बैठक करेंगे।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App