ताज़ा खबर
 

जब सुनील दत्त ने बेटे संजय दत्त को कश लगाते रंगे हाथों पकड़ लिया था, जानें फिर क्या हुआ था

संजय दत्त को उनके पिता ने सिगरेट के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया था। इसके बाद संजय दत्त के साथ वह काफी सख्ताई से पेश आए थे। उस वक्त सुनील दत्त के घर कई प्रोड्यूसर्स और फिल्ममेकर्स आया करते थे।

संजय दत्त अपनी छोटी बहन नम्रता के साथ (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस आरकाइव)

बॉलीवुड स्टार संजय दत्त अपने फिल्मी करियर और पर्सनल लाइफ से जुड़ी तमाम चीजों को लेकर विवादों में रहे। एक वक्त था जब संजय दत्त कुछ बुरी आदतों से भी घिर गए थे। नशे की आदत के चलते संजय दत्त अर्श से फर्श पर आ गिरे थे। लेकिन परिवार के प्यार और पिता सुनील दत्त के सपोर्ट से वह फिर खड़े हुए और जिंदगी की रेस में दौड़ने लगे।

ऐसा ही एक किस्सा है जब संजय दत्त को उनके पिता ने सिगरेट के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया था। इसके बाद संजय दत्त के साथ वह काफी सख्ताई से पेश आए थे। उस वक्त सुनील दत्त के घर कई प्रोड्यूसर्स और फिल्ममेकर्स आया करते थे। कोई स्क्रिप्ट लेकर तो कोई यारी दोस्ती में सुनील दत्त से मिलने आते थे। सुनील दत्त के ड्रॉइंग रूम में एक खिड़की होती थी, जहां से गेस्ट सिगरेट पीकर बाहर फेंक दिया करते थे।

नीचे गार्डन एरिया था जहां सिगरेट के टुकड़े गिर जाया करते थे। वहीं संजू अकसर खेलते-कूदते थे। उस वक्त संजू महज 8-9 साल के थे। अब जब वह सिगरेट के छोटे छोटे टुकड़े नीचे खड़े संजय दत्त को मिले, तो छोटे से संजू ने उन टुकड़ों से कश लगाना शुरू कर दिया। अब संजय अकसर ये काम किया करते। एक दिन संजय दत्त के पिता गार्डन से गुजर रहे थे।

वहीं दूसरी तरफ संजय दत्त कश लगा रहे थे। जैसे ही उन्होंने पिता को पास आते देखा तो वह गार्डन में पेट के बल लेट गए और अपने नीचे सिगरेट छिपा ली। एक बार एक लाइव कॉन्सर्ट में लता मंगेशकर गाना गाने पहुंची थीं। लेकिन उस दिन उन्हें गाने में बहुत परेशानी आ रही थी। इसके पीछे की वजह थे- संजय दत्त।

संजय दत्त के पिता ने जब उन्हें गार्डन में ऐसे उल्टा लेटे देखा तो वह बड़ा हैरान हुए कि आखिर संजू ऐसे क्यों लेटा है। जब वह संजय दत्त के करीब गए तो उन्होंने देखा कि संजय के नीचे से धुंआ निकल रहा है। ये देखते ही वह हैरान रह गए। जब उन्होंने संजय को पलटाया तो देखा कि उनके नीचे जलती हुई सिगरेट थी। ये देख कर उन्हें बहुत गुस्सा आया।

ऐसे में सुनील दत्त ने फैसला लिया कि उन्हें बोर्डिंग स्कूल भेज दिया जाए। संजय दत्त ने शो जीना इसी का नाम है में इस बारे में खुद बताया था संजय दत्त 10 साल तक बोर्डिंग स्कूल में ही रहे थे। इस पर सुनील दत्त ने बताया था कि संजय दत्त को बोर्डिंग स्कूल भेजने के पीछे का कारण था कि संजू को घर में बहुत प्यार मिल रहा था। वहीं डिसिप्लिन सिखाने के लिए उन्हें बोर्डिंग स्कूल भेजा गया।  एक बार संजय दत्त की फिल्म रॉकी बनकर तैयार हुई उस वक्त परिवार संजू की पहली फिल्म को लेकर काफी एक्साइटेड था। लेकिन दूसरी तरफ मां नरगिस बहुत बीमार थीं। ऐसे में संजू मां नरगिस ने सुनील दत्त से एक ख्वाहिश जाहिर की।

Next Stories
1 राजदीप सरदेसाई बोले- जितिन प्रसाद के जाने से कांग्रेस को कोई बड़ा नुकसान नहीं तो फिल्ममेकर सोनिया-राहुल का नाम ले मारने लगे ताना
2 सरकार की लापरवाही से आया ऑक्सीजन संकट- PM मोदी का नाम लेकर रवीश कुमार ने सुनाई खरी-खोटी
3 चुनाव आयुक्त नहीं मोदी ने अपना बूथ एजेंट तैनात किया है- नए निर्वाचन आयुक्त की तैनाती पर सपा नेता की टिप्पणी
ये पढ़ा क्या?
X