राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने गठन के 100 साल पूरे होने पर मुंबई में दो दिन के एक इवेंट का आयोजन किया। इस इवेंट के पहले दिन कई फेमस बॉलीवुड हस्तियों ने शिरकत की। इनमें सलमान खान, रणबीर कपूर, हेमा मालिनी, सुभाष घई और पूनम ढिल्लों समेत कई नाम शामिल थे। सिर्फ इतना ही नहीं, इवेंट में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने ‘गलवान’ अभिनेता सलमान खान की तारीफ भी की। वहीं, ‘दबंग स्टार’ को इवेंट में बुलाने के बाद संजय राउत ने मोहन भागवत से सवाल किया है।
मोहन भागवत ने की सलमान खान की तारीफ
फिल्म निर्माता सुभाष घई और गीतकार-कवि प्रसून जोशी के साथ-साथ सलमान खान ने भी ध्यान से आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की बात सुनी, जिन्होंने संगठन के नजरिए की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह किसी भी ग्रुप को टारगेट किए बिना राष्ट्रीय हित में काम करता है, एकता को प्राथमिकता देता है और सत्ता की लालसा के बिना काम करता है।
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वहीं, मिड-डे के अनुसार, भागवत ने सलमान की पॉपुलैरिटी और जनता के बीच उनकी पहुंच की सराहना भी की। उन्होंने शनिवार को अपने कार्यक्रम में भाषण देते हुए कहा, “कॉलेज के छात्र सलमान खान के फैशन की नकल करते हैं, जब उनसे पूछा जाता है कि क्यों, तो वे कहते हैं कि उन्हें नहीं पता… सलमान ऐसा कर रहे हैं। इसका मतलब यह है कि समाज में अच्छे मूल्यों को फैशन बनना चाहिए।”
अब इसे लेकर शिवसेना (ठाकरे) पार्टी के नेता और सांसद संजय राउत ने भी मोहन भागवत से सवाल किया है। राउत ने सीधा सवाल उठाया है, क्या उन्होंने सलमान खान को एक मशहूर अभिनेता होने के नाते मंच पर बुलाया था या वे दूसरे मुसलमानों को भी संघ में शामिल होने देंगे? संघ के कार्यक्रम में सलमान खान की मौजूदगी पर संजय राउत ने कहा, “कल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्यक्रम था।
मुझे भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन मैं दूसरे कार्यक्रम में जाने के कारण नहीं जा सका, वरना मैं भी जाता। मुझे पता चला कि सलमान खान मंच पर थे। क्या यह सलमान खान का स्वागत था? एक बड़े बॉलीवुड स्टार को भीड़ इकट्ठा करने के लिए बुलाया गया था या अब से संघ में मुसलमानों के लिए खुला निमंत्रण है? क्या सिर्फ सलमान खान को ही मंच पर बुलाया गया था या अब से संघ की शाखाओं में मुसलमानों का भी स्वागत है?
अगर मोहनराव भागवत ने इस बारे में स्पष्टीकरण दिया होता तो बेहतर होता। क्योंकि जिस तरह से कुछ समय से हिंदुओं और मुसलमानों के बीच नफरत और द्वेष फैलाया जा रहा है, उसमें संघ भी शामिल है।” इसके आगे राउत ने कहा, “मोदी, फडणवीस, अमित शाह और हिंदू-मुसलमानों के बीच नफरत फैलाने वाली राजनीति करने वाले सभी लोग मूल रूप से संघ से हैं।
सलमान खान और अन्य कलाकारों के बारे में मेरा सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ सलमान खान तक ही सीमित था, कि वह एक बड़े कलाकार हैं, ताकि लोगों को दिखाया जा सके कि सलमान खान भी हमारे मंच पर आए थे। अभी सत्ता है, कल जब सरकार गिर जाएगी, तो क्या ये सभी लोग फिर से हमारे मंच पर आएंगे? यह बहुत ही हास्यास्पद सवाल है। बाद में, आपस में चर्चा के दौरान मैंने सुना, हम क्या करेंगे, भाई, हमें जाना ही होगा।”
लास्ट में संजय राउत ने कहा, “मैं सलमान खान के निमंत्रण का स्वागत करता हूं, लेकिन इस देश में बड़ी संख्या में देशभक्त, राष्ट्रवादी मुसलमान हैं, उनका भी स्वागत है।”
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