सलमान खान ने बिग बॉस 20 में एक बड़ा खुलासा किया कि जब उनके आसपास काफी नेगेटिव माहौल था, तब वह खुद भी इस बात को लेकर कंफ्यूजन में थे कि ‘दस का दम’ को होस्ट करने की जिम्मेदारी स्वीकार करें या नहीं। उनका कहना था कि एक टीवी शो ने उनके खिलाफ चल रही पूरी नकारात्मकता को एकदम खत्म कर दिया था।
यह भी पढ़ें- सलमान खान की ‘मातृभूमि’ पर लगी सरकार की मुहर , री-शूटिंग के बाद हुए बड़े बदलाव, कब होगी फिल्म रिलीज
सलमान खान ने अपने उस दौर को याद करते हुए बताया कि उनके खिलाफ चल रहे कोर्ट केस, रिलेशनशिप और फिल्मों से जुड़ी खबरों के कारण वह लगातार सुर्खियों में बने हुए थे। मीडिया में भी उनके बारे में नकारात्मक खबरों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा था। सलमान ने कहा कि “हर कोई तबीयत से उनकी बजाने में लगा था।”
उन्होंने बताया कि अखबारों से लेकर टीवी चैनलों तक, हर जगह उनके बारे में नेगेटिव बातें देखने-सुनने को मिल रही थीं। ऐसे माहौल के बीच जब उन्हें ‘दस का दम’ होस्ट करने का ऑफर मिला, तो शुरुआत में उनका मन इसे स्वीकार करने का बिल्कुल नहीं था।
सलमान खान के मुताबिक, ‘दस का दम’ करने से पहले उन्होंने अपने पिता सलीम खान से सलाह ली थी। उन्होंने पूछा था कि क्या उन्हें यह शो करना चाहिए। इस पर सलीम खान ने उनसे सवाल किया कि क्या उन्हें अपनी पर्सनैलिटी, सोच, दिल और परवरिश पर पूरा भरोसा है। सलमान के हां कहने के बाद उनके पिता ने उन्हें शो करने और खुद को बिना किसी बनावटीपन के पेश करने की सलाह दी।
सलमान ने बताया कि ‘दस का दम’ में उन्होंने किसी किरदार को निभाने की कोशिश नहीं की, बल्कि दर्शकों के सामने खुद के असल रूप को रखा। उनके मुताबिक, इस शो ने लोगों को पहली बार उन्हें सिर्फ एक अभिनेता के तौर पर नहीं, बल्कि एक इंसान के रूप में जानने का मौका दिया।
उन्होंने कहा कि शो के बाद दर्शकों का नजरिया उनके लिए बदला। ‘मैंने प्यार किया’, ‘हम आपके हैं कौन’, ‘हम दिल दे चुके सनम’ और ‘करण अर्जुन’ जैसी फिल्मों में उनके किरदारों से अलग, लोगों ने ‘दस का दम’ के जरिए सलमान खान की असली शख्सियत को करीब से देखा।
यह भी पढ़ें- Drishyam 3 Box Office Collection Day 1: अजय देवगन की सबसे बड़ी ओपनिंग ‘दृश्यम 3’, पहले ही दिन 95 करोड़ की कमाई
सलमान के मुताबिक, इस शो में दर्शकों ने पर्दे के अभिनेता के बजाय उनके भीतर के इंसान को देखा और यही उनके लिए सबसे बड़ा बदलाव था।
सलमान कंटेस्टेंट्स को समझा रहे थे कि उन्हें घर के अंदर सिर्फ इस डर से खुद को रोकना नहीं चाहिए कि वीकेंड पर सलमान उनके व्यवहार को लेकर क्या कहेंगे। उन्होंने कहा कि कई घरवाले सुरक्षित तरीके से गेम खेल रहे हैं और विवादों से बचने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि उन्हें अपनी असली पर्सनैलिटी खुलकर सामने रखनी चाहिए।
