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सलमान खान को महंगी पड़ी दबंगई

मुंबई धमाके के आरोपी याकूब मेमन के समर्थन में उतरने के बाद विवादों में घिरे सलमान खान ने अब माफी मांगी ली है। उन्होंने कहा, "याकूब मेनन पर

Author July 27, 2015 09:48 am
अभिनेता सलमान खान (फाइल फोटो पीटीआई)

अभिनेता सलमान खान ने 1993 के मुंबई बम धमाकों के कसूरवार याकूब मेमन को रविवार को बेकसूर करार देकर तूफान खड़ा कर दिया। हालांकि, राजनीतिक पार्टियों और सोशल मीडिया की आलोचना का शिकार होने के बाद सलमान ने अपने विवादित ट्वीट वापस ले लिए और माफी मांगी। सलमान के मुताबिक उन्होंने अपने पिता सलीम खान की सलाह पर ट्वीट हटा लिए। मेमन को 30 जुलाई को फांसी दी जा सकती है।

सलमान ने रविवार तड़के करीब एक दर्जन ट्वीट किए जिसमें उन्होंने कहा कि एक गलत शख्स को उसके भाई टाइगर मेमन के गुनाहों की वजह से फांसी दी जा रही है। सलमान ने टाइगर को ऐसी ‘लोमड़ी’ करार दिया, जो भाग गई। अभिनेता ने ट्वीट किया था, ‘टाइगर को फांसी पर लटकाएं, उसकी परेड कराएं न कि उसके भाई की’। मुंबई धमाकों के मुख्य संदिग्धों में शामिल टाइगर मेमन के बारे में माना जाता है कि वह पाकिस्तान में है। सिलसिलेवार धमाकों की इस वारदात में 257 लोग मारे गए थे जबकि 1,400 लोग जख्मी हो गए थे। सलमान ने लिखा था कि वे पिछले कुछ दिनों से ट्वीट करना चाह रहे थे लेकिन उन्हें डर लग रहा था।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘पिछले तीन दिनों से ट्वीट करना चाह रहा था, लेकिन डरा हुआ था। इसमें एक शख्स और उसका परिवार शामिल है। भाई को फांसी मत दो। उस लोमड़ी को फांसी दो जो भाग गई है’। सलमान ने ट्वीट किया, ‘एक बेकसूर शख्स को मारना इंसानियत का कत्ल करने जैसा है’।

ट्वीट पर विवाद पैदा होने, उसे आपत्तिजनक करार दिए जाने और सलमान के आवास के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टी शिवसेना ने 2002 के हिट एंड रन मामले में उनकी जमानत रद्द करने की मांग की। शिवसेना प्रवक्ता मनीषा कयांदे ने तो सलमान को राष्ट्र विरोधी तक करार दे दिया।

मुंबई बम धमाके के मुकदमे में विशेष अभियोजक उज्ज्वल निकम ने याकूब मेमन के बचाव में किए गए सलमान के ट्वीटों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि अभिनेता को अपनी टिप्पणियां वापस लेनी चाहिए। याकूब को फांसी की सजा सुनाने वाली टाडा अदालत के पूर्व जज पीडी कोडे ने कहा कि सलमान के ट्वीट उनके विचार हैं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता होने के नाते हर किसी को अपनी राय जाहिर करने का अधिकार है, लेकिन सवाल यह है कि यह कितना प्रासंगिक है।

अपने शुरुआती ट्वीटों को हटाते हुए सलमान ने कहा कि मेरे पिता ने मुझसे बात की और कहा कि मुझे अपने ट्वीट वापस लेने चाहिए क्योंकि वे गलतफहमी पैदा कर सकते हैं। मैं उन्हें वापस लेता हूं। बालीवुड के मशहूर पटकथा लेखक और सलमान के पिता सलीम खान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके बेटे को मामले की जानकारी नहीं है और लोगों को उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। उन्होंने सलमान के शुरुआती ट्वीटों को ‘हास्यास्पद’ और ‘बेमतलब’ करार दिया। अपने विवादित ट्वीट के बाद आलोचना और विरोध का सामना कर रहे सलमान ने कहा, ‘यदि अनजाने में मैंने कोई गलतफहमी पैदा की हो तो मैं बिना शर्त माफी मांगना चाहूंगा’।

अपने पहले ट्वीट में सलमान ने कहा, ‘मैंने ट्वीट किया था कि टाइगर मेमन (धमाके के मामले में मुख्य संदिग्ध) को उसके गुनाहों की सजा दी जानी चाहिए और मैं उस पर कायम हूं। मैंने यह भी कहा था कि उसके बदले याकूब मेमन को फांसी नहीं दी जानी चाहिए’। दूसरे ट्वीट में सलमान ने कहा, ‘मैं उन लोगों की कड़ी निंदा करता हूं जो यह दावा कर रहे हैं कि मेरे ट्वीट धर्म विरोधी हैं। मैंने हमेशा कहा है कि मैं हर धर्म का आदर करता हूं और हमेशा करता रहूंगा’। सलमान ने कहा, ‘मैंने यह नहीं कहा या मेरे कहने का यह मतलब नहीं था कि याकूब मेमन बेकसूर है। हमारे देश की न्याय व्यवस्था पर हमें पूरा भरोसा है’। अभिनेता ने ट्वीट कर कहा, ‘मुंबई बम धमाकों में कई जानें गई थीं। और मैंने बार-बार कहा है कि एक बेकसूर की मौत भी सारी इंसानियत के कत्ल के बराबर है’।

‘बजरंगी भाईजान’ पर गुस्सा उतारा
सलमान खान के ट्वीट को लेकर महाराष्ट्र के कुछ स्थानों पर प्रदर्शन हुए। शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने सतारा में ‘बजरंगी भाईजान’ के पोस्टर पर कालिख पोती। तटीय कोंकण के महाड में प्रदर्शनकारियों ने फिल्म का प्रदर्शन बाधित किया। महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री एकनाथ खड़से ने कहा कि जो लोग याकूब मेमन से सहानुभूति रखते हैं उन्हें दंडित किया जाना चाहिए। दूसरी ओर मुंबई के पुलिस उपायुक्त (डिटेक्शन) धनंजय कुलकर्णी ने कहा कि हमने किसी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए सलमान खान के घर के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी है।

आम आदमी का भरोसा डिगाया
सलमान सेलिब्रिटी हैं और उन्हें प्रशंसकों को गुमराह नहीं करना चाहिए। देश की स्थिरता के दो मुख्य कारक हंै। पहला तो आम आदमी को देश की मुद्रा में और दूसरे न्यायपालिका में आस्था होती है। इसलिए दोषी के बारे में उनकी अवांछित टिप्पणी ने आमजन के न्यायपालिका में विश्वास को डिगाया है।… उज्ज्वल निकम, मुंबई धमाकों में विशेष अभियोजक

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