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टाइगर मेमन को फांसी दें, ना कि याकूब को: सलमान खान

वर्ष 1993 के मुंबई विस्फोट मामले में काल कोठरी में फांसी की सजा का इंतजार कर रहे याकूब मेमन के बचाव में अब बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान भी उतर आए हैं..

Author July 26, 2015 2:52 PM
सलमान खान ने एक-के-बाद कई ट्वीट कर याकूब मेमन की फांसी का विरोध किया।

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने वर्ष 1993 के मुंबई बम विस्फोट मामले में काल कोठरी में फांसी की सजा का इंतजार कर रहे याकूब मेमन के बचाव में आते हुए कहा है कि उसके भाई टाइगर मेमन के अपराध के लिए गलत आदमी को सजा दी जा रही है।

साथ ही सलमान ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से कहा कि अगर टाइगर मेमन उनके देश में है तो वह उसे भारत भेजें। याकूब मेमन को 30 जुलाई को फांसी दी जानी है।

सलमान ने ट्वीट किया, ‘‘टाइगर को फांसी पर लटकाएं, उसकी परेड कराएं न कि उसके भाई की।’’ उन्होंने लिखा ‘‘(याकूब) फांसी के फंदे पर चढ़ने वाला है। कोई बयान, कोई अता-पता, कुछ तो बोलो कि तुम (टाइगर) थे। वाह भाई हो तो ऐसा, मतलब या खूब मेमन….।’’ टाइगर मेमन 1993 के मुंबई बम विस्फोट मामले के मुख्य संदिग्धों में से एक है।

सलमान ने कहा कि वह इस मामले पर पहले ही ट्वीट करना चाहते थे लेकिन थोड़ा डरते थे। उन्होंने लिखा, ‘‘मैं इस मामले में तीन दिन पहले ही ट्वीट करना चाहता था लेकिन डरता था, लेकिन यह एक व्यक्ति के परिवार का सवाल है। उसके भाई को फांसी पर मत लटकाओ, लटकाना है तो लोमड़ी (टाइगर) को फांसी पर लटकाओ जो यहां से भाग गया।’’

अभिनेता ने कहा कि एक बेकसूर आदमी को मारना मानवता को मारने जैसा है। सलमान ने ट्वीट के माध्यम से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से कहा कि अगर टाइगर मेमन उनके देश में है तो वह उसे भारत भेजें।

सलमान ने लिखा, ‘‘शरीफ साहब, एक दरख्वास्त है कि अगर यह (टाइगर) आपके मुल्क में है तो कृपया इत्तिला कर दीजिए, किधर छुपा है टाइगर?’’

उन्होंने आगे लिखा, ‘‘टाइगर की ही तो कमी है भारत में। टाइगर को लाओ। हम तो अपने परिवार पर मर भी जाएं। टाइगर तुम्हारा भाई कुछ दिनों में तुम्हारे लिए, टाइगर को पकड़ कर फांसी पर लटकाओ, उसकी परेड कराओ ना कि उसके भाई की।’’

कई ट्वीटों की श्रृंखला में उन्होंने लिखा, ‘‘(याकूब) फांसी के फंदे पर चढ़ने वाला है। कोई बयान, कोई अता-पता, कुछ तो बोलो कि तुम (टाइगर) थे। वाह भाई हो तो ऐसा, मतलब या खूब मेमन….।’’

याकूब मेमन को 30 जुलाई को फांसी दी जानी है। उसी दिन उसका जन्मदिन भी है। मेमन नागपुर सेंट्रल जेल में बंद है। उसे विशेष टाडा अदालत ने मौत की सजा सुनाई जिसके खिलाफ उसकी सुधारात्मक याचिका को इस हफ्ते के शुरू में उच्चतम न्यायालय ने ठुकरा दिया।

मुंबई में 12 मार्च 1993 को हुए श्रृंखलाबद्ध विस्फोटों में कम से कम 257 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हो गए थे। इस मामले में मेमन एकमात्र दोषी है जिसकी मौत की सजा को उच्चतम न्यायालय ने बरकरार रखा।

सुधारात्मक याचिका खारिज होने के बाद मेमन ने महाराष्ट्र के राज्यपाल को एक दया याचिका भेजी। राष्ट्रपति उसकी दया याचिका पहले ही खारिज कर चुके हैं।

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