एक दौर था जब माना जाता था कि किसी महिला कलाकार की शादी होते ही उसका फिल्मों से रिश्ता खत्म हो जाता है। इसे उस समय का सामाजिक चलन कह सकते हैं या फिर साफ शब्दों में कहें तो यह हमारे पितृसत्तात्मक समाज की सोच थी। ऐसे में अभिनेत्री सायरा बानो की कहानी काफी दिलचस्प लगती है। हालांकि, इसकी वजह यह नहीं है कि उन्होंने इन सामाजिक परंपराओं को तोड़ा और शादी के बाद भी लंबा करियर बनाया।
बल्कि इसलिए कि उन्होंने खुद को दिलीप कुमार की पत्नी के रूप में अपनाया और अपने पति के साथ अपने रिश्ते पर गर्व किया। सायरा ने अपनी जिंदगी दिलीप कुमार की साथी बनने के लिए समर्पित कर दी और बीमारी से लेकर मुश्किल समय तक हर हाल में उनका साथ दिया। यहां तक कि उस वक्त भी जब दिलीप कुमार ने उनसे छिपकर दूसरी शादी कर ली थी।
12 साल की उम्र में हुआ दिलीप कुमार से प्यार
सायरा बानो ने 1961 में सुपरहिट फिल्म ‘जंगली’ से फिल्मों में कदम रखा। वह मशहूर अभिनेत्री नसीम बानू की बेटी थीं, लेकिन बचपन से उनका सपना अभिनेत्री बनने का नहीं था। किशोरावस्था में उनका सपना सुपरस्टार दिलीप कुमार से शादी करना था, जो उनसे 22 साल बड़े थे। यह उस उम्र की एक मासूम लड़की का सपना था, जिसने अभी दुनिया को करीब से नहीं देखा था।
जब सायरा सिर्फ 12 साल की थीं, तब उन्होंने ‘मुगल-ए-आजम’ के सेट पर दिलीप कुमार को देखा था। इसके बाद भी उनके मन में उनके लिए प्यार बना रहा और उन्हें सच में लगा कि वह दिलीप कुमार से प्यार करने लगी हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में सुभाष के झा से कहा था, “टीनएजर में ही मैं उनकी पत्नी बनना चाहती थी।”
फिर करीब एक दशक बाद उनका यह सपना सच हो गया। आखिर दिलीप कुमार ने उनसे शादी क्यों की, जो उनसे 22 साल छोटी थीं, यह एक अलग चर्चा का विषय है। लेकिन सायरा के लिए उनका सपना पूरा हो चुका था। दिलीप कुमार एक समझदार और अनुभवी इंसान थे, जो प्यार, शोहरत और कामयाबी की दुनिया देख चुके थे। वहीं सायरा एक ऐसी लड़की थीं, जो उन्हें लेकर अपने बचपन के सपने को कभी भूल नहीं पाईं।
दिलीप कुमार से शादी के कई साल बाद भी सायरा उन्हें और खुद को जॉर्ज बर्नार्ड शॉ के नाटक ‘पिग्मेलियन’ के किरदारों की तरह देखती थीं। उनके लिए दिलीप कुमार प्रोफेसर थे, जो उन्हें आगे बढ़ने और बदलने में मदद कर सकते थे, जबकि वह खुद एलाइजा डूलिटल थीं। 2024 में फिल्मफेयर को दिए इंटरव्यू में अभिनेत्री ने कहा था, “मैं हमेशा दिलीप साहब के साथ यह करना चाहती थी और चाहती थी कि उनके साथ मेरी पहली फिल्म यही हो। मुझे उनके प्रोफेसर हेनरी हिगिंस के सामने एलाइजा डूलिटल का किरदार निभाना बहुत पसंद आता।” दोनों ने साथ में पहली फिल्म 1970 में ‘गोपी’ की थी।
शादी के बाद झेला दर्द
सायरा 22 साल की थीं जब उन्होंने 44 साल के दिलीप से शादी की और वे अपनी शादी को बचाने के लिए कोई भी कुर्बानी देने को तैयार थीं। शादी के शुरुआती सालों में, उन्हें दिलीप के घर में खराब माहौल का सामना करना पड़ा, जिसका असर उनकी सेहत पर पड़ा। दिलीप ने उन्हें पहले ही बता दिया था कि उनकी बहनें उन पर अपना पूरा हक समझती थीं और अगर वे किसी से शादी करते तो उन्हें यह बात अच्छी नहीं लगती।
उन्होंने अपनी ऑटोबायोग्राफी ‘दिलीप कुमार: द सब्सटेंस एंड द शैडो’ में लिखा, “मैंने उनसे कहा था कि यह तय है कि अगर मैं सातवें आसमान की अप्सरा भी ले आऊं, तो भी मेरा परिवार उसे स्वीकार नहीं कर पाएगा।” इसके बाद अभिनेत्री को दिलीप कुमार की बहनों की नाराजगी का सामना करना पड़ा। जब उन्हें सुबह जल्दी शूट के लिए तैयार होना होता था, तो वह कभी-कभी सड़क के उस पार अपने माता-पिता के घर चली जाती थीं।
लेकिन इन सबके बावजूद, उन्होंने कभी अपने पति से कोई शिकायत नहीं की, यहां तक कि तब भी नहीं जब वह उन पर डाले जा रहे भावनात्मक तनाव के कारण बीमार पड़ गईं। कुछ साल बाद सायरा और दिलीप का गर्भावस्था के आठवें महीने में बच्चा नहीं रहा। कई साल बाद जब उनसे बच्चों के न होने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “मुझे बच्चे की कमी महसूस नहीं होती क्योंकि साहब दिल से बच्चे जैसे हैं।”
जब दिलीप कुमार ने की दूसरी शादी
साल 1982 में जब दिलीप ने अस्मा रहमान नाम की महिला से शादी की, तो सायरा को बहुत बड़ा झटका लगा। हालांकि, सायरा ने इस बारे में कभी खुद कुछ नहीं कहा, लेकिन दिलीप ने अपनी बात बताते हुए कहा था कि सायरा को दुख पहुंचाने के लिए वह खुद को कभी माफ नहीं कर पाए। इसे एक बड़ी गलती बताते हुए उन्होंने माना कि उन्होंने पहले सायरा के परिवार से वादा किया था कि वह दोबारा शादी नहीं करेंगे। लेकिन इन सबके बावजूद, सायरा उनके साथ खड़ी रहीं।
कुछ साल बाद सायरा ने अपना करियर छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वह अपने पति के साथ रहना चाहती थीं। उन्होंने झा के साथ एक पुरानी बातचीत में कहा था, “साहब, उनकी जिंदगी और उनके घर का ध्यान रखना मेरे लिए बहुत स्वाभाविक है। उन्होंने कभी मुझसे अपना करियर छोड़ने के लिए नहीं कहा। बल्कि, उन्होंने शादी के बाद भी मुझे एक्टिंग जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। लेकिन कुछ समय बाद मेरा मन अपने करियर में नहीं लगा। मैं बस साहब का ख्याल रखना चाहती थी।”
उसी बातचीत में अभिनेत्री ने कहा था, “वह किसी से भी किसी भी महिला से शादी कर सकते थे। उन्होंने मुझे चुना, मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानती हूं।” उनका यह भी मानना था कि दिलीप कुमार की पत्नी बनने के लिए कुछ काबिलियत होनी चाहिए और शायद उनमें वह काबिलियत थी, इसीलिए उन्होंने उन्हें चुना। दोनों की शादी 55 साल तक चली।
2022 में ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ से बातचीत में उन्होंने कहा था, “मैं दिलीप साहब की देखभाल प्यार की वजह से करती हूं, किसी दबाव में नहीं। मैं यह नहीं चाहती कि लोग मुझे समर्पित पत्नी कहकर मेरी तारीफ करें। मैं उनसे बहुत प्यार करती हूं और वह मेरी सांस हैं।” दिलीप कुमार का 2021 में 98 साल की उम्र में निधन हो गया।
