रणवीर सिंह स्टारर ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी की रिलीज के बाद हिंदी सिनेमा में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। दिसंबर 2025 और मार्च 2026 में रिलीज हुई इस फ्रेंचाइजी की दोनों फिल्मों ने दुनियाभर में लगभग 3100 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार किया। इससे पहले किसी भी हिंदी फिल्म फ्रेंचाइजी ने ऐसी सफलता हासिल नहीं की थी। 2026 के पहले छह महीनों में भी कोई फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ की कमाई के आसपास नहीं पहुंच सकी।
‘धुरंधर 2’ ने 1813 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया, जबकि साल की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्म ‘बॉर्डर 2’ ने 450 करोड़ रुपये कमाए। अब सैफ अली खान का मानना है कि धुरंधर की सफलता के बाद हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को खुद पर गंभीरता से विचार करने और ज्यादा रिस्क लेने की जरूरत है।
क्या बोले सैफ अली खान
द हॉलीवुड रिपोर्टर को दिए इंटरव्यू में सैफ ने कहा, “दर्शक अब ऐसी फिल्मों में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं जो पूरे जुनून के साथ बनाई गई हों, कुछ अलग हों और जिनमें कोई स्पष्ट बात कहने की कोशिश हो। मुझे लगता है कि हिंदी सिनेमा में धुरंधर से पहले और धुरंधर के बाद का दौर है। अब यह हम पर निर्भर करता है कि हम इस बदलाव को समझते हैं या नहीं।”
सैफ ने उन फिल्मों का भी जिक्र किया जो दर्शकों को हल्के में लेने की गलती कर बैठती हैं। उनका कहना था कि फिल्म निर्माण के दौरान कई बार जरूरी चीजें नजरअंदाज हो जाती हैं। अभिनेता ने कहा, “हमें ज्यादा बार सही फैसले लेने चाहिए और ज्यादा साहसी होना चाहिए। धुरंधर जैसी फिल्म की लोकप्रियता और उसकी कमर्शियल सफलता को दूसरी फिल्मों से तुलना करके देखिए। आखिर यह अंतर इतना बड़ा क्यों है?”
एक्टर ने फिल्म के संगीत की भी तारीफ की। सैफ के मुताबिक, फिल्म में नए गानों और रीमिक्स ट्रैक्स का इस्तेमाल काफी समझदारी से किया गया। ‘कॉकटेल’ अभिनेता ने कहा, “अगर किसी आइटम सॉन्ग के लिए सिर्फ एक ग्लैमरस हीरोइन को लाने की बजाय गाने को कहानी का हिस्सा बनाकर पेश किया जाए, जैसे किसी शादी में लोग परफॉर्म करते हैं, तो वह न तो अजीब लगता है और न ही दर्शकों का ध्यान कहानी से हटाता है। यह काफी स्मार्ट तरीका है।”
बता दें कि फिल्म ‘धुरंधर’ का निर्देशन आदित्य धर ने किया था। इसमें रणवीर सिंह के साथ अर्जुन रामपाल, आर माधवन, सारा अर्जुन, राकेश बेदी समेत कई सितारे नजर आए थे।
