एक्ट्रेस दीया मिर्जा इन दिनों अपने एक बयान को लेकर ट्रोल हो रही हैं। जिसमें उन्होंने कहा था उनके 5 साल के बेटे ने नारियल पानी वाले को प्लास्टिक बैग को लेकर टोका था। अब ऋचा चड्ढा ने दीया को ट्रोल करने वालों को करारा जवाब देते हुए लंबा-चौड़ा पोस्ट किया है और लोगों से सेलेब्स की मेंटल हेल्थ का ध्यान रखने को कहा।
दरअसल, दीया अपने पॉडकास्ट ‘ऑल अबाउट हर’ में बताया था कि उनका पांच साल बेटा अव्यान आजाद रेखी नारियल पानी पहुंचाने वाले डिलीवरी बॉय को इसलिए टोका क्योंकि वह नारियल प्लास्टिक बैग में लेकर आया था। अव्यान ने कहा था, “इस घर में प्लास्टिक की अनुमति नहीं है।” दीया लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अभियानों का हिस्सा रही हैं और UNICEF की सेलिब्रिटी एडवोकेट भी हैं।
ऋचा चड्ढा ने गिनाईं दीया मिर्जा की पर्यावरण के लिए की गई पहल
ऋचा चड्ढा ने गुरुवार को अपने X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट करते हुए बताया कि दीया मिर्जा वर्षों से पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने लिखा कि दीया एक बांस से कागज बनाने वाली कंपनी से जुड़ी हैं, जिससे पेड़ों की कटाई कम होती है। इसके अलावा वह विदआउट नाम के एक प्लास्टिक रीसाइक्लिंग स्टार्टअप से भी जुड़ी हैं, जो रीसाइक्लिंग के जरिए स्टाइलिश सनग्लासेज बनाता है।
ऋचा ने यह भी बताया कि दीया ने अपने प्रोडक्शन हाउस वन इंडिया स्टोरीज के तहत जलवायु परिवर्तन पर एक खूबसूरत शॉर्ट फिल्म बनाई है, जिसकी स्क्रीनिंग इस शुक्रवार मुंबई के पर्दाफाश फिल्म फेस्टिवल में होने वाली है।
उन्होंने ट्रोल्स पर निशाना साधते हुए लिखा, “अगर आप एक 5 साल के बच्चे को ट्रोल कर सकते हैं, तो कम से कम गूगल पर थोड़ी जानकारी भी खोज सकते हैं।”
ऋचा ने पोस्ट में बताया साल 2020 में अली फजल से अपनी शादी के मौके पर दीया मिर्जा ने उन्हें 1100 पेड़ गिफ्ट किए थे। यही पहल ऋचा ने भी अपनी बेटी के जन्म के बाद अपनाई और मीडिया को 1100 पेड़ उपहार में दिए। उन्होंने अपने पोस्ट में उन पेड़ों की तस्वीरें भी साझा कीं।
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने दीया को पर्यावरण संरक्षण की बात करने के बावजूद लग्जरी कार इस्तेमाल करने पर पाखंडी बताया था। इस पर ऋचा ने जवाब देते हुए लिखा, “उनके पास जगुआर नहीं है। मैंने उन्हें सिर्फ दो इलेक्ट्रिक कारों का इस्तेमाल करते देखा है।”
‘अगर पहले गलतियां की थीं, तो क्या उन्हें माफ नहीं किया जा सकता?’
ऋचा ने आगे लिखा, “अगर उन्होंने अतीत में कोई गलती की भी हो, तो कृपया उन्हें माफ कर दीजिए।” उन्होंने कहा कि “दीया एक दिन में पर्यावरण संरक्षण के लिए जितना काम करती हैं, उतना शायद कुछ यूट्यूब ब्लॉगर या उनके आलोचक पूरे साल में भी नहीं करते।”
यह भी पढ़ें: कैंसर से जंग के बीच दीपिका कक्कड़ को सता रही बेटे की चिंता, बोलीं- वो भावनात्मक रूप से काफी कमजोर है
उन्होंने ट्रोल्स को जवाब देते हुए लिखा, “जो लोग दुनिया में अच्छा काम करना चाहते हैं, उन्हें इसकी बड़ी व्यक्तिगत कीमत चुकानी पड़ती है। लेकिन लोग आराम से कुर्सी पर बैठकर उन्हें ट्रोल करते हैं और पाखंडी कहते हैं। इसके बावजूद वे अपना काम करते रहेंगे, क्योंकि यही उनका उद्देश्य है।”
जलवायु परिवर्तन और पितृसत्ता पर भी दीया के बयान से छिड़ी बहस
दीया मिर्जा ने पॉडकास्ट में जलवायु परिवर्तन को पितृसत्ता (Patriarchy) से भी जोड़ते हुए कहा था कि दोनों मुद्दे आपस में जुड़े हुए हैं। इस बयान पर भी उन्हें सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा। इसके बाद दीया ने एक वीडियो जारी कर अपनी बात दोहराई और कहा, “जलवायु न्याय (क्लाइमेट जस्टिस) और लैंगिक न्याय (जेंडर जस्टिस) एक-दूसरे से अलग नहीं हैं। असमानता की नींव पर टिकाऊ भविष्य का निर्माण नहीं किया जा सकता।”
