बॉलीवुड ने सुंदरता के बारे में कई पारंपरिक अर्थों को बढ़ावा दिया है। गोरा, पतला और लंबा होना, एक तरह से खूबसरती का मापदंड माना गया है और जो इस सांचे में फिट नहीं बैठता, उसे इस इंडस्ट्री में कई तानों और संघर्षों का सामना करना पड़ा है। भले ही समय के साथ थोड़ा बदलाव आया हो लेकिन पुराने दशकों में ये काफी आम था।
इसके बावजूद कई अभिनेत्रियां ऐसी भी हैं जो अपने सांवले रंग, खूबसूरत नैन-नक्शे और शानदार एक्टिंग के बल पर इन सभी मापदंडो को तोड़ती नजर आई हैं। इनमें से एक है 70 के दशक की अभिनेत्री रेखा।
जब रेखा ने लुक्स के लिए सुने ताने
एक समय पर उन्हें भी अपने सांवले रंग और वजन के लिए कई फिल्ममेकर्स से ना सुनना पड़ा था। रेखा को भी शुरुआती दौर में इंडस्ट्री में बहुत ताने सहने पड़े थे। उनके लुक और रंग को लेकर उनके सहयोगी एक्टर तक उन्हें ताने मार दिया करते थे। ऐसा ही एक किस्सा अब एक्टर संजय खान की बेटी ने फराह खान अली ने साझा किया। उन्होंने बताया कि रेखा के साथ उनके पापा ने कैसे एक फोटोशूट कराने से इनकार कर दिया था।
संजय खान की बेटी फराह ने बताया किस्सा
विक्की ललवानी के साथ फराह खान अली ने रेखा और संजय खान से जुड़ा एक किस्सा साझा करते हुए बताया, हाल ही में रेखा उनके घर गईं थीं। रेखा ने मुझे बताया कि, “मेरे पिता ने रेखा को लॉन्च किया था,”। इसके बाद फराह ने रेखा के मुंह से सुना यह दिलचस्प किस्सा साझा किया।
फराह खान ने बताया कि हाल ही में उनकी मां के निधन पर रेखा उनके घर आई थीं। इस दौरान रेखा ने एक पुराना किस्सा याद करते हुए कहा, “मैं आज फिल्मों में हूं तो सिर्फ तुम्हारी मां की वजह से।”
संजय खान ने रेखा के साथ फोटोशूट के लिए किया मना
फराह बताती हैं कि ‘जब रेखा ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था, तब उनके पिता संजय खान उनके साथ फोटोशूट करने के लिए तैयार नहीं थे। वजह यह थी कि उस समय रेखा का वजन ज्यादा था और वह उन्हें खास आकर्षक नहीं लगी थीं।’
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रेखा ने फराह से कहा, “जब मैं पहली बार आई थी, तब मैं काफी मोटी थी और इतनी आकर्षक भी नहीं दिखती थी। तुम्हारे पिता मेरे साथ फोटोशूट नहीं करना चाहते थे। लेकिन तुम्हारी मां जरीन ने उनसे कहा, ‘इस लड़की की खूबसूरत आंखें और प्यारी मुस्कान देखिए, इसके साथ फोटोशूट कीजिए।’ आखिरकार उन्होंने अनमने मन से हामी भर दी। जब तस्वीरें सामने आईं तो उन्होंने कहा, ‘अरे, यह तो अच्छी लग रही है। इसके साथ फिल्म करेंगे।’ इसी तरह मुझे फिल्म इंडस्ट्री में पहला बड़ा मौका मिला।”
बता दें कि रेखा और संजय खान ने 1971 में रिलीज हुई फिल्म ‘हसीनों का देवता’ में साथ काम किया था। इस फिल्म में बिंदु और हेलेन भी अहम भूमिकाओं में नजर आई थीं। यह 1970 की सुपरहिट फिल्म ‘सावन भादों’ के बाद रेखा की दूसरी हिंदी रिलीज थी।
