scorecardresearch

अक्षय की ‘खिलाड़ी’ पर लगा रवि तेजा का ठप्पा

बालीवुड और दक्षिण भारतीय फिल्मोद्योग में जहां एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ दिख रही है, वहीं दोनों के बीच टकराव भी बढ़ रहे हैं।

अक्षय की ‘खिलाड़ी’ पर लगा रवि तेजा का ठप्पा
अक्षय कुमार।

बालीवुड और दक्षिण भारतीय फिल्मोद्योग में जहां एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ दिख रही है, वहीं दोनों के बीच टकराव भी बढ़ रहे हैं। कारोबारी हितों को लेकर ताजा विवाद 11 फरवरी को रिलीज हुई रवि तेजा की तेलुगु-हिंदी डब फिल्म ‘खिलाड़ी’ है, जिसके प्रदर्शन पर रोक लगाने के लिए मामला अदालत में है। ‘खिलाड़ी’ अक्षय कुमार की हिट हिंदी फिल्म है और इस शृंखला के तहत अब तक सात फिल्में बन चुकी है।

‘खिलाड़ी’ टकरा रहे हैं, अदालत जा रहे हैं। मुंबई के खिलाड़ी अक्षय कुमार हैं और उन्हें हैदराबाद के खिलाड़ी रवि तेजा ने तब चुनौती दे दी जब 11 फरवरी को उनकी तेलुगु से हिंदी में डब फिल्म ‘खिलाड़ी’ रिलीज हुई। इधर मुंबई में ‘खिलाड़ी’ के निर्माता रतन जैन को कानोकान भनक नहीं लगी कि हैदराबाद में कोई उनकी फिल्म के नाम पर तेलुगु में ‘खिलाड़ी’ बना रहा है। आठ फरवरी को जब तेलुगु ‘खिलाड़ी’ का ट्रेलर रिलीज हुआ तो उन्होंने एक वकील से केस तैयार करके दिल्ली हाई कोर्ट में मुकदमा कर दिया।

अपनी याचिका में उन्होंने कहा कि ‘खिलाड़ी’ शीर्षक उनके नाम रजिस्टर्ड है और कोई दूसरा निर्माता इस शीर्षक से उनकी अनुमति के बिना फिल्म नहीं बना सकता। मगर 11 फरवरी को रवि तेजा की तेलुगु के साथ हिंदी में डब ‘खिलाड़ी’ रिलीज हो रही है और इसके निर्माता ने उनसे यह शीर्षक इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं ली है लिहाजा इसका प्रदर्शन तुरंत रोका जाए।

अदालत में 11 फरवरी को ही सुनवाई हुई, जिसमें कहा गया कि इस स्थिति में फिल्म का प्रदर्शन नहीं रोका जा सकता। वीनस कंपनी के रतन जैन ने 1992 में ‘खिलाड़ी’ बनाई थी, जो अक्षय कुमार की पहली हिट फिल्म थी। ‘खिलाड़ी’ चली तो ‘खिलाड़ी’ शीर्षक का इस्तेमाल करते हुए जैन ने ‘तू खिलाड़ी मैं अनाड़ी’ बनाई। इसके बाद ‘खिलाड़ी’ शृंखला को आगे बढ़ाने का काम केशु रामसे ने किया, जो डरावनी फिल्में बनाने के लिए जाने जाते हैं।

उन्होंने अक्षय कुमार को लेकर पांच खिलाड़ी फिल्में (सबसे बड़ा खिलाड़ी, खिलाड़ियों का खिलाड़ी, मिस्टर एंड मिसेज खिलाड़ी, इंटरनेशनल खिलाड़ी और खिलाड़ी 420) बनार्इं। इस शृंखला की पिछली रिलीज फिल्म 2012 में आई ‘खिलाड़ी 786’ थी, जिसके चार निर्माताओं में से एक अक्षय कुमार की अभिनेत्री पत्नी ट््िवंकल खन्ना भी थी। इसके अलावा ‘खिलाड़ी’ शीर्षक का इस्तेमाल कर टीवी शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ भी बनाया गया, जिसके पहले दो सीजन की मेजबानी अक्षय कुमार ने की थी।

तो जिस शीर्षक शृंखला से मुंबई के इतने निर्माता जुड़े हों, उस पर कोई तेलुगु निर्माता बिना अनुमति के फिल्म बनाए और अक्षय के बजाय रवि तेजा का खिलाड़ी पर ठप्पा लग जाए। तो जो होना चाहिए वही हुआ। मामला अदालत में गया। शीर्षकों में यह ‘गड़बड़’ आम बात हो गई है। निर्माताओं की संस्थाएं कुछ कर नहीं पा रही हैं क्योंकि मामला भाषा का होता है। उनके लिए तेलुगु ‘खिलाड़ी’ अलग, हिंदी ‘खिलाड़ी’ अलग।

दोनों के शीर्षक अलग-अलग संस्थाओं में रजिस्टर हुए। मगर दर्शकों में इससे भ्रम फैलता है। दर्शकों में जो ‘खिलाड़ी’ अक्षय के नाम से जानी जाती थी, अब रवि तेजा के नाम से जानी जाएगी? तेजा तेलुगु में स्टार हैं। उनकी ‘विक्रमारकुडू’ पर अक्षय की ‘राउडी राठौड़’, ‘किक’ पर सलमान की ‘किक’, ‘मर्यादा रमन्ना’ पर अजय देवगन की ‘सन आफ सरदार’, ‘शंबो शिवा शंबो’ पर जैकी भगनानी की ‘रंगरेज’ जैसी फिल्में बन चुकी हैं।

पढें मनोरंजन (Entertainment News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.