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नचनिया बोलकर अपमान किया था, तभी हारे- निरहुआ की जीत पर बोले रवि किशन; मिलने लगी नसीहत

निरहुआ को मिली जीत पर अभिनेता रवि किशन ने कहा कि “नचनिया नहीं बोलना था सपा के दिग्गजों ये गलती कर बैठे।’ इस पर लोगों ने नसीहत दी है ।

Dinesh Lal Yadav II Ravi Kishan II BJP
दिनेश लाल यादव के साथ अभिनेता रवि किशन (फोटो सोर्स- ट्विटर/ रवि किशन)

लोकसभा उपचुनाव में आजमगढ़ से भाजपा उम्मीदवार और भोजपुरी अभिनेता दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ को जीत मिली है। समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। दिनेश लाल यादव को जब भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया था तब विरोधी दल के नेता उनके गाने और फिल्म का वीडियो शेयर कर उनका मजाक उड़ाते भी नजर आए थे। उन्हें नचनिया तक कहा गया था। अब अभिनेता और सांसद रवि किशन ने जवाब दिया है। 

दिनेश लाल यादव ने समाजवादी पार्टी का गढ़ माने जाने वाले आजमगढ़ में धर्मेन्द्र यादव को चुनाव में हरा दिया है। चुनाव में मिली ‘निरहुआ’ की जीत पर रवि किशन ने प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया कि “नचनिया नहीं बोलना था सपा के दिग्गजों ये गलती कर बैठे। हम लोग मॉ सरस्वती के बच्चे हैं, कला का प्रदर्शन कर परिवार चलाया, समाज में खड़े हो पाए। आप लोग नचनिया बोल दिए, हार का ये भी एक और बड़ा कारण था। आपने हम पर कटाक्ष कर भोजपुरी समाज को दुख पहुंचाया।”

लोगों की प्रतिक्रियाएं: आदर्श नारायण सिंह ने लिखा कि ‘अब असली नचनिया तो ये लोग खुद हैं जिनको मां सरस्वती का आशीर्वाद भी नहीं मिला है, देखिये कैसे अब इधर-उधर नाचेंगे नचनिया वर्ग समाजवादी पार्टी के लोग।’ विधायक श्याम धनी ने लिखा कि ‘लोक कलाकार हर रूप में समाज का आईना होता है। दिनेश लाल यादव जी हमारे उत्तर प्रदेश के युवाओं के चहेते हैं, तभी तो आर्यमगढ़ ने अपना प्रतिनिधित्व करने का दायित्व दिया है।’

प्रदीप यादव नाम के यूजर ने लिखा कि ‘चुनाव है जीत/हार चलती है लेकिन मां सरस्वती को बीच में लाकर भक्ति कार्ड मत खेलो माननीय, तोर लहंगा उठा देब रीमोट से… इसी टाइप के गाना गाने के लिए सरस्वती जी आशीर्वाद दी हैं?’ अरविंद नाम के यूजर ने लिखा कि ‘रवि किशन जी आपको पैसे की कोई कमी नहीं है, फिर भी आपको पेंशन की सुविधाएं मिलेगी और एक गरीब किसान का बच्चा इस सेना में भर्ती होकर वापस आएगा तो उसके हाथ खाली रहेंगे तो आप मुझे बताएं क्या आपको और आप जैसे नेताओं को पेशन क्यों मिलनी चाहिए?’

राहुल सिंह नाम के यूजर ने लिखा कि ‘अंग प्रदर्शन को मां सरस्वती के कला से मत जोड़ो, जो हो वह तो बोला ही जाएगा। गलती तुम लोगों की नहीं हैं उस पार्टी की है जो तुम्हे टिकट देती है। उस जनता की है जो तुम्हें जिता देती है। तुम जितने एक्टर सांसद या विधायक बने हो, सोच कर बताओ क्या काम किए हो जनता के लिए? केवल चापलूसी छोड़कर।’ अतुल सेठ ने लिखा कि ‘आम को आम नहीं तो क्या इमली बोले । हाथी की पीठ पर चढ़कर कमल खिला कर हवा में मत उड़िये, पैर जमीन पर रखिए।’

आनंद कौशल ने लिखा कि ‘भोजपुरी संस्कृति का जितना बंटाधार आप लोगों ने किया है ना, शायद ही कोई कर पाएगा। आप लोग नचनिया ही हैं और रहेंगे भी। मां सरस्वती ऐसे अपमानित करने को नहीं कहती अपनी मातृभूमि को।’ अनुराग यादव ने लिखा कि ‘फूहड़ता से शुरुआत करने वाले कृपया मां सरस्वती का नाम ना खराब करें ! रिमोट से लहंगा उठाने जैसे गाने कला की श्रेणी में नहीं आते हैं।’ जीत की बधाई है लेकिन बातें बनाने से अच्छा होगा कि काम करें।’

बता दें कि दिनेश लाल यादव ने 2019 लोकसभा चुनाव में आजमगढ़ से अखिलेश यादव के खिलाफ चुनाव लड़ा था लेकिन उस वक्त उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अब अखिलेश यादव अपनी लोकसभा सीट छोड़कर यूपी विधानसभा के सदस्य बन गये हैं। ऐसे में समाजवादी पार्टी ने धर्मेद्र यादव को मैदान में उतारा था लेकिन दिनेशलाल यादव चुनाव जीतने में कामयाब हो गये।

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